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Gonda News: तीन-चार दिन लाइन लगने पर भी नहीं मिल रहा सिलिंडर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 19 Mar 2026 11:28 PM IST
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गोंडा। शहर के आईटीआई मैदान में बृहस्पतिवार को सूरज चढ़ने से पहले ही गैस सिलिंडर के लिए लोगों की लंबी कतार लग गई थी। दोपहर दो बजे के बाद लोगों की उम्मीदें टूटने लगीं। चार दिन से यहां हर दिन यही नजारा देखने को मिल रहा है, लेकिन गैस वितरण की स्थिति सुधर नहीं पा रही है।
15 से 20 किलोमीटर दूर से आने वाले लोग भी घंटों लाइन में खड़े रहते हैं और आखिर में निराश होकर लौट जाते हैं। पतिसा के धर्मेंद्र सैनी ने बताया कि तीन दिन से लगातार आ रहा हूं... हर बार यही कहा जाता है कि कल आना। गांव 20 किलोमीटर दूर है, लेकिन क्या करें, मजबूरी है।
चिलबिला खत्तीपुर के शिवकुमार की कहानी भी कुछ अलग नहीं। उन्होंने बताया कि 17 व 18 मार्च को भी आया था, आज भी सुबह से खड़ा हूं, किन गैस नहीं मिली। अब तो ईंटों का चूल्हा बनाकर खाना बनाना पड़ रहा है।
परेड सरकार के बबलू लाल बताते हैं कि बुधवार को पूरा दिन लाइन में बिताया, लेकिन नंबर आते-आते सिलिंडर खत्म हो गए। आज फिर आए हैं, लेकिन लगता है आज भी खाली हाथ ही लौटना पड़ेगा। मनकापुर और बभनजोत की गैस एजेंसियों का भी यही हाल है। लोगों का आरोप है कि मोबाइल पर डिलीवरी का मेसेज तो आ जाता है, लेकिन एजेंसी पर सिलिंडर नहीं मिलता। इससे नाराजगी लगातार बढ़ रही है।
g त्योहार फीका रहने की चिंता : आईटीआई मैदान में लाइन में खड़ी रामरती ने बताया कि नवरात्र में हर बार कुटू की पूड़ी व फलाहारी सब्जी बनती थी, लेकिन इस बार सिर्फ आलू से काम चलाना पड़ेगा। पटेलनगर की फरजाना की आवाज में भी मायूसी झलकती है। ईद पर पकवान बनते हैं, मेहमान आते हैं, लेकिन इस बार गैस नहीं है। त्योहार फीका रहने की चिंता परेशान कर रही है।
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15 से 20 किलोमीटर दूर से आने वाले लोग भी घंटों लाइन में खड़े रहते हैं और आखिर में निराश होकर लौट जाते हैं। पतिसा के धर्मेंद्र सैनी ने बताया कि तीन दिन से लगातार आ रहा हूं... हर बार यही कहा जाता है कि कल आना। गांव 20 किलोमीटर दूर है, लेकिन क्या करें, मजबूरी है।
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चिलबिला खत्तीपुर के शिवकुमार की कहानी भी कुछ अलग नहीं। उन्होंने बताया कि 17 व 18 मार्च को भी आया था, आज भी सुबह से खड़ा हूं, किन गैस नहीं मिली। अब तो ईंटों का चूल्हा बनाकर खाना बनाना पड़ रहा है।
परेड सरकार के बबलू लाल बताते हैं कि बुधवार को पूरा दिन लाइन में बिताया, लेकिन नंबर आते-आते सिलिंडर खत्म हो गए। आज फिर आए हैं, लेकिन लगता है आज भी खाली हाथ ही लौटना पड़ेगा। मनकापुर और बभनजोत की गैस एजेंसियों का भी यही हाल है। लोगों का आरोप है कि मोबाइल पर डिलीवरी का मेसेज तो आ जाता है, लेकिन एजेंसी पर सिलिंडर नहीं मिलता। इससे नाराजगी लगातार बढ़ रही है।
g त्योहार फीका रहने की चिंता : आईटीआई मैदान में लाइन में खड़ी रामरती ने बताया कि नवरात्र में हर बार कुटू की पूड़ी व फलाहारी सब्जी बनती थी, लेकिन इस बार सिर्फ आलू से काम चलाना पड़ेगा। पटेलनगर की फरजाना की आवाज में भी मायूसी झलकती है। ईद पर पकवान बनते हैं, मेहमान आते हैं, लेकिन इस बार गैस नहीं है। त्योहार फीका रहने की चिंता परेशान कर रही है।