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Gonda News: ढाई महीने में 50 ट्रांसफार्मर खराब, अवर अभियंता निलंबित
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 21 Jun 2026 11:04 PM IST
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गोंडा। कटरा ग्रामीण विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र में पिछले ढाई महीने के दौरान 50 ट्रांसफार्मरों के क्षतिग्रस्त होने के मामले में देवीपाटन ज़ोन के मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने अवर अभियंता आदर्श ओझा को निलंबित कर दिया है। उन्हें विद्युत परीक्षण खंड, गोंडा के अधिशासी अभियंता कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
मुख्य अभियंता के अनुसार, कटरा ग्रामीण क्षेत्र के सर्वांगपुर डीहा गांव में करीब 15 दिनों से विद्युत आपूर्ति बाधित थी। इस संबंध में ग्राम प्रधान उमापति त्रिपाठी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने मुख्य अभियंता से मिलकर ओवरलोड ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि की मांग की थी। शिकायत के बाद कराई गई जांच में पाया गया कि 25 केवीए क्षमता वाले ट्रांसफार्मर से निर्धारित क्षमता से 132 प्रतिशत अधिक विद्युत आपूर्ति ली जा रही थी। मुख्य अभियंता ने बताया कि अवर अभियंता को तत्काल विद्युत आपूर्ति बहाल कराने तथा ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि का प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। आरोप है कि प्रस्ताव भेजने के बजाय उन्होंने अतिरिक्त 16 केवीए क्षमता जोड़कर जल्द आपूर्ति बहाल करने का आश्वासन दिया, लेकिन कई दिनों तक समस्या का समाधान नहीं हो सका। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कटरा बाजार ग्रामीण क्षेत्र की व्यवस्थाओं की जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि एक अप्रैल से 15 जून के बीच क्षेत्र में कुल 50 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके बाद मुख्य अभियंता ने अवर अभियंता के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की।
ओवरलोड और फॉल्ट बनी प्रमुख वजह
जांच में पता चला कि क्षतिग्रस्त हुए 50 ट्रांसफार्मरों में एक ट्रांसफार्मर लो ऑयल लेवल, 15 ट्रांसफार्मर एलटी लाइन फॉल्ट तथा 34 ट्रांसफार्मर ओवरलोड के कारण खराब हुए। मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने कहा कि अवर अभियंता की लापरवाही से विभाग को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा, वहीं भीषण गर्मी के दौरान उपभोक्ताओं को भी बिजली संकट झेलना पड़ा। उन्होंने गोंडा, बहराइच और बलरामपुर के सभी अधीक्षण अभियंताओं को ट्रांसफार्मरों की नियमित निगरानी, ओवरलोडिंग रोकने और फॉल्ट की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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मुख्य अभियंता के अनुसार, कटरा ग्रामीण क्षेत्र के सर्वांगपुर डीहा गांव में करीब 15 दिनों से विद्युत आपूर्ति बाधित थी। इस संबंध में ग्राम प्रधान उमापति त्रिपाठी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने मुख्य अभियंता से मिलकर ओवरलोड ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि की मांग की थी। शिकायत के बाद कराई गई जांच में पाया गया कि 25 केवीए क्षमता वाले ट्रांसफार्मर से निर्धारित क्षमता से 132 प्रतिशत अधिक विद्युत आपूर्ति ली जा रही थी। मुख्य अभियंता ने बताया कि अवर अभियंता को तत्काल विद्युत आपूर्ति बहाल कराने तथा ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि का प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। आरोप है कि प्रस्ताव भेजने के बजाय उन्होंने अतिरिक्त 16 केवीए क्षमता जोड़कर जल्द आपूर्ति बहाल करने का आश्वासन दिया, लेकिन कई दिनों तक समस्या का समाधान नहीं हो सका। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कटरा बाजार ग्रामीण क्षेत्र की व्यवस्थाओं की जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि एक अप्रैल से 15 जून के बीच क्षेत्र में कुल 50 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके बाद मुख्य अभियंता ने अवर अभियंता के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की।
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ओवरलोड और फॉल्ट बनी प्रमुख वजह
जांच में पता चला कि क्षतिग्रस्त हुए 50 ट्रांसफार्मरों में एक ट्रांसफार्मर लो ऑयल लेवल, 15 ट्रांसफार्मर एलटी लाइन फॉल्ट तथा 34 ट्रांसफार्मर ओवरलोड के कारण खराब हुए। मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने कहा कि अवर अभियंता की लापरवाही से विभाग को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा, वहीं भीषण गर्मी के दौरान उपभोक्ताओं को भी बिजली संकट झेलना पड़ा। उन्होंने गोंडा, बहराइच और बलरामपुर के सभी अधीक्षण अभियंताओं को ट्रांसफार्मरों की नियमित निगरानी, ओवरलोडिंग रोकने और फॉल्ट की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।