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Gonda News: विश्व शांति और आध्यात्मिक जागृति का दिया संदेश
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 05 Mar 2026 11:39 PM IST
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इटियाथोक में आयोजित सत्संग में कथा सुनाते उमाकांत महाराज व उपस्थित श्रद्धालु। -संवाद
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जयप्रभाग्राम। इटियाथोक स्थित जय गुरुदेव आश्रम में आयोजित तीन दिवसीय सत्संग एवं नामदान कार्यक्रम बुधवार को संपन्न हो गया। यूपी सहित अन्य प्रांतों से आए जय गुरुदेव के हजारों अनुयायियों ने सत्संग में भाग लिया और आध्यात्मिक प्रवचनों का लाभ उठाया।
उमाकांत महाराज ने विश्व नेताओं से ऐतिहासिक समझौता करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दुनिया में शांति स्थापित करने के लिए युद्ध, हथियारों की होड़ और किसी की जमीन पर कब्जा करने की प्रवृत्ति को समाप्त करना होगा। हर राष्ट्र की गरिमा और स्वतंत्रता का सम्मान होना चाहिए। ऐसी वैश्विक एकता से लाखों लोगों की जान बचाई जा सकती है, क्योंकि आज मानवता अपने ही बनाए विनाशकारी हथियारों से खतरे में है।
उन्होंने कहा कि आदिकाल की तुलना में आज मानव जीवन की अवधि कम हो गई है, जिसका मुख्य कारण नैतिक पतन और जीवन शक्ति का दुरुपयोग है। मनुष्य अनियंत्रित इच्छाओं और अनुशासनहीन जीवन के कारण अपनी ‘श्वास पूंजी’ को व्यर्थ कर रहा है, जिससे असमय मृत्यु हो रही है। मानव शरीर का उद्देश्य भोग-विलास नहीं, बल्कि पूजा, भक्ति और आत्म-साधना है।
महाराज ने कहा कि सच्चा धन ‘नाम धन’ है, जो दीक्षा और ध्यान के माध्यम से प्राप्त होने वाली आत्मिक शक्ति है। सच्ची होली बाहरी रंगों से नहीं, बल्कि आत्मा में भक्ति और प्रेम के साथ मनाई जाती है। कार्यक्रम के समापन के बाद आश्रम परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस दौरान विधायक विनय कुमार द्विवेदी, श्रावस्ती के जिला पंचायत अध्यक्ष दद्दन मिश्र, तुलसीपुर विधायक कैलाशनाथ शुक्ल, मंशाराम वर्मा, संतोष राय, आरके पांडेय, संतोष पांडेय, जितेंद्र प्रजापति आदि मौजूद रहे।
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उमाकांत महाराज ने विश्व नेताओं से ऐतिहासिक समझौता करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दुनिया में शांति स्थापित करने के लिए युद्ध, हथियारों की होड़ और किसी की जमीन पर कब्जा करने की प्रवृत्ति को समाप्त करना होगा। हर राष्ट्र की गरिमा और स्वतंत्रता का सम्मान होना चाहिए। ऐसी वैश्विक एकता से लाखों लोगों की जान बचाई जा सकती है, क्योंकि आज मानवता अपने ही बनाए विनाशकारी हथियारों से खतरे में है।
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उन्होंने कहा कि आदिकाल की तुलना में आज मानव जीवन की अवधि कम हो गई है, जिसका मुख्य कारण नैतिक पतन और जीवन शक्ति का दुरुपयोग है। मनुष्य अनियंत्रित इच्छाओं और अनुशासनहीन जीवन के कारण अपनी ‘श्वास पूंजी’ को व्यर्थ कर रहा है, जिससे असमय मृत्यु हो रही है। मानव शरीर का उद्देश्य भोग-विलास नहीं, बल्कि पूजा, भक्ति और आत्म-साधना है।
महाराज ने कहा कि सच्चा धन ‘नाम धन’ है, जो दीक्षा और ध्यान के माध्यम से प्राप्त होने वाली आत्मिक शक्ति है। सच्ची होली बाहरी रंगों से नहीं, बल्कि आत्मा में भक्ति और प्रेम के साथ मनाई जाती है। कार्यक्रम के समापन के बाद आश्रम परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस दौरान विधायक विनय कुमार द्विवेदी, श्रावस्ती के जिला पंचायत अध्यक्ष दद्दन मिश्र, तुलसीपुर विधायक कैलाशनाथ शुक्ल, मंशाराम वर्मा, संतोष राय, आरके पांडेय, संतोष पांडेय, जितेंद्र प्रजापति आदि मौजूद रहे।

इटियाथोक में आयोजित सत्संग में कथा सुनाते उमाकांत महाराज व उपस्थित श्रद्धालु। -संवाद
