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Gonda News: गांव में लगी अदालत और मौके पर ही हुआ फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 20 Mar 2026 10:59 PM IST
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करनैलगंज में न्यायालय आपके द्वार कार्यक्रम के तहत सुनवाई करतीं एसडीएम नेहा मिश्रा। स्रोत: विभाग
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करनैलगंज। आम लोगों को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से एसडीएम नेहा मिश्रा ने न्यायालय आपके द्वार कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस पहल के तहत शुक्रवार शाम न्यायालय में लंबित एक मामले की सुनवाई सीधे गांव पहुंचकर की गई और मौके पर ही उसका निस्तारण कर दिया गया। इस नई व्यवस्था की लोगों ने सराहना की है।
एसडीएम ने बताया कि ग्राम पारा निवासी शिवदेवी व मायावती के बीच दाखिल-खारिज का वाद कई वर्षों से उनके न्यायालय में विचाराधीन था। मामले के निस्तारण के लिए दोनों पक्षों को लेखपाल और राजस्व निरीक्षक के माध्यम से सूचना देकर मौके पर बुलाया गया। गांव में ही दोनों पक्षों की बात सुनी गई, ग्रामीणों के बयान दर्ज किए गए और अभिलेखों की जांच के बाद मामले का निस्तारण कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि न्यायालय आपके द्वार कार्यक्रम के तहत अब राजस्व संबंधी मामलों की सुनवाई संबंधित गांव में जाकर की जाएगी। इस दौरान संबंधित लेखपाल, राजस्व निरीक्षक और अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहेंगे तथा मौके पर ही पत्रावलियों की जांच, बयान और आवश्यक कार्यवाही पूरी की जाएगी। एसडीएम ने कहा कि इस पहल से पुराने मुकदमों की संख्या कम होगी और वादकारियों को बार-बार तहसील या न्यायालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। लोगों को उनके गांव में ही न्याय मिलने से समय और धन की बचत होगी। उन्होंने बताया कि तहसील क्षेत्र में इस अभियान को लगातार चलाया जाएगा और लंबे समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाएगा।
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एसडीएम ने बताया कि ग्राम पारा निवासी शिवदेवी व मायावती के बीच दाखिल-खारिज का वाद कई वर्षों से उनके न्यायालय में विचाराधीन था। मामले के निस्तारण के लिए दोनों पक्षों को लेखपाल और राजस्व निरीक्षक के माध्यम से सूचना देकर मौके पर बुलाया गया। गांव में ही दोनों पक्षों की बात सुनी गई, ग्रामीणों के बयान दर्ज किए गए और अभिलेखों की जांच के बाद मामले का निस्तारण कर दिया गया।
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उन्होंने बताया कि न्यायालय आपके द्वार कार्यक्रम के तहत अब राजस्व संबंधी मामलों की सुनवाई संबंधित गांव में जाकर की जाएगी। इस दौरान संबंधित लेखपाल, राजस्व निरीक्षक और अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहेंगे तथा मौके पर ही पत्रावलियों की जांच, बयान और आवश्यक कार्यवाही पूरी की जाएगी। एसडीएम ने कहा कि इस पहल से पुराने मुकदमों की संख्या कम होगी और वादकारियों को बार-बार तहसील या न्यायालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। लोगों को उनके गांव में ही न्याय मिलने से समय और धन की बचत होगी। उन्होंने बताया कि तहसील क्षेत्र में इस अभियान को लगातार चलाया जाएगा और लंबे समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाएगा।