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असधना गांव में आज रोेपे जाएंगे औषधीय पौधे
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- फोटो : GHATAMPUR
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घाटमपुर (कानपुर)। असधना गांव स्थित रामसेवक वर्मा औषधीय उद्यान में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर औषधीय पौधों का रोपण करने का लक्ष्य तय किया गया है। विभिन्न प्रजातियों के पौधे मंगवाए गए हैं। इनमें नारियल, सुपाड़ी और मलेशियाई लीची के पौधे मुख्य हैं।
गांव निवासी रोहित उमराव ने बताया कि स्व.रामसेवक वर्मा ने बाग तैयार किया था। बताया कि बगीचे में औषधीय उद्यान तैयार किया था। बताया कि उनकी सोच को आगे बढ़ाने के लिए इसबार 15 अगस्त के दिन औषधीय उद्यान में कुछ नई प्रजातियों के पौधे रोपने का लक्ष्य तय किया गया है। वहीं, खाली जगह में तुलसी, निर्गुंडी, बड़ी इलायची, कालमेघ, श्यामा हल्दी, अश्वगंधा और शतावर भी लगाए जाने हैं। कार्यक्रम संरक्षक गायत्री वर्मा ने बताया कि इन पौधों को मंगवा लिया गया है।
बता देंकि फतेहपुर जनपद की सीमा से जुड़े असधना गांव में सन 1920 में जन्मे स्व.रामसेवक वर्मा साधारण किसान थे। गांव में शिक्षा की कमी को देखते हुए उन्होने असधना गांव में कन्या विद्यालय की स्थापना के साथ ही वाचनालय और रेडियो चौपाल की स्थापना की थी। गांव वालों ने बताया कि स्व. रामसेवक वर्मा को बाग-बगीचे लगाने का काफी शौक था। उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार उनका अंतिम संस्कार भी उनके बाग में किया गया था।
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गांव निवासी रोहित उमराव ने बताया कि स्व.रामसेवक वर्मा ने बाग तैयार किया था। बताया कि बगीचे में औषधीय उद्यान तैयार किया था। बताया कि उनकी सोच को आगे बढ़ाने के लिए इसबार 15 अगस्त के दिन औषधीय उद्यान में कुछ नई प्रजातियों के पौधे रोपने का लक्ष्य तय किया गया है। वहीं, खाली जगह में तुलसी, निर्गुंडी, बड़ी इलायची, कालमेघ, श्यामा हल्दी, अश्वगंधा और शतावर भी लगाए जाने हैं। कार्यक्रम संरक्षक गायत्री वर्मा ने बताया कि इन पौधों को मंगवा लिया गया है।
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बता देंकि फतेहपुर जनपद की सीमा से जुड़े असधना गांव में सन 1920 में जन्मे स्व.रामसेवक वर्मा साधारण किसान थे। गांव में शिक्षा की कमी को देखते हुए उन्होने असधना गांव में कन्या विद्यालय की स्थापना के साथ ही वाचनालय और रेडियो चौपाल की स्थापना की थी। गांव वालों ने बताया कि स्व. रामसेवक वर्मा को बाग-बगीचे लगाने का काफी शौक था। उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार उनका अंतिम संस्कार भी उनके बाग में किया गया था।