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Gonda News: 87 कॉलेजों में स्नातक की 52 हजार से अधिक सीटें
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 02 May 2026 11:21 PM IST
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गोंडा। इंटरमीडिएट परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले जिले के 38,318 छात्र-छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध हैं। जिले में ही स्नातक स्तर की पढ़ाई के लिए 87 महाविद्यालयों में 52 हजार से अधिक सीटें हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
जिले में मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में एक राजकीय, दो सहायता प्राप्त और 84 निजी कॉलेज शामिल हैं। इन संस्थानों में पारंपरिक कोर्सों के साथ-साथ रोजगारपरक और प्रोफेशनल कोर्सों की भी भरमार है। बीए, बीएससी और बीकॉम जैसे स्नातक पाठ्यक्रमों के साथ ही बीएससी (कृषि), बीसीए, बीबीए, पॉलीटेक्निक, आईटीआई, इंटीग्रेटेड एलएलबी, फार्मेसी व नर्सिंग की पढ़ाई की जा सकती है।
रोजगारपरक कोर्सों की बढ़ी मांग
शिक्षक डॉ. मनोज मिश्र ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में प्रोफेशनल और तकनीकी कोर्सों की ओर विद्यार्थियों का रुझान तेजी से बढ़ा है। बीसीए, बीबीए, कृषि, फार्मेसी और नर्सिंग जैसे कोर्स न केवल आधुनिक शिक्षा से जोड़ते हैं, बल्कि निजी व सरकारी क्षेत्र में रोजगार के बेहतर अवसर भी प्रदान करते हैं।
एलबीएस महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रो. जितेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में उच्च शिक्षा की पर्याप्त व्यवस्था है। सभी महाविद्यालयों में सीटों की कोई कमी नहीं है। छात्र-छात्राएं अपनी रुचि और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सही कोर्स का चयन करें।
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जिले में मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में एक राजकीय, दो सहायता प्राप्त और 84 निजी कॉलेज शामिल हैं। इन संस्थानों में पारंपरिक कोर्सों के साथ-साथ रोजगारपरक और प्रोफेशनल कोर्सों की भी भरमार है। बीए, बीएससी और बीकॉम जैसे स्नातक पाठ्यक्रमों के साथ ही बीएससी (कृषि), बीसीए, बीबीए, पॉलीटेक्निक, आईटीआई, इंटीग्रेटेड एलएलबी, फार्मेसी व नर्सिंग की पढ़ाई की जा सकती है।
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रोजगारपरक कोर्सों की बढ़ी मांग
शिक्षक डॉ. मनोज मिश्र ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में प्रोफेशनल और तकनीकी कोर्सों की ओर विद्यार्थियों का रुझान तेजी से बढ़ा है। बीसीए, बीबीए, कृषि, फार्मेसी और नर्सिंग जैसे कोर्स न केवल आधुनिक शिक्षा से जोड़ते हैं, बल्कि निजी व सरकारी क्षेत्र में रोजगार के बेहतर अवसर भी प्रदान करते हैं।
एलबीएस महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रो. जितेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में उच्च शिक्षा की पर्याप्त व्यवस्था है। सभी महाविद्यालयों में सीटों की कोई कमी नहीं है। छात्र-छात्राएं अपनी रुचि और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सही कोर्स का चयन करें।
