सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   Gonda Ground Report Maize Gains New Identity Through ODOP How Much Has Life in Gonda Changed

Gonda Ground Report: ODOP से मक्के को मिली नई पहचान, गोंडा की कितनी बदली जिंदगी, देखें रिपोर्ट

अमर उजाला नेटवर्क, गोंडा Published by: अनुज कुमार Updated Thu, 28 May 2026 03:54 PM IST
विज्ञापन
सार

Gonda Ground Report: सक्ष्म यूपी कार्यक्रम के तहत अमर उजाला की टीम गोंडा पहुंची। जहां विकास कार्यों का आम लोगों के जीवन पर कैसा असर पड़ा है। इसके बारे में जानने की कोशिश की। बीते वर्षों में क्या बदलाव आया है और लोग इन परिवर्तनों को किस नजर से देख रहे हैं। इसके बारे में लोगों ने खुद बताया। 

Gonda Ground Report Maize Gains New Identity Through ODOP How Much Has Life in Gonda Changed
Gonda Ground Report - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

Gonda Ground Report: सक्ष्म यूपी कार्यक्रम के दौरान अमर उजाला की टीम यूपी प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा कर रही है। इस दौरान राज्य की क्षमताओं और जमीनी स्तर की हकीकत को जाना जा रहा है। इसी क्रम में अमर उजाला की टीम गोंडा पहुंची। गोंडा में सरकार की योजनाओं से छात्रों, स्वास्थ्य सेवा और आम लोगों को कितना फायदा हुआ है। जिससे जिले की तस्वीर कितनी बदली है। देखिए पूरी ग्राउंड रिपोर्ट-

Trending Videos


इंजीनियरिंग कॉलेज से चार जिलों के बच्चों को कैसे मिल रहा फायदा?
गोंडा में इंजीनियरिंग कॉलेज के अधिष्ठाता शैक्षणिक मारुत नंदन त्रिपाठी ने बताया कि मां पाटेश्वरी देवी राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज जो कि देवी पाटन मंडल में स्थित है और यहां पर भी पिछले आठ महीने से इस संस्थान का मेन कैंपस सुचारू रूप से पठनपाठन का कार्य चल रहा है। यहां देवीपाटन में चार जिले हैं। उनके बच्चे एडमिशन की काउंसलिंग के थ्रू और यहां पर सेंटर नजदीक है। यहां पर इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी, एआई लैब और इनक्यूबेशन सेंटर के जो नए नवाचार हैं। वो लोकलिटी के आधार पर हमारे यहां के ओडीओपी की योजनाएं भारत सरकार और यूपी सरकार ने चालू की हैं। उस तरह से पूरा इनक्यूबेशन टाइअप करके और चीजें बेहतर कर यहां के बच्चों को शिक्षा दी जा रही है। यहां के फैक्लटी के मार्गदर्शन में बच्चे आगे बढ़ रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


यहां देखें रिपोर्ट -
विज्ञापन

 

गोंडा में स्वास्थ्य सेवाओं से स्थानीय लोगों को कितना फायदा? 
गोंडा के मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. अनिल कुमार सिंह ने बताया कि यहां जोर शोर से प्रयास हुए हैं। यहां पहले देवीपाटन मंडल का मुख्यलालय है। हम यहां जिला अस्पताल चला रहे हैं। वर्तमान सरकार के अथक प्रयास से हम ये जिला अस्पताल के अपग्रेड करते हुए एएसएमसी जो मेडिकल कॉलेज फेज थ्री है। उसके अंतर्गत कर दिया गया है। ये जो बच्चे यहां दो बैच एडमिशन ले चुके हैं। 100-100 सीट ये भारत सरकार एनएमसी के द्वारा पारित है। पूर्व में जब यह जिला अस्पताल था। वर्तमान में जब ये एएसएमसी के अंतर्गत हो गया तो दोनों में जमीन आसमान का अंतर है। जिससे मरीजों को पूरा लाभ मिल रहा है। ओपीडी से लेकर इंडोर ऑपरेटिव प्रोसीजर में काफी गुणात्मक सुधार हुआ है। आज भी हमारे यहां लगभग 2000 से ज्यादा की ओपीडी हो रही है। हर दिन छोटे-बड़े 25 से ऊपर ऑपरेशन हो रहे हैं। यहां स्थानीय लोगों को काफी फायदा हुआ है। 

यहां देखें रिपोर्ट -


 

