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Gonda News: 71 दिन बीते, दर्ज नहीं हुई सीआईएफ घोटाले में एफआईआर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 05 Apr 2026 11:49 PM IST
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रुपईडीह/गोंडा। राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत भारत सरकार की प्राथमिकता वाले आकांक्षी ब्लॉक रुपईडीह में हुए सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ) घोटाले में तहरीर देने के 71 दिन बाद भी प्राथमिकी नहीं दर्ज हो सकी है। आरोप है कि अधिकारियों से मिलीभगत करके चुनिंदा स्वयं सहायता समूह, ग्राम संगठन और संकुल संघ के पदाधिकारियों ने करोड़ों रुपये का बंदरबांट कर लिया है।
डीडीओ की अध्यक्षता में हुई जांच रिपोर्ट के आधार पर एडीओ आईएसबी विष्णु प्रजापति ने बीते 24 जनवरी को खरगूपुर थाने में तहरीर दी थी। बैंकों के वाउचर से घोटाले की पुष्टि हुई है। सीडीओ अंकिता जैन ने डीसी एनआरएलएम जेएन राव को कार्रवाई के निर्देश दिए। सीडीओ की सख्ती पर डीसी ने भी ब्लॉक के अधिकारियों को जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए।
विष्णु प्रजापति ने बताया कि खरगूपुर थाने में तहरीर दी गई। मगर पुलिस ने अभी तक प्राथमिकी नहीं दर्ज की है। नवागत प्रभारी निरीक्षक गोविंद कुमार ने बताया कि तहरीर की उन्हें जानकारी नहीं है। किसी काम से बाहर हैं। थाने पहुंचकर जानकारी के बाद ही कुछ बता सकेंगे।
इसलिए नहीं दर्ज हो पा रही प्राथमिकी
विभागीय सूत्रों का कहना है कि घोटाले की रकम अधिक होने के कारण जांच आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा या अन्य किसी बड़ी एजेंसी को न चली जाए, इस वजह से अधिकारियों की ओर से एक जांच रिपोर्ट पर अनेक प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए जरूरी प्रयास किए गए हैं। खरगूपुर पुलिस इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले में पहले ही चार प्राथमिकी दर्ज कर चुकी है। इसी मामले में और प्राथमिकी दर्ज करने से पुलिस कतरा रही है।
उच्चाधिकारियों से किया जाएगा पत्राचार
सरकारी धन के गबन का मामला है। ऐसे में प्राथमिकी न दर्ज करना समझ से परे है। इस मामले में पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया जाएगा। बाकी आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के प्रयास किए जाएंगे।
-- जेएन राव, उपायुक्त, एनआरएलएम
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डीडीओ की अध्यक्षता में हुई जांच रिपोर्ट के आधार पर एडीओ आईएसबी विष्णु प्रजापति ने बीते 24 जनवरी को खरगूपुर थाने में तहरीर दी थी। बैंकों के वाउचर से घोटाले की पुष्टि हुई है। सीडीओ अंकिता जैन ने डीसी एनआरएलएम जेएन राव को कार्रवाई के निर्देश दिए। सीडीओ की सख्ती पर डीसी ने भी ब्लॉक के अधिकारियों को जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए।
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विष्णु प्रजापति ने बताया कि खरगूपुर थाने में तहरीर दी गई। मगर पुलिस ने अभी तक प्राथमिकी नहीं दर्ज की है। नवागत प्रभारी निरीक्षक गोविंद कुमार ने बताया कि तहरीर की उन्हें जानकारी नहीं है। किसी काम से बाहर हैं। थाने पहुंचकर जानकारी के बाद ही कुछ बता सकेंगे।
इसलिए नहीं दर्ज हो पा रही प्राथमिकी
विभागीय सूत्रों का कहना है कि घोटाले की रकम अधिक होने के कारण जांच आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा या अन्य किसी बड़ी एजेंसी को न चली जाए, इस वजह से अधिकारियों की ओर से एक जांच रिपोर्ट पर अनेक प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए जरूरी प्रयास किए गए हैं। खरगूपुर पुलिस इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले में पहले ही चार प्राथमिकी दर्ज कर चुकी है। इसी मामले में और प्राथमिकी दर्ज करने से पुलिस कतरा रही है।
उच्चाधिकारियों से किया जाएगा पत्राचार
सरकारी धन के गबन का मामला है। ऐसे में प्राथमिकी न दर्ज करना समझ से परे है। इस मामले में पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया जाएगा। बाकी आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के प्रयास किए जाएंगे।