{"_id":"69cd5f5e49d42358b70aac6a","slug":"morning-clouds-increased-the-heartbeat-of-farmers-gonda-news-c-100-1-gon1001-155379-2026-04-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: सुबह बादलों ने बढ़ाई किसानों की धड़कन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: सुबह बादलों ने बढ़ाई किसानों की धड़कन
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 01 Apr 2026 11:39 PM IST
विज्ञापन
फोटो- 39 गोंडा में परसपुर के बेलवानोहर में खेत मेे 
विज्ञापन
गोंडा। मौसम के अचानक बदले मिजाज ने मंगलवार रात से ही किसानों की चिंता बढ़ा दी। जिले के कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी के बाद बुधवार सुबह करीब छह बजे आसमान में काले बादल छा गए। बादलों को देख खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल को लेकर किसानों की धड़कनें तेज हो गईं। सुबह होते ही कई किसान अपनी फसल सुरक्षित करने के लिए खेतों की ओर दौड़ पड़े और कटी हुई फसल को समेटने में जुट गए।
परसपुर के बेलवा नोहर गांव में किसानों ने सुबह-सुबह खेतों में पहुंचकर गेहूं बटोरना शुरू कर दिया। हालांकि करीब दस बजे के बाद मौसम ने फिर करवट ली और तेज धूप निकल आई, जिससे किसानों ने राहत की सांस ली। धूप निकलने से फसल भीगने का खतरा टल गया, लेकिन मौसम की अनिश्चितता को लेकर चिंता बनी हुई है।
इटियाथोक के किसान राजितराम ने बताया कि इस समय बड़ी मात्रा में गेहूं की फसल खेतों में कटी पड़ी है। यदि तेज बारिश हो जाती है तो किसानों की मेहनत पर पानी फिर सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मौसम में हर पल सतर्क रहना पड़ रहा है। मौसम के इस उतार-चढ़ाव ने किसानों की चिंता जरूर बढ़ाई है, लेकिन फिलहाल धूप निकलने से उन्हें थोड़ी राहत मिली है।
Trending Videos
परसपुर के बेलवा नोहर गांव में किसानों ने सुबह-सुबह खेतों में पहुंचकर गेहूं बटोरना शुरू कर दिया। हालांकि करीब दस बजे के बाद मौसम ने फिर करवट ली और तेज धूप निकल आई, जिससे किसानों ने राहत की सांस ली। धूप निकलने से फसल भीगने का खतरा टल गया, लेकिन मौसम की अनिश्चितता को लेकर चिंता बनी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इटियाथोक के किसान राजितराम ने बताया कि इस समय बड़ी मात्रा में गेहूं की फसल खेतों में कटी पड़ी है। यदि तेज बारिश हो जाती है तो किसानों की मेहनत पर पानी फिर सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मौसम में हर पल सतर्क रहना पड़ रहा है। मौसम के इस उतार-चढ़ाव ने किसानों की चिंता जरूर बढ़ाई है, लेकिन फिलहाल धूप निकलने से उन्हें थोड़ी राहत मिली है।