गोंडा में किसानों को ओडीओपी योजना से कितना लाभ?
व्यापारी कुलदीप मिश्रा ने बताया कि एफपीओ बनाई थी, शुरू में इससे हम जुड़े। अब इससे 3500 वर्कर्स किसान जुड़े हैं। पहले सीट के साथ जो किसान जुड़े। मैंने फाउंडेशन सीट उनको उपलब्ध कराई। इसके बाद सीट तैयार कराई। इसके बाद यूपी सरकार को हमने सारी सीटें सप्लाई की। उसमें बड़ा काम किया। सीएम योगी ने हमें सम्मानित भी किया। एक लाख की पुरस्कार राशि भी चरण सिंह की जयंती पर दी। उसके बाद एक योजना आई। एक जनपद एक उत्पाद। उसमें हमने आवेदन किया। उसमें मेरा नाम चयन हुआ। उससे हम बनाने जा रहे हैं कॉर्नफ्लैक्स, पॉपकॉर्न, कॉर्न चिप्स और ग्रेट। इससे हमारे 15 हजार किसानों को इनडायरेक्ट लाभ होगा। किसान मक्का तैयार करते थे। तब यहां ऐसी यूनिट नहीं थी। जिससे किसानों को मक्का सही दाम में बिक जाए। पहले मक्का तैयार होती थी तो लोग उसको नेपाल भेज देते थे। बनारस भेजते थे। लेकिन आज किसानों को यहीं लाभ मिल रहा है।

यहां देखें रिपोर्ट -

ODOP और FPO से किसानों की किस्मत कैसे बदली?
मक्का व्यवसायी कुलदीप मिश्रा ने बताया कि हमने शुरुआत में एक छोटी सी फर्टिलाइजर की दुकान खोली। हम उसमें आईटीसी कंपनी के जरिए मैंने उनसे व्यापार शुरू किया। हम और व्यापार बढ़ते-बढ़ते मेरे पास फार्मरों की जुड़ाव ज्यादा हो गया।। जुड़ाव के बाद फिर हमारा ये काम चला 2019 तक। हम 2019 में हमने एक एफपीओ बनाया फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी है। उससे मैंने अपने करीब 3500 फार्मरों को जोड़ा। उनकी खाद, बीज, दवा और ग्रेन खरीदना मक्का खरीदना, गेहूं खरीदना ऊपर से उनको सीड का व्यवस्था की। शीड का प्रोसेसिंग प्लांट लगाया। उससे हमारे किसानों की जो आय थी। वो मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री की सोच से हमारे किसानों की आय दोगनी हुई। हम उससे चलते-चलते फिर एक मुख्यमंत्री की एक ड्रीम योजना आ गई। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोजेक्ट एक जनपद एक उत्पाद उसमें हमने आवेदन किया और उस आवेदन में यह प्रोजेक्ट गोंडा का हमें मिला। जो मक्का का था। तो मक्के से आज हम लोग बनाने जा रहे हैं। कॉर्नफ्लेक्स, पॉपकॉर्न, कॉर्न चिप्स, ग्रेट जैसी चीजें और इसमें बड़ी-बड़ी कंपनियां जो मल्टीनेशनल कंपनियां हैं। उनसे बार-बार मेरी बातचीत हो चुकी है। सारी कंपनियों ने कहा जितना आप बनाओगे उतना हम आपसे परचेस करेंगे। मक्का और यहां गेहूं के किसान का भी बड़ी समस्या आती थी। मंडी में जाते थे बेचने तो वहां बिचोलिया आधा गेहूं लेते थे। आधे पैसा काट लेते थे। उनको ओनोपोने भाव में बेचना पड़ता था। हमसे वो जुड़े तो करीब हमारे 1500 ऐसे फार्मर हैं कि जो शीड का काम मेरे साथ डायरेक्ट कर रहे हैं। तो उनको डायरेक्ट लाभ मिल रहा है। उसके बाद उनका मक्का कहां जाए तो मक्का एक मुख्यमंत्री की योजना आई। उसमें हमने आवेदन किया वो प्रोजेक्ट भी हमको मिल गया। हमारे किसानों की जो मक्का तैयार होगी। उसको भी परचेजिंग की व्यवस्था बन गई। इसलिए हमारे किसान बड़े खुशहाल होंगे। अभी हमने एक उसका मल्टी ग्रेन का प्लांट लगाया। 

यहां देखें रिपोर्ट -
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed