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Ghazipur News: महादेव से पहले भक्तों को होंगे जलभराव, जर्जर सड़कों और बिजली के लटकते तारों के दर्शन
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ग्राउंड रिपोर्ट की खबर में....महाहर धाम बाजार के पास 11 हजार हाइटेंशन बिजली के तार पर गिरा पेड़
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गाजीपुर। सावन शुरू होने में महज 13 दिन का समय शेष है। लेकिन जिला प्रशासन की ओर से कांवड़ यात्रा को लेकर अब तक कोई तैयारी नहीं की गई है। जलाभिषेक करने से पहले शिवभक्तों को जलभराव, जर्जर सड़कों, जाम नालियों व बिजली के लटकते जर्जर तारों का सामना करना होगा। यह स्थिति उस समय है, जनपद में कांवड़ यात्रा को लेकर शिवभक्तों में विशेष उत्साह रहता है। अनुमान है कि जिले के प्रमुख सात शिवधामों पर सावन भर में करीब 9.72 लाख कांवड़िये महादेव का जलाभिषेक करेंगे।
शिवभक्तों को विशेष सुविधा देने की बात छोड़िए, उनके लिए बुनियादी सुविधाएं तक मुहैया नहीं कराई गई हैं। जनपद के प्रमुख शिव मंदिरों तक जाने वाली सड़कें बदहाल हैं। नाली का पानी सड़क पर आ जाने के कारण तीन फीट तक जलभराव की स्थिति है। इन मार्गों पर न तो स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था है और न ही पेयजल की सुविधा। विश्रामालय व पार्किंग की सुविधा भी नदारद है। खुली नालियां व बिजली के लटके जर्जर तार के जद में कोई कांवड़िया आ गया, तो हादसा होना तय है। लेकिन इन कमियों को अब तक दुरुस्त नहीं किया गया है। जनपद के प्रमुख छह शिव धाम में मरदह क्षेत्र का महाहर, खानपुर का बिछुड़नाथ मंदिर, असावर स्थित बुढ़वा महादेव, देवकली ब्लॉक क्षेत्र का चौमुखनाथ, गहमर गांव के नजदीक मनभद्र बाबा मंदिर, देवकली स्थित शिव मंदिर व गहमर स्थित बुढ़वा महादेव मंदिर प्रमुख है।
केस एक : गड्ढों में जलभराव, लटक रहे तार
मरदह क्षेत्र में महाहर धाम जनपद का प्रमुख शिव मंदिर है। सावन में मुख्यालय से लेकर करीब 65 गांवों के शिवभक्त सावन में मत्था टेकते हैं। महाहर धाम से चार सड़कें जुड़ती हैं। पृथ्वीपुर-महाहर धाम मार्ग के एक किलोमीटर के हिस्से में जगह-जगह गड्ढे हैं। गड्ढों में पानी इकट्ठा होने के कारण जलभराव की स्थिति है। महाहर धाम बाजार के पास बिजली का जर्जर तार लटका हुआ है। सक्कापुर के पास सड़क किनारे सरपतें लहलहा रहीं हैं। इनके अंदर से इनकी छंटाई तक नहीं कराई गई। महाहर धाम शिव मंदिर समिति के अध्यक्ष डॉ. रामप्रवेश सिंह ने बताया कि पूरे सावन में करीब सात लाख लोग दर्शन करते हैं।
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केस दो :
देवकली ब्लॉक मुख्यालय से आठ किलोमीटर की दूरी पर बाबा चौमुखनाथ धाम है। भितरी बाजार के पास सड़क के डेढ़ किलोमीटर के हिस्से में ढाई से तीन फीट तक जलभराव है। जबकि अभी बारिश भी नहीं हुई है। जलनिकासी की व्यवस्था अच्छी न है। यह समस्या एक वर्ष से बनी है, लेकिन सावन को देखते हुए भी इसका निस्तारण नहीं किया जा रहा है। मंदिर समिति के व्यवस्थापक सुधीर पांडेय ने बताया कि बाबा चौमुखनाथ धाम पर सावन में करीब 70 हजार लोग जलाभिषेक करते हैं।
केस तीन :
गहमर गांव के नजदीक कर्मनाशा नदी के पास मनभद्र बाबा का मंदिर है। यहां सावन में आसपास के 27 गांवों के साथ ही बिहार के भी श्रद्धालु आते हैं। गहमर-मनभद्र बाबा मंदिर के जाने वाले मार्ग पर जलभराव व कीचड़ की स्थिति है। इसके कारण फिसलन की नौबत आ गई है। अगर मार्ग की यही दशा रहा तो कांवड़ियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। एक किलोमीटर तक मार्ग बदहाल है। नरवा गंगा घाट जहां से कांवड़िए जल भरते हैं, उस मार्ग पर खुले में ट्रांसफॉर्मर है।
केस चार :
करीमुद्दीनपुर क्षेत्र के असावर में बुढ़वा महादेव मंदिर है। आसपास के 23 गांवों के लोग यहां जलाभिषेक करते हैं। असावर गांव के मार्ग के पास बड़ा गड्ढा है। इसको भरा नहीं गया है। गड्ढे में पानी इकट्ठा हो गया है, इसके कारण इसकी स्थिति खतरनाक हो गई है। साथ ही मंदिर के बगल में सामुदायिक शौचालय स्थित है, जो कि बदहाल हो चुका है। इसमें दरवाजे तक नहीं हैं। ऐसे में सावन में आने वाले शिवभक्तों को खासी दुश्वारियों का सामना करना पड़ेगा।
जब जनपद के प्रमुख शिवमंदिरों के जाने वाले मार्गों को बेहतर नहीं किया गया है, तो अन्य मंदिरों के आसपास की स्थिति क्या होगी, इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। - सूर्यदेव तिवारी, असावर
महाहर धाम का प्रमुख शिवधाम है। इसके बावजूद जिम्मेदारों की ओर से अब तक कोई व्यवस्था नहीं की गई है। कम से कम लटकते जर्जर तार को दुरुस्त करा देना चाहिए। - बृजभूषण वर्मा, महाहर धाम
ध्रुवार्जुन गांव में चौमुखनाथ धाम स्थित है। यहां तक पहुंचने के लिए भितरी बाजार प्रमुख रास्ता है। भितरी बाजार में नाली का गंदा पानी सड़क पर जगह-जगह 3 फीट तक इकट्ठा हो गया है।- पंकज राय, ध्रुवार्जुन
सावन में शिवभक्तों के लिए अधिकांश व्यवस्थाएं स्वयंसेवी संस्थाओं की ओर से कराई जाती है। प्रशासन को भी अपनी भूमिका का निर्वहन करना चाहिए।- जोगिंदर सिंह, खानपुर
यहां भी है बदहाली की स्थिति
भदौरा विकासखंड क्षेत्र में देवकली शिव मंदिर परिसर में सावन महीने में मेला का आयोजन किया जाता है। इसमें आसपास के 30 गांवों के 45 हजार लोग आते हैं। देवकली शिव मंदिर को जाने वाले मार्ग की पिच जगह-जगह से 800 मीटर तक उखड़ी हुई है। इसके कारण गिट्टियां उभर आई हैं। इसके कारण कांवड़ यात्रा करने वाले शिवभक्तों के पैरों में गिट्टियां चुभेंगी। गहमर से मनभद्र बाबा मंदिर को जाने वाले खंडजा मार्ग पर मिट्टी पसरी हुई है। किनारे-किनारे पानी इकट्ठा है। इसके कारण फिसलन की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
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बंदरों के आतंक से परेशान लोग
खानपुर क्षेत्र के बिछुनाथ मंदिर परिसर में पानी टंकी क्षतिग्रस्त है। मंदिर परिसर में बंदरों का आतंक है। शौचालय की कोई सुविधा नहीं है। मंदिर तक जाने वाला मार्ग 700 मीटर तक बदहाल है। कहीं कीचड़ पसरा है, तो कहीं मार्ग क्षतिग्रस्त है। जबकि सावन में मंदिर परिसर में 30 हजार लोग मत्था टेकते हैं।
