{"_id":"6a7f40539e93d2f97b0eb090","slug":"get-the-womens-hospitals-faulty-lift-repaired-immediately-additional-commissioner-gonda-news-c-100-1-slko1028-164335-2026-08-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिला अस्पताल की खराब लिफ्ट तुरंत ठीक कराएं : अपर आयुक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिला अस्पताल की खराब लिफ्ट तुरंत ठीक कराएं : अपर आयुक्त
Fri, 14 Aug 2026 09:50 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 14 Aug 2026 09:50 PM IST
विज्ञापन
अमर उजाला में प्रकाशित समाचार व जिला महिला अस्पताल में दवा काउंटर पर तीमारदार से बात करते अपर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोंडा। जिला महिला अस्पताल में जांच के लिए गर्भवतियों को 88 सीढ़ियां चढ़ने की समस्या को लेकर अमर उजाला में बृहस्पतिवार को प्रकाशित खबर का मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने संज्ञान लिया। उनके निर्देश पर शुक्रवार को अपर आयुक्त राजेश कुमार यादव ने जिला महिला अस्पताल पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने लिफ्ट खराब होने के कारणों और उसे ठीक कराने के लिए की जा रही कार्रवाई के बारे में कर्मचारियों से जानकारी ली। इसके साथ ही लिफ्ट तुरंत ठीक कराने के निर्देश दिए।
अपर आयुक्त ने अस्पताल पहुंचते ही दवा काउंटर से दवा लेकर निकले एक तीमारदार से बातचीत की। पूछा कि दवा कहां से मिली है। इसके बाद दवा वितरण काउंटर पर पहुंचकर व्यवस्था देखी। उन्होंने मरीजों और तीमारदारों से पूछा कि कहां से आई हो... नाम क्या है... बाहर की जांच और दवा तो नहीं दी जा रही है। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की सुविधाओं और समस्याओं की जानकारी ली। दुर्जनपुर निवासी अंबिकेश्वर से भी अस्पताल में मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। वहीं, अतीकुन्निशा से पूछा कि जांच बाहर से करानी पड़ रही है या अस्पताल में ही सुविधा मिल रही है। इस पर मरीज ने संतोष जताया।
अपर आयुक्त ने अस्पताल के शौचालय में गंदगी मिलने पर नाराजगी जताई और व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर वहां मरीजों को मिल रही सुविधाओं की भी जानकारी ली।
विज्ञापन
अस्पताल में मरीजों के बीच घूमते रहे बंदर
शुक्रवार के दिन में 12:30 बजे जिला महिला अस्पताल के पर्चा काउंटर के पास मरीज और तीमारदार बैठे थे। इसी दौरान एक बंदर लोगों के बीच पहुंच गया। बंदर को देखकर कुछ लोग इधर-उधर हटने लगे। दो महिलाएं एक बच्चे के साथ बैठी थीं। बंदर उनके पास भी पहुंच गया। महिला ने बच्चे को अपनी ओर खींचकर सुरक्षित किया। अस्पताल परिसर में कई जगह बंदर घूमते दिखाई दिए।
विज्ञापन
अपर आयुक्त ने अस्पताल पहुंचते ही दवा काउंटर से दवा लेकर निकले एक तीमारदार से बातचीत की। पूछा कि दवा कहां से मिली है। इसके बाद दवा वितरण काउंटर पर पहुंचकर व्यवस्था देखी। उन्होंने मरीजों और तीमारदारों से पूछा कि कहां से आई हो... नाम क्या है... बाहर की जांच और दवा तो नहीं दी जा रही है। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की सुविधाओं और समस्याओं की जानकारी ली। दुर्जनपुर निवासी अंबिकेश्वर से भी अस्पताल में मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। वहीं, अतीकुन्निशा से पूछा कि जांच बाहर से करानी पड़ रही है या अस्पताल में ही सुविधा मिल रही है। इस पर मरीज ने संतोष जताया।
विज्ञापन
अपर आयुक्त ने अस्पताल के शौचालय में गंदगी मिलने पर नाराजगी जताई और व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर वहां मरीजों को मिल रही सुविधाओं की भी जानकारी ली।
विज्ञापन
अस्पताल में मरीजों के बीच घूमते रहे बंदर
शुक्रवार के दिन में 12:30 बजे जिला महिला अस्पताल के पर्चा काउंटर के पास मरीज और तीमारदार बैठे थे। इसी दौरान एक बंदर लोगों के बीच पहुंच गया। बंदर को देखकर कुछ लोग इधर-उधर हटने लगे। दो महिलाएं एक बच्चे के साथ बैठी थीं। बंदर उनके पास भी पहुंच गया। महिला ने बच्चे को अपनी ओर खींचकर सुरक्षित किया। अस्पताल परिसर में कई जगह बंदर घूमते दिखाई दिए।

अमर उजाला में प्रकाशित समाचार व जिला महिला अस्पताल में दवा काउंटर पर तीमारदार से बात करते अपर