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Gonda News: हादसों में मेडिकल स्टोर संचालक व मजदूर की मौत
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 24 Mar 2026 11:20 PM IST
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नागेश तिवारी व विज्ञान पुरी। फाइल फोटो
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मनकापुर/करनैलगंज/झंझरी। जिले में सोमवार रात हुए दो हादसों ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। मनकापुर में अज्ञात वाहन की चपेट में आने से मेडिकल स्टोर संचालक की मौत हो गई और करनैलगंज में इयरफोन लगाकर ट्रैक पार करते समय मजदूर ट्रेन की चपेट में आ गया।
मनकापुर के तेंदुवा कला निवासी नागेश तिवारी (36) का अंधियारी चौराहे के पास मेडिकल स्टोर है। सोमवार रात आठ बजे वह मेडिकल स्टोर बंद करके बाइक से घर जा रहे थे। मरौचा पुल के पास अज्ञात वाहन की चपेट में आने से नागेश गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोगों ने उन्हें सीएचसी पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। कोतवाल अरविंद सिंह ने बताया कि बाइक सवार नागेश तिवारी ने हेलमेट नहीं लगा रखा था, इससे सिर में गंभीर चोट लगने से उनकी मौत हुई है।
करनैलगंज के बिबियापुर गोसाई पुरवा निवासी विज्ञान पुरी (36) मजदूरी करके सोमवार देर शाम घर लौट रहे थे। सरयू रेलवे स्टेशन के समीप रेलवे क्रॉसिंग पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से कटकर उनकी मौत हो गई। मृतक के बड़े भाई ज्ञान पुरी ने बताया कि विज्ञान प्रतिदिन सुबह घर से मजदूरी करने जाते थे और रात में लौटते थे। कभी गांव में तो कभी बहराइच के जरवल, करनैलगंज व भंभुआ में मजदूरी करते थे। सोमवार को देर रात तक वह घर नहीं पहुंचे तो खोजबीन शुरू की गई। इसी दौरान पता चला कि रेल ट्रैक पार करते समय विज्ञान की मौत हो गई। जीआरपी कोतवाल दिनेश पांडेय ने बताया कि मजदूर कान में इयरफोन लगाकर रेलवे ट्रैक पार कर रहा था। ट्रेन की आवाज उसे सुनाई नहीं पड़ी। इसके चलते ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हो हुई है।
दो परिवारों में मचा कोहराम
मृतक नागेश के परिवार में पिता श्रवण कुमार, मां माया देवी, छोटे भाई विक्की, छोटी बहन सानू देवी, पत्नी रेनू, बेटी मालवी (12), मान्या (10), तनु (8) व बेटा दैविक (6) हैं। मौत की खबर घर पहुंची तो परिवार में कोहराम मच गया। सभी का रो रो-कर बुरा हाल है। वहीं, मृतक विज्ञान पुरी के परिवार में पिता जयजय राम, मां बड़का, पत्नी सुगरा, बड़े भाई ज्ञानपुरी, बेटियां मोहिनी और रोशनी हैं।सभी का रो-रोकर बुरा हाल है।
एक चूक, जिंदगी खत्म
ये दोनों हादसे एक बार फिर सावधानी की अहमियत याद दिलाते हैं। सड़क पर हेलमेट और रेलवे ट्रैक पर सतर्कता बेहद जरूरी हैं। मोबाइल या इयरफोन का इस्तेमाल करते हुए ट्रैक पार करना जानलेवा साबित हो सकता है।
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मनकापुर के तेंदुवा कला निवासी नागेश तिवारी (36) का अंधियारी चौराहे के पास मेडिकल स्टोर है। सोमवार रात आठ बजे वह मेडिकल स्टोर बंद करके बाइक से घर जा रहे थे। मरौचा पुल के पास अज्ञात वाहन की चपेट में आने से नागेश गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोगों ने उन्हें सीएचसी पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। कोतवाल अरविंद सिंह ने बताया कि बाइक सवार नागेश तिवारी ने हेलमेट नहीं लगा रखा था, इससे सिर में गंभीर चोट लगने से उनकी मौत हुई है।
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करनैलगंज के बिबियापुर गोसाई पुरवा निवासी विज्ञान पुरी (36) मजदूरी करके सोमवार देर शाम घर लौट रहे थे। सरयू रेलवे स्टेशन के समीप रेलवे क्रॉसिंग पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से कटकर उनकी मौत हो गई। मृतक के बड़े भाई ज्ञान पुरी ने बताया कि विज्ञान प्रतिदिन सुबह घर से मजदूरी करने जाते थे और रात में लौटते थे। कभी गांव में तो कभी बहराइच के जरवल, करनैलगंज व भंभुआ में मजदूरी करते थे। सोमवार को देर रात तक वह घर नहीं पहुंचे तो खोजबीन शुरू की गई। इसी दौरान पता चला कि रेल ट्रैक पार करते समय विज्ञान की मौत हो गई। जीआरपी कोतवाल दिनेश पांडेय ने बताया कि मजदूर कान में इयरफोन लगाकर रेलवे ट्रैक पार कर रहा था। ट्रेन की आवाज उसे सुनाई नहीं पड़ी। इसके चलते ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हो हुई है।
दो परिवारों में मचा कोहराम
मृतक नागेश के परिवार में पिता श्रवण कुमार, मां माया देवी, छोटे भाई विक्की, छोटी बहन सानू देवी, पत्नी रेनू, बेटी मालवी (12), मान्या (10), तनु (8) व बेटा दैविक (6) हैं। मौत की खबर घर पहुंची तो परिवार में कोहराम मच गया। सभी का रो रो-कर बुरा हाल है। वहीं, मृतक विज्ञान पुरी के परिवार में पिता जयजय राम, मां बड़का, पत्नी सुगरा, बड़े भाई ज्ञानपुरी, बेटियां मोहिनी और रोशनी हैं।सभी का रो-रोकर बुरा हाल है।
एक चूक, जिंदगी खत्म
ये दोनों हादसे एक बार फिर सावधानी की अहमियत याद दिलाते हैं। सड़क पर हेलमेट और रेलवे ट्रैक पर सतर्कता बेहद जरूरी हैं। मोबाइल या इयरफोन का इस्तेमाल करते हुए ट्रैक पार करना जानलेवा साबित हो सकता है।

नागेश तिवारी व विज्ञान पुरी। फाइल फोटो