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Gonda News: 38 तदर्थ शिक्षकों की भर्ती की फिर खुली फाइल
Sun, 16 Aug 2026 11:18 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 16 Aug 2026 11:18 PM IST
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गोंडा। जिले के नौ अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में वर्ष 2010 से 2018 के बीच हुई 38 तदर्थ शिक्षकों की नियुक्ति और उनके वेतन भुगतान का मामला पांच साल बाद फिर सुर्खियों में है। शासन के आदेश पर वर्ष 2021 से चल रही जांच अब राज्य विशेष अपराध अनुसंधान शाखा लखनऊ पहुंच गई है।
प्रकरण की विवेचक इंस्पेक्टर शोभा सोलंकी ने शिकायतकर्ता शिक्षक नेता विनय कुमार शुक्ल को नोटिस जारी कर बयान दर्ज कराने का अंतिम अवसर दिया है। उन्हें तीन दिन के भीतर लखनऊ स्थित राज्य विशेष अपराध अनुसंधान शाखा पहुंचकर अपने बयान दर्ज कराने को कहा गया है।
नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित अवधि में बयान नहीं देने पर यह माना जाएगा कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है। शिकायत में आरोप है कि वर्ष 2010 से 2018 के बीच नौ सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त पदों पर तदर्थ शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अधियाचन उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड को नहीं भेजा गया।
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इसके बावजूद प्रबंधकों ने कथित तौर पर नियुक्तियां कर दीं और बाद में इन शिक्षकों को राजकोष से वेतन भुगतान भी हुआ। शिकायतकर्ता ने इसे नियमों के विपरीत बताते हुए सरकारी धन की क्षति का आरोप लगाया था। शिक्षक नेता विनय शुक्ल ने बताया कि निर्धारित अवधि में बयान दर्ज कराया जाएगा।
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प्रकरण की विवेचक इंस्पेक्टर शोभा सोलंकी ने शिकायतकर्ता शिक्षक नेता विनय कुमार शुक्ल को नोटिस जारी कर बयान दर्ज कराने का अंतिम अवसर दिया है। उन्हें तीन दिन के भीतर लखनऊ स्थित राज्य विशेष अपराध अनुसंधान शाखा पहुंचकर अपने बयान दर्ज कराने को कहा गया है।
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नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित अवधि में बयान नहीं देने पर यह माना जाएगा कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है। शिकायत में आरोप है कि वर्ष 2010 से 2018 के बीच नौ सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त पदों पर तदर्थ शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अधियाचन उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड को नहीं भेजा गया।
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इसके बावजूद प्रबंधकों ने कथित तौर पर नियुक्तियां कर दीं और बाद में इन शिक्षकों को राजकोष से वेतन भुगतान भी हुआ। शिकायतकर्ता ने इसे नियमों के विपरीत बताते हुए सरकारी धन की क्षति का आरोप लगाया था। शिक्षक नेता विनय शुक्ल ने बताया कि निर्धारित अवधि में बयान दर्ज कराया जाएगा।