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Gonda News: सुबह छाया घना कोहरा, दोपहर में झमाझम बारिश
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 03 Feb 2026 11:22 PM IST
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ल में छुट्टी होने के बाद बारिश के बीच छाता के सहारे घर जाती बिटिया। - संवाद
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गोंडा। मौसम के मंगलवार को अचानक करवट बदलने से घने कोहरे से सुबह की शुरुआत हुई और 10 बजे तक पूरे जिले में धुंध का असर बना रहा। इसके बाद बूंदाबांदी शुरू हुई और देखते ही देखते तेज हवा के साथ झमाझम बारिश होने लगी। करीब डेढ़ घंटे तक रुक-रुककर हुई बारिश से ठंड में इजाफा हो गया। लोग अलाव जलाकर ठंड से बचाव करते नजर आए। दोपहर में स्कूलों की छुट्टी के समय बच्चे भीगते हुए घर पहुंचे। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 21 डिग्री और न्यूनतम 12 डिग्री दर्ज किया गया।
सोमवार को धूप खिलने से लोगों को लगा था कि ठंड विदा हो गई, लेकिन मंगलवार की बारिश ने मौसम फिर सर्द कर दिया। बारिश से सबसे ज्यादा दिक्कत स्कूली बच्चों और कामकाजी लोगों को हुई। वहीं, किसानों के चेहरे खिल उठे। तेज हवा से सरसों की फसल गिरने की आशंका भी बनी हुई है। आपदा विभाग के मुताबिक मंगलवार को सबसे अधिक बारिश हलधरमऊ में 13 मिलीमीटर रिकॉर्ड की गई। मैजापुर में 10, करनैलगंज में 9.50, कटरा बाजार में सात, परसपुर व झंझरी में छह-छह और गोंडा शहर में 5.90 मिमी. बारिश हुई।
गेहूं की फसल के लिए मुफीद है यह बारिश
बेलसर। किसान नन्हें सिंह ने बताया कि इस समय की हल्की बरसात गेहूं की फसल के लिए बेहद फायदेमंद है। इससे कल्ले का फुटाव बेहतर होगा और गन्ने में नए पौधे निकलने में मदद मिलेगी। हालांकि अधिक नमी के कारण गेहूं में पीला रतुआ रोग का खतरा भी बढ़ सकता है।
पसका संवाद के मुताबिक, प्योली पूरे बिलंद निवासी नानबाबू ने बताया कि सोमवार और मंगलवार सुबह गेहूं की सिंचाई की थी, तभी बारिश शुरू हो गई। लोहंगपुर पूरे पंडित के रामनाथ ने कहा कि बरसीम की सिंचाई के तुरंत बाद बारिश हो गई, जिससे राहत मिली है।
उपज बढ़ाने में मददगार होगी बरसात
लाल बहादुर शास्त्री कृषि विज्ञान केंद्र गोपालग्राम के प्रसार वैज्ञानिक डॉ. सुधांशु ने बताया कि यह बारिश रबी फसलों के लिए लाभकारी है। उन्होंने कहा कि गेहूं की फसल में इस समय दाना बनने की अवस्था है। नमी मिलने से दाने का भराव बेहतर होगा और उपज बढ़ेगी। सरसों में फूल व दाना बनने तथा दलहनी फसलों के विकास पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। सब्जी वाली फसलों के लिए भी यह बारिश फायदेमंद साबित होगी।
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सोमवार को धूप खिलने से लोगों को लगा था कि ठंड विदा हो गई, लेकिन मंगलवार की बारिश ने मौसम फिर सर्द कर दिया। बारिश से सबसे ज्यादा दिक्कत स्कूली बच्चों और कामकाजी लोगों को हुई। वहीं, किसानों के चेहरे खिल उठे। तेज हवा से सरसों की फसल गिरने की आशंका भी बनी हुई है। आपदा विभाग के मुताबिक मंगलवार को सबसे अधिक बारिश हलधरमऊ में 13 मिलीमीटर रिकॉर्ड की गई। मैजापुर में 10, करनैलगंज में 9.50, कटरा बाजार में सात, परसपुर व झंझरी में छह-छह और गोंडा शहर में 5.90 मिमी. बारिश हुई।
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गेहूं की फसल के लिए मुफीद है यह बारिश
बेलसर। किसान नन्हें सिंह ने बताया कि इस समय की हल्की बरसात गेहूं की फसल के लिए बेहद फायदेमंद है। इससे कल्ले का फुटाव बेहतर होगा और गन्ने में नए पौधे निकलने में मदद मिलेगी। हालांकि अधिक नमी के कारण गेहूं में पीला रतुआ रोग का खतरा भी बढ़ सकता है।
पसका संवाद के मुताबिक, प्योली पूरे बिलंद निवासी नानबाबू ने बताया कि सोमवार और मंगलवार सुबह गेहूं की सिंचाई की थी, तभी बारिश शुरू हो गई। लोहंगपुर पूरे पंडित के रामनाथ ने कहा कि बरसीम की सिंचाई के तुरंत बाद बारिश हो गई, जिससे राहत मिली है।
उपज बढ़ाने में मददगार होगी बरसात
लाल बहादुर शास्त्री कृषि विज्ञान केंद्र गोपालग्राम के प्रसार वैज्ञानिक डॉ. सुधांशु ने बताया कि यह बारिश रबी फसलों के लिए लाभकारी है। उन्होंने कहा कि गेहूं की फसल में इस समय दाना बनने की अवस्था है। नमी मिलने से दाने का भराव बेहतर होगा और उपज बढ़ेगी। सरसों में फूल व दाना बनने तथा दलहनी फसलों के विकास पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। सब्जी वाली फसलों के लिए भी यह बारिश फायदेमंद साबित होगी।
