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Gonda News: फर्जी पद और सरकारी प्रोटोकॉल लेने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज
Fri, 31 Jul 2026 11:30 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 31 Jul 2026 11:30 PM IST
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सर्वेश पाठक।
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मनकापुर। फर्जी पदनाम का इस्तेमाल कर सरकारी अधिकारियों से प्रोटोकॉल लेने का मामला आया है। केंद्रीय विदेश एवं पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह की पहचान का कथित दुरुपयोग करने के आरोप में मनकापुर कोतवाली में सर्वेश पाठक निवासी विद्यागंज, ककरहवा, मोतीगंज के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। शिकायत राज्यमंत्री के प्रतिनिधि यूपी सिंह की ओर से की गई है।
आरोप लगाया गया है कि सर्वेश पाठक स्वयं को भारतीय श्रमिक कामगार कर्मचारी महासंघ का राष्ट्रीय महासचिव तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन संवर्धन प्रकृति कल्याण परिषद भारत का वाइस चेयरमैन बताकर जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और अन्य अधिकारियों को अपने लेटरपैड पर पत्र भेजते रहे। इन पत्रों के आधार पर उन्होंने सरकारी प्रोटोकॉल प्राप्त किया और उसका उपयोग सरकारी कार्यक्रमों के साथ निजी आयोजनों में भी किया।
शिकायत में यह भी कहा गया कि वन विभाग सहित विभिन्न स्थानों पर आयोजित पौधरोपण कार्यक्रमों के बोर्डों पर उन्होंने स्वयं को केंद्रीय दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री प्रदर्शित कराया। साथ ही सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया के माध्यम से भी खुद को भारत सरकार के कथित नेचर वेलफेयर डिपार्टमेंट के अंतर्गत पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन संवर्धन इकाई का वाइस चेयरमैन बताकर प्रचारित किया, जबकि शिकायतकर्ता के अनुसार भारत सरकार में इस नाम का कोई विभाग अस्तित्व में नहीं है। तहरीर में आरोप लगाया गया कि कूटरचित दस्तावेजों और भ्रामक पहचान का प्रयोग कर केंद्रीय राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह की छवि धूमिल करने के साथ राजनीतिक एवं व्यक्तिगत लाभ लेने का प्रयास किया गया। थानाध्यक्ष गौरव सिंह तोमर ने बताया कि केंद्रीय राज्यमंत्री के प्रतिनिधि की तहरीर पर सर्वेश पाठक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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वहीं, सर्वेश पाठक ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि वह भारतीय श्रमिक कामगार कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय महासचिव और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन संवर्धन प्रकृति कल्याण परिषद के वाइस चेयरमैन हैं तथा अपने लेटरपैड पर इन्हीं पदों का उल्लेख करते हैं। उन्होंने बताया कि हरदोई में आयोजित एक पौधरोपण कार्यक्रम के दौरान विभाग की ओर से लगाए गए बोर्ड पर उन्हें गलती से दर्जा प्राप्त मंत्री लिख दिया गया था। इसकी जानकारी मिलने पर उन्होंने संबंधित विभाग को पत्र भेजकर त्रुटि सुधारने का अनुरोध भी किया था।
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आरोप लगाया गया है कि सर्वेश पाठक स्वयं को भारतीय श्रमिक कामगार कर्मचारी महासंघ का राष्ट्रीय महासचिव तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन संवर्धन प्रकृति कल्याण परिषद भारत का वाइस चेयरमैन बताकर जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और अन्य अधिकारियों को अपने लेटरपैड पर पत्र भेजते रहे। इन पत्रों के आधार पर उन्होंने सरकारी प्रोटोकॉल प्राप्त किया और उसका उपयोग सरकारी कार्यक्रमों के साथ निजी आयोजनों में भी किया।
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शिकायत में यह भी कहा गया कि वन विभाग सहित विभिन्न स्थानों पर आयोजित पौधरोपण कार्यक्रमों के बोर्डों पर उन्होंने स्वयं को केंद्रीय दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री प्रदर्शित कराया। साथ ही सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया के माध्यम से भी खुद को भारत सरकार के कथित नेचर वेलफेयर डिपार्टमेंट के अंतर्गत पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन संवर्धन इकाई का वाइस चेयरमैन बताकर प्रचारित किया, जबकि शिकायतकर्ता के अनुसार भारत सरकार में इस नाम का कोई विभाग अस्तित्व में नहीं है। तहरीर में आरोप लगाया गया कि कूटरचित दस्तावेजों और भ्रामक पहचान का प्रयोग कर केंद्रीय राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह की छवि धूमिल करने के साथ राजनीतिक एवं व्यक्तिगत लाभ लेने का प्रयास किया गया। थानाध्यक्ष गौरव सिंह तोमर ने बताया कि केंद्रीय राज्यमंत्री के प्रतिनिधि की तहरीर पर सर्वेश पाठक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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वहीं, सर्वेश पाठक ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि वह भारतीय श्रमिक कामगार कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय महासचिव और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन संवर्धन प्रकृति कल्याण परिषद के वाइस चेयरमैन हैं तथा अपने लेटरपैड पर इन्हीं पदों का उल्लेख करते हैं। उन्होंने बताया कि हरदोई में आयोजित एक पौधरोपण कार्यक्रम के दौरान विभाग की ओर से लगाए गए बोर्ड पर उन्हें गलती से दर्जा प्राप्त मंत्री लिख दिया गया था। इसकी जानकारी मिलने पर उन्होंने संबंधित विभाग को पत्र भेजकर त्रुटि सुधारने का अनुरोध भी किया था।