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Firozabad News: भैंस व्यापारी बन आए पड़ोसी गांव के युवकों ने 9 ग्रामीणों से आठ लाख ठगे
Sun, 19 Jul 2026 12:18 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sun, 19 Jul 2026 12:18 AM IST
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जसराना। गांव नगला सुखी के पशुपालकों के साथ पड़ोसी गांव के चार युवकों ने 11 भैंसें खरीदने के नाम पर 8 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ितों ने कोतवाली में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
गांव नगला सुखी निवासी सतीश चंद्र द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि उनके पड़ोस के गांव के रहने वाले चार युवक गांव में आए और भैंस खरीदने की इच्छा जताई। उनके झांसे में आकर सतीश चंद्र के अलावा पिंटू, सामंत सिंह, अरुण, धर्मपाल, अवनीश, विकास, नीलेश और वीरपाल ने अपनी-अपनी भैंसें बेचने पर सहमति दे दी। कुल 11 भैंसों का सौदा 8 लाख रुपये से अधिक में तय हुआ। 16 जुलाई को चारों युवक गांव पहुंचे और भैंसों को ले जाने लगे। जब पशुपालकों ने अपने पैसे मांगे, तो आरोपियों ने 17 जुलाई को पूरा भुगतान करने का वादा किया। पड़ोसी गांव के होने और पहले भी गांव में आने-जाने के कारण ग्रामीणों ने उन पर भरोसा कर लिया और बिना पैसे लिए भैंसें सौंप दीं। वादे के मुताबिक जब 17 जुलाई को आरोपी पैसे देने नहीं पहुंचे, तो शाम के समय पीड़ित उनके घर जा पहुंचे। वहां पता चला कि चारों आरोपी घर से लापता हैं और उनके परिजन ने भी इस मामले में कोई जानकारी होने से साफ इन्कार कर दिया। ठगी का एहसास होते ही पीड़ितों के होश उड़ गए। पुलिस को सूचना दी। जसराना पुलिस ने छानबीन की और दो लोगों को हिरासत में ले लिया है। सीओ प्रेमशंकर के मुताबिक, मामले की जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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गांव नगला सुखी निवासी सतीश चंद्र द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि उनके पड़ोस के गांव के रहने वाले चार युवक गांव में आए और भैंस खरीदने की इच्छा जताई। उनके झांसे में आकर सतीश चंद्र के अलावा पिंटू, सामंत सिंह, अरुण, धर्मपाल, अवनीश, विकास, नीलेश और वीरपाल ने अपनी-अपनी भैंसें बेचने पर सहमति दे दी। कुल 11 भैंसों का सौदा 8 लाख रुपये से अधिक में तय हुआ। 16 जुलाई को चारों युवक गांव पहुंचे और भैंसों को ले जाने लगे। जब पशुपालकों ने अपने पैसे मांगे, तो आरोपियों ने 17 जुलाई को पूरा भुगतान करने का वादा किया। पड़ोसी गांव के होने और पहले भी गांव में आने-जाने के कारण ग्रामीणों ने उन पर भरोसा कर लिया और बिना पैसे लिए भैंसें सौंप दीं। वादे के मुताबिक जब 17 जुलाई को आरोपी पैसे देने नहीं पहुंचे, तो शाम के समय पीड़ित उनके घर जा पहुंचे। वहां पता चला कि चारों आरोपी घर से लापता हैं और उनके परिजन ने भी इस मामले में कोई जानकारी होने से साफ इन्कार कर दिया। ठगी का एहसास होते ही पीड़ितों के होश उड़ गए। पुलिस को सूचना दी। जसराना पुलिस ने छानबीन की और दो लोगों को हिरासत में ले लिया है। सीओ प्रेमशंकर के मुताबिक, मामले की जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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