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Gonda News: केवल जुर्माना लगाने से मिलावटखोरी पर नहीं लगेगी रोक
Sun, 16 Aug 2026 11:33 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 16 Aug 2026 11:33 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोंडा। खाद्य पदार्थों में मिलावट को लेकर सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने तल्ख तेवर दिखाए हैं। सोशल मीडिया पर पोस्ट के माध्यम से उन्होंने कहा कि मिलावट अब महज दुकान का अपराध नहीं रह गया, बल्कि यह एक संगठित उद्योग बन चुका है।
उन्होंने नकली घी बनाने वाली फैक्ट्रियों, नकली खोया की मंडियों और मिलावटी मिठाइयों का जिक्र करते हुए इसे लोगों के स्वास्थ्य, आस्था और भरोसे के साथ धोखा बताया। विधायक ने कहा कि दूध में यूरिया और डिटर्जेंट, घी में वनस्पति और पशु वसा तथा सब्जियों पर रंग और कीटनाशकों का इस्तेमाल गंभीर चिंता का विषय है। प्रदेश सरकार की ओर से एनालॉग डेयरी उत्पादों पर रोक लगाना सही दिशा में पहला कदम है, लेकिन मिलावट के इस पूरे नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई जरूरी है। जिस दिन लोग बच्चों के जन्मदिन पर मिठाई लाते हैं, मंदिर में प्रसाद चढ़ाते हैं या बेटी की विदाई पर घी का दीपक जलाते हैं, उसी समय कोई मिलावटी उत्पाद बेचकर मुनाफा कमा रहा होता है। यह केवल व्यापार नहीं, बल्कि लोगों की आस्था और भरोसे के साथ धोखा है।
उन्होंने कहा कि केवल जुर्माना लगाने से मिलावटखोरी पर रोक नहीं लगेगी। कार्रवाई उस रसायन के आपूर्तिकर्ता से लेकर पूरे नेटवर्क तक होनी चाहिए, जिसके सहारे यह धंधा चल रहा है। जब तक जड़ जिंदा रहेगी, तब तक केवल टहनियां काटने से समस्या खत्म नहीं होगी।
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गोंडा। खाद्य पदार्थों में मिलावट को लेकर सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने तल्ख तेवर दिखाए हैं। सोशल मीडिया पर पोस्ट के माध्यम से उन्होंने कहा कि मिलावट अब महज दुकान का अपराध नहीं रह गया, बल्कि यह एक संगठित उद्योग बन चुका है।
उन्होंने नकली घी बनाने वाली फैक्ट्रियों, नकली खोया की मंडियों और मिलावटी मिठाइयों का जिक्र करते हुए इसे लोगों के स्वास्थ्य, आस्था और भरोसे के साथ धोखा बताया। विधायक ने कहा कि दूध में यूरिया और डिटर्जेंट, घी में वनस्पति और पशु वसा तथा सब्जियों पर रंग और कीटनाशकों का इस्तेमाल गंभीर चिंता का विषय है। प्रदेश सरकार की ओर से एनालॉग डेयरी उत्पादों पर रोक लगाना सही दिशा में पहला कदम है, लेकिन मिलावट के इस पूरे नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई जरूरी है। जिस दिन लोग बच्चों के जन्मदिन पर मिठाई लाते हैं, मंदिर में प्रसाद चढ़ाते हैं या बेटी की विदाई पर घी का दीपक जलाते हैं, उसी समय कोई मिलावटी उत्पाद बेचकर मुनाफा कमा रहा होता है। यह केवल व्यापार नहीं, बल्कि लोगों की आस्था और भरोसे के साथ धोखा है।
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उन्होंने कहा कि केवल जुर्माना लगाने से मिलावटखोरी पर रोक नहीं लगेगी। कार्रवाई उस रसायन के आपूर्तिकर्ता से लेकर पूरे नेटवर्क तक होनी चाहिए, जिसके सहारे यह धंधा चल रहा है। जब तक जड़ जिंदा रहेगी, तब तक केवल टहनियां काटने से समस्या खत्म नहीं होगी।
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