सात प्रमुख शिवमंदिरों में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं का ब्योरा-
मंदिर शिवभक्तों की संख्या
महाहर धाम 7 लाख
चौमुखनाथ 67 हजार
मनभद्र बाबा 70 हजार
देवकली शिव मंदिर 45 हजार
बिछुड़नाथ 30 हजार
असावर स्थित बुढ़वा महादेव 20 हजार
गहमर स्थित बुढ़वा महादेव 40 हजार
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शिवभक्तों को विशेष सुविधा देने की बात छोड़िए, उनके लिए बुनियादी सुविधाएं तक मुहैया नहीं कराई गई हैं। जनपद के प्रमुख शिव मंदिरों तक जाने वाली सड़कें बदहाल हैं। नाली का पानी सड़क पर आ जाने के कारण तीन फीट तक जलभराव की स्थिति है। इन मार्गों पर न तो स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था है और न ही पेयजल की सुविधा। विश्रामालय व पार्किंग की सुविधा भी नदारद है। खुली नालियां व बिजली के लटके जर्जर तार के जद में कोई कांवड़िया आ गया, तो हादसा होना तय है। लेकिन इन कमियों को अब तक दुरुस्त नहीं किया गया है। जनपद के प्रमुख छह शिव धाम में मरदह क्षेत्र का महाहर, खानपुर का बिछुड़नाथ मंदिर, असावर स्थित बुढ़वा महादेव, देवकली ब्लॉक क्षेत्र का चौमुखनाथ, गहमर गांव के नजदीक मनभद्र बाबा मंदिर, देवकली स्थित शिव मंदिर व गहमर स्थित बुढ़वा महादेव मंदिर प्रमुख है।
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केस एक : गड्ढों में जलभराव, लटक रहे तार
मरदह क्षेत्र में महाहर धाम जनपद का प्रमुख शिव मंदिर है। सावन में मुख्यालय से लेकर करीब 65 गांवों के शिवभक्त सावन में मत्था टेकते हैं। महाहर धाम से चार सड़कें जुड़ती हैं। पृथ्वीपुर-महाहर धाम मार्ग के एक किलोमीटर के हिस्से में जगह-जगह गड्ढे हैं। गड्ढों में पानी इकट्ठा होने के कारण जलभराव की स्थिति है। महाहर धाम बाजार के पास बिजली का जर्जर तार लटका हुआ है। सक्कापुर के पास सड़क किनारे सरपतें लहलहा रहीं हैं। इनके अंदर से इनकी छंटाई तक नहीं कराई गई। महाहर धाम शिव मंदिर समिति के अध्यक्ष डॉ. रामप्रवेश सिंह ने बताया कि पूरे सावन में करीब सात लाख लोग दर्शन करते हैं।
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देवकली ब्लॉक मुख्यालय से आठ किलोमीटर की दूरी पर बाबा चौमुखनाथ धाम है। भितरी बाजार के पास सड़क के डेढ़ किलोमीटर के हिस्से में ढाई से तीन फीट तक जलभराव है। जबकि अभी बारिश भी नहीं हुई है। जलनिकासी की व्यवस्था अच्छी न है। यह समस्या एक वर्ष से बनी है, लेकिन सावन को देखते हुए भी इसका निस्तारण नहीं किया जा रहा है। मंदिर समिति के व्यवस्थापक सुधीर पांडेय ने बताया कि बाबा चौमुखनाथ धाम पर सावन में करीब 70 हजार लोग जलाभिषेक करते हैं।
केस तीन :
गहमर गांव के नजदीक कर्मनाशा नदी के पास मनभद्र बाबा का मंदिर है। यहां सावन में आसपास के 27 गांवों के साथ ही बिहार के भी श्रद्धालु आते हैं। गहमर-मनभद्र बाबा मंदिर के जाने वाले मार्ग पर जलभराव व कीचड़ की स्थिति है। इसके कारण फिसलन की नौबत आ गई है। अगर मार्ग की यही दशा रहा तो कांवड़ियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। एक किलोमीटर तक मार्ग बदहाल है। नरवा गंगा घाट जहां से कांवड़िए जल भरते हैं, उस मार्ग पर खुले में ट्रांसफॉर्मर है।
