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Gonda News: कैंसर की शुरुआती जांच से बच सकती है जिंदगी
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 03 Feb 2026 11:20 PM IST
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तुलसीपुर कोंड़री में मरीज की जांच करतीं सीएचओ। - संवाद
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गोंडा। कैंसर अब लाइलाज नहीं रहा, बशर्ते उसकी पहचान समय रहते हो जाए। बुधवार को कैंसर जागरूकता दिवस पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विभाग की ओर से लोगों को इस घातक बीमारी के लक्षण, बचाव और जांच के प्रति सचेत किया जा रहा है। इसके लिए सभी सीएचसी पर विशेष सेल गठित की गईं हैं। साथ ही 303 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में तैनात सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी घर-घर स्क्रीनिंग कर संदिग्ध मरीजों को चिह्नित कर इलाज से जोड़ रहे हैं।
जिले में अब तक 4.16 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, इनमें 66 मरीजों में कैंसर की पुष्टि हुई है। मेडिकल कॉलेज के एनसीडी सेल में ही ओरल कैंसर के 43 मरीज पंजीकृत हैं। वहीं, सीएचसी स्तर पर हुई स्क्रीनिंग में ओरल कैंसर के आठ, ब्रेस्ट कैंसर के 11 और सर्वाइकल कैंसर के चार केस मिले हैं।
रिपोर्ट बताती है कि 30 वर्ष से अधिक आयु के 17.12 लाख लोगों को स्क्रीनिंग के दायरे में रखा गया है, लेकिन अब तक केवल 24.3 प्रतिशत आबादी की ही जांच हो सकी है। प्रदर्शन के लिहाज से झंझरी ब्लॉक 41.6 प्रतिशत स्क्रीनिंग के साथ सबसे आगे है, जबकि तरबगंज मात्र 15.4 प्रतिशत के साथ सबसे पीछे है।
जिला कम्युनिटी प्रोसेस प्रबंधक डॉ. आरपी सिंह ने बताया कि कैंसर की शुरुआती पहचान से इलाज की सफलता 80 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। हर व्यक्ति को साल में कम से कम एक बार स्क्रीनिंग जरूर करानी चाहिए। आशा और सीएचओ घर-घर जाकर लोगों को जांच के लिए प्रेरित कर रही हैं।
किस श्रेणी में क्या मिली तस्वीर
ओरल कैंसर- जिले में 4,16,883 लोगों की जांच हुई। 187 संदिग्ध मरीज रेफर किए गए और 1,219 की विस्तृत जांच के बाद आठ में कैंसर की पुष्टि हुई। सर्वाधिक सात मामले रुपईडीह ब्लॉक से मिले, जबकि मेडिकल कॉलेज में 23 मरीज इलाज करा रहे हैं।
ब्रेस्ट कैंसर- 1,98,193 महिलाओं की स्क्रीनिंग में 855 को रेफर किया गया। 548 की चिकित्सकीय जांच के बाद 11 मरीज पॉजिटिव मिले। रुपईडीह में चार और तरबगंज में दो केस सामने आए।
सर्वाइकल कैंसर-1,99,210 महिलाओं की जांच में 65 संदिग्ध मिलीं। 561 की विस्तृत जांच के बाद चार मामलों की पुष्टि हुई, जिनमें तीन केस इटियाथोक ब्लॉक के हैं।
बचाव के पांच मंत्र
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डीएन सिंह का कहना है कि कैंसर से बचाव के लिए तंबाकू व गुटखा से पूरी तरह दूरी बनाएं। साथ ही संतुलित आहार व नियमित व्यायाम पर फोकस करें। 30 वर्ष के बाद वार्षिक जांच, महिलाओं में एचपीवी टीकाकरण व लक्षण दिखते ही चिकित्सकीय परामर्श जरूर लें।
शुरुआती लक्षण न करें नजरअंदाज
