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Gonda News: किसानों ने लगाई छुट्टा पशुओं और बंदरों से बचाने की गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 18 Mar 2026 11:39 PM IST
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गोंडा। विकास भवन सभागार में बुधवार को आयोजित किसान दिवस में किसानों ने छुट्टा पशुओं और बंदरों के आतंक से छुटकारा दिलवाने की गुहार जिलाधिकारी से लगाई। किसानों ने जिम्मेदार अफसरों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि लगातार शिकायत के बाद भी किसानों से जुड़ी समस्याओं के निस्तारण में उदासीनता बरती जा रही है। इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने एक अप्रैल से एक मई तक विशेष अभियान चलाकर किसानों से जुड़ी समस्याओं को प्राथमिकता पर निस्तारित कराने का निर्देश भी मौके पर दिया।
बैठक में बहलोलपुर निवासी शिवकुमार दूबे ने कहा कि गांव में बंदरों का आतंक है, जिससे लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। मुंडेरवा माफी के किसान ने छुट्टा पशुओं से फसल बर्बाद होने की शिकायत करते हुए उन्हें पकड़वाने की मांग की। इस पर जिलाधिकारी ने वन विभाग अधिकारियों को छुट्टा पशुओं व बंदरों की धरपकड़ के लिए सघन अभियान चलाने का निर्देश दिया।
करनैलगंज ब्लॉक के पैरोरी बबुरास गोनई गोसाईपुरवा निवासी किसान घनश्याम गोस्वामी ने बताया कि बिजली विभाग को कई बार आवेदन देने के बाद भी पोल नहीं लगाया जा रहा, उल्टे 96,132 रुपये जमा करने के लिए कह दिया गया। हलधरमऊ के राजपुर पश्चिमपुरवा की शशिकला ने कहा कि पति की मृत्यु के बाद भी उनके नाम खतौनी नहीं निकल रही है। किसानों ने सागौन का परमिट न मिलने की परेशानी भी उठाई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि किसान दिवस पर वन विभाग और बिजली विभाग काउंटर लगाकर मौके पर ही समस्याओं का समाधान करें।
भू-मानचित्र न होने से ग्रामीण परेशान
हलधरमऊ के मैजापुर गांव के लोगों ने बताया कि गांव में लोगों के पास भू-मानचित्र नहीं है। दो वर्षों में कई बार तहसील दिवस और अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देने के बाद भी अब तक इस समस्या को दूर कराने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया है। इटियाथोक के एक किसान ने विद्युत खराबी के कारण नलकूप बंद होने की शिकायत की। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि भू-मानचित्र दोबारा तैयार कराया जा रहा है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के रवैये पर भी उन्होंने नाराजगी जताई।
किसानों के बीच हुई नोकझोंक
किसान दिवस में जिलेभर से पहुंचे किसानों ने व्यक्तिगत समस्याएं रखीं। इस दौरान कुछ किसानों ने आरोप लगाया कि संगठनों के कारण उनकी व्यक्तिगत शिकायतों को नहीं सुना जा रहा है, जिस पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। स्थिति बिगड़ते देख जिलाधिकारी ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि सभी किसानों की समस्याएं सुनी जाएंगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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बैठक में बहलोलपुर निवासी शिवकुमार दूबे ने कहा कि गांव में बंदरों का आतंक है, जिससे लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। मुंडेरवा माफी के किसान ने छुट्टा पशुओं से फसल बर्बाद होने की शिकायत करते हुए उन्हें पकड़वाने की मांग की। इस पर जिलाधिकारी ने वन विभाग अधिकारियों को छुट्टा पशुओं व बंदरों की धरपकड़ के लिए सघन अभियान चलाने का निर्देश दिया।
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करनैलगंज ब्लॉक के पैरोरी बबुरास गोनई गोसाईपुरवा निवासी किसान घनश्याम गोस्वामी ने बताया कि बिजली विभाग को कई बार आवेदन देने के बाद भी पोल नहीं लगाया जा रहा, उल्टे 96,132 रुपये जमा करने के लिए कह दिया गया। हलधरमऊ के राजपुर पश्चिमपुरवा की शशिकला ने कहा कि पति की मृत्यु के बाद भी उनके नाम खतौनी नहीं निकल रही है। किसानों ने सागौन का परमिट न मिलने की परेशानी भी उठाई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि किसान दिवस पर वन विभाग और बिजली विभाग काउंटर लगाकर मौके पर ही समस्याओं का समाधान करें।
भू-मानचित्र न होने से ग्रामीण परेशान
हलधरमऊ के मैजापुर गांव के लोगों ने बताया कि गांव में लोगों के पास भू-मानचित्र नहीं है। दो वर्षों में कई बार तहसील दिवस और अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देने के बाद भी अब तक इस समस्या को दूर कराने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया है। इटियाथोक के एक किसान ने विद्युत खराबी के कारण नलकूप बंद होने की शिकायत की। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि भू-मानचित्र दोबारा तैयार कराया जा रहा है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के रवैये पर भी उन्होंने नाराजगी जताई।
किसानों के बीच हुई नोकझोंक
किसान दिवस में जिलेभर से पहुंचे किसानों ने व्यक्तिगत समस्याएं रखीं। इस दौरान कुछ किसानों ने आरोप लगाया कि संगठनों के कारण उनकी व्यक्तिगत शिकायतों को नहीं सुना जा रहा है, जिस पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। स्थिति बिगड़ते देख जिलाधिकारी ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि सभी किसानों की समस्याएं सुनी जाएंगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।