केस चार :
करीमुद्दीनपुर क्षेत्र के असावर में बुढ़वा महादेव मंदिर है। आसपास के 23 गांवों के लोग यहां जलाभिषेक करते हैं। असावर गांव के मार्ग के पास बड़ा गड्ढा है। इसको भरा नहीं गया है। गड्ढे में पानी इकट्ठा हो गया है, इसके कारण इसकी स्थिति खतरनाक हो गई है। साथ ही मंदिर के बगल में सामुदायिक शौचालय स्थित है, जो कि बदहाल हो चुका है। इसमें दरवाजे तक नहीं हैं। ऐसे में सावन में आने वाले शिवभक्तों को खासी दुश्वारियों का सामना करना पड़ेगा।
जब जनपद के प्रमुख शिवमंदिरों के जाने वाले मार्गों को बेहतर नहीं किया गया है, तो अन्य मंदिरों के आसपास की स्थिति क्या होगी, इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। - सूर्यदेव तिवारी, असावर
महाहर धाम का प्रमुख शिवधाम है। इसके बावजूद जिम्मेदारों की ओर से अब तक कोई व्यवस्था नहीं की गई है। कम से कम लटकते जर्जर तार को दुरुस्त करा देना चाहिए। - बृजभूषण वर्मा, महाहर धाम
ध्रुवार्जुन गांव में चौमुखनाथ धाम स्थित है। यहां तक पहुंचने के लिए भितरी बाजार प्रमुख रास्ता है। भितरी बाजार में नाली का गंदा पानी सड़क पर जगह-जगह 3 फीट तक इकट्ठा हो गया है।- पंकज राय, ध्रुवार्जुन
सावन में शिवभक्तों के लिए अधिकांश व्यवस्थाएं स्वयंसेवी संस्थाओं की ओर से कराई जाती है। प्रशासन को भी अपनी भूमिका का निर्वहन करना चाहिए।- जोगिंदर सिंह, खानपुर
यहां भी है बदहाली की स्थिति
भदौरा विकासखंड क्षेत्र में देवकली शिव मंदिर परिसर में सावन महीने में मेला का आयोजन किया जाता है। इसमें आसपास के 30 गांवों के 45 हजार लोग आते हैं। देवकली शिव मंदिर को जाने वाले मार्ग की पिच जगह-जगह से 800 मीटर तक उखड़ी हुई है। इसके कारण गिट्टियां उभर आई हैं। इसके कारण कांवड़ यात्रा करने वाले शिवभक्तों के पैरों में गिट्टियां चुभेंगी। गहमर से मनभद्र बाबा मंदिर को जाने वाले खंडजा मार्ग पर मिट्टी पसरी हुई है। किनारे-किनारे पानी इकट्ठा है। इसके कारण फिसलन की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
बंदरों के आतंक से परेशान लोग
खानपुर क्षेत्र के बिछुनाथ मंदिर परिसर में पानी टंकी क्षतिग्रस्त है। मंदिर परिसर में बंदरों का आतंक है। शौचालय की कोई सुविधा नहीं है। मंदिर तक जाने वाला मार्ग 700 मीटर तक बदहाल है। कहीं कीचड़ पसरा है, तो कहीं मार्ग क्षतिग्रस्त है। जबकि सावन में मंदिर परिसर में 30 हजार लोग मत्था टेकते हैं।
सात प्रमुख शिवमंदिरों में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं का ब्योरा-
मंदिर शिवभक्तों की संख्या
महाहर धाम 7 लाख
चौमुखनाथ 67 हजार
मनभद्र बाबा 70 हजार
देवकली शिव मंदिर 45 हजार
बिछुड़नाथ 30 हजार
असावर स्थित बुढ़वा महादेव 20 हजार
गहमर स्थित बुढ़वा महादेव 40 हजार

ग्राउंड रिपोर्ट की खबर में....महाहर धाम बाजार के पास 11 हजार हाइटेंशन बिजली के तार पर गिरा पेड़

ग्राउंड रिपोर्ट की खबर में....महाहर धाम बाजार के पास 11 हजार हाइटेंशन बिजली के तार पर गिरा पेड़

ग्राउंड रिपोर्ट की खबर में....महाहर धाम बाजार के पास 11 हजार हाइटेंशन बिजली के तार पर गिरा पेड़