सीएचसी खरगूपुर की चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्वेता त्रिपाठी ने बताया कि मुंह में न भरने वाला घाव, आवाज में बदलाव, स्तन में गांठ, अनियमित रक्तस्राव, लगातार कमजोरी और वजन घटना कैंसर के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। तंबाकू, गुटखा, धूम्रपान और अस्वस्थ जीवनशैली इसका बड़ा कारण हैं। ऐसे में इस तरह के लक्षण दिखने पर तत्काल चिकित्सक को दिखाएं।
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जिले में अब तक 4.16 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, इनमें 66 मरीजों में कैंसर की पुष्टि हुई है। मेडिकल कॉलेज के एनसीडी सेल में ही ओरल कैंसर के 43 मरीज पंजीकृत हैं। वहीं, सीएचसी स्तर पर हुई स्क्रीनिंग में ओरल कैंसर के आठ, ब्रेस्ट कैंसर के 11 और सर्वाइकल कैंसर के चार केस मिले हैं।
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रिपोर्ट बताती है कि 30 वर्ष से अधिक आयु के 17.12 लाख लोगों को स्क्रीनिंग के दायरे में रखा गया है, लेकिन अब तक केवल 24.3 प्रतिशत आबादी की ही जांच हो सकी है। प्रदर्शन के लिहाज से झंझरी ब्लॉक 41.6 प्रतिशत स्क्रीनिंग के साथ सबसे आगे है, जबकि तरबगंज मात्र 15.4 प्रतिशत के साथ सबसे पीछे है।
जिला कम्युनिटी प्रोसेस प्रबंधक डॉ. आरपी सिंह ने बताया कि कैंसर की शुरुआती पहचान से इलाज की सफलता 80 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। हर व्यक्ति को साल में कम से कम एक बार स्क्रीनिंग जरूर करानी चाहिए। आशा और सीएचओ घर-घर जाकर लोगों को जांच के लिए प्रेरित कर रही हैं।
किस श्रेणी में क्या मिली तस्वीर
ओरल कैंसर- जिले में 4,16,883 लोगों की जांच हुई। 187 संदिग्ध मरीज रेफर किए गए और 1,219 की विस्तृत जांच के बाद आठ में कैंसर की पुष्टि हुई। सर्वाधिक सात मामले रुपईडीह ब्लॉक से मिले, जबकि मेडिकल कॉलेज में 23 मरीज इलाज करा रहे हैं।
ब्रेस्ट कैंसर- 1,98,193 महिलाओं की स्क्रीनिंग में 855 को रेफर किया गया। 548 की चिकित्सकीय जांच के बाद 11 मरीज पॉजिटिव मिले। रुपईडीह में चार और तरबगंज में दो केस सामने आए।
सर्वाइकल कैंसर-1,99,210 महिलाओं की जांच में 65 संदिग्ध मिलीं। 561 की विस्तृत जांच के बाद चार मामलों की पुष्टि हुई, जिनमें तीन केस इटियाथोक ब्लॉक के हैं।
बचाव के पांच मंत्र
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डीएन सिंह का कहना है कि कैंसर से बचाव के लिए तंबाकू व गुटखा से पूरी तरह दूरी बनाएं। साथ ही संतुलित आहार व नियमित व्यायाम पर फोकस करें। 30 वर्ष के बाद वार्षिक जांच, महिलाओं में एचपीवी टीकाकरण व लक्षण दिखते ही चिकित्सकीय परामर्श जरूर लें।
शुरुआती लक्षण न करें नजरअंदाज
सीएचसी खरगूपुर की चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्वेता त्रिपाठी ने बताया कि मुंह में न भरने वाला घाव, आवाज में बदलाव, स्तन में गांठ, अनियमित रक्तस्राव, लगातार कमजोरी और वजन घटना कैंसर के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। तंबाकू, गुटखा, धूम्रपान और अस्वस्थ जीवनशैली इसका बड़ा कारण हैं। ऐसे में इस तरह के लक्षण दिखने पर तत्काल चिकित्सक को दिखाएं।
