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Gonda News: म्यूल अकाउंट रैकेट का भंडाफोड़, पांच गिरफ्तार

Mon, 13 Jul 2026 02:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Mon, 13 Jul 2026 02:06 AM IST
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Mule account racket busted, five arrested
पकड़े गए आरोपी।
गोंडा। साइबर सेल और देहात कोतवाली पुलिस ने संगठित साइबर अपराध गिरोह का पर्दाफाश करते हुए कथित भाजपा नेता समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरोह बेरोजगार युवकों को सोलर कंपनी में नौकरी दिलाने और 15 हजार रुपये मासिक वेतन का झांसा देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था। बाद में इन्हीं खातों का इस्तेमाल देशभर में होने वाली साइबर ठगी की रकम के लेनदेन के लिए किया जाता था। अब तक 20 से अधिक म्यूल अकाउंट के जरिये करीब 21 करोड़ रुपये के लेनदेन का पता चला है।
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एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि रविवार को पुलिस ने खिरौरा मोहन क्रॉसिंग बहराइच रोड से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में विजय सोनी निवासी रानी बाजार, दीपक गोयल निवासी आवास विकास कॉलोनी, देवनारायण मिश्रा निवासी महादेइया चकसड़ नगर कोतवाली, गंगोत्री पांडेय निवासी भमैचा सिसवरिया थाना मोतीगंज और शहबान आलम उर्फ सोनू निवासी साहबगंज नगर कोतवाली शामिल हैं। विजय सोनी भाजपा का कथित नेता बताया जा रहा है। पुलिस ने इनके कब्जे से छह मोबाइल फोन, 15 आधार कार्ड, 10 सिम कार्ड, आठ मोहर, दो पैन कार्ड, एक डेबिट कार्ड, दो वोटर आईडी कार्ड, एक मेमोरी कार्ड, एक मोटरसाइकिल और एक स्कूटी बरामद की है।
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कोतवाली देहात के सिसई टिकरिया विशुनपुर बैरिया निवासी वीरेंद्र प्रताप ने शनिवार को आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सोलर कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर उनके नाम से बैंक में करंट अकाउंट खुलवाया गया। खाते में उनका मोबाइल नंबर दर्ज कराने के बजाय आरोपियों ने अपना नंबर लिंक करा लिया और इंटरनेट बैंकिंग का पूरा नियंत्रण अपने पास रख लिया। बाद में उसी खाते से करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन किए गए। इतना ही नहीं, उनके नाम से फर्जी उद्यम और जीएसटी पंजीकरण भी करा लिया गया।
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ऐसे चलता था साइबर ठगी का नेटवर्क
- पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे बेरोजगार और जरूरतमंद लोगों को नौकरी का लालच देकर उनके दस्तावेजों पर उद्यम और जीएसटी पंजीकरण कराते थे। इसके बाद करंट अकाउंट खुलवाकर उसमें अपना मोबाइल नंबर लिंक करा देते थे और इंटरनेट बैंकिंग का एक्सेस अपने पास रखते थे। देशभर में निवेश ठगी, डिजिटल अरेस्ट, सेक्सटॉर्शन और अन्य साइबर अपराधों से हासिल रकम इन खातों में ट्रांसफर कराकर उन्हें म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल किया जाता था।


43 शिकायतें, 3.20 करोड़ रुपये होल्ड
पुलिस के मुताबिक बरामद दस्तावेजों से अब तक 20 से अधिक म्यूल अकाउंट की जानकारी मिली है, जिनमें करीब 21 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ। इन खातों के संबंध में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, तमिलनाडु, लद्दाख, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, कर्नाटक और तेलंगाना समेत कई राज्यों से राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर 43 शिकायतें दर्ज हैं। इन मामलों में करीब 3.20 करोड़ रुपये विभिन्न खातों में होल्ड कराए जा चुके हैं।

यह होता है म्यूल अकाउंट
म्यूल अकाउंट एक ऐसा बैंक खाता होता है जिसका इस्तेमाल साइबर अपराधी या जालसाज अवैध तरीके से कमाए गए पैसे (जैसे साइबर ठगी, मनी लॉन्ड्रिंग) को छुपाने और इधर-उधर ट्रांसफर करने के लिए करते हैं। इसमें खाता किसी और का होता है, लेकिन उसका इस्तेमाल कोई दूसरा व्यक्ति कर रहा होता है
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