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Gonda News: पैमाइश बाद भी नहीं मिला कब्जा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 02 May 2026 11:23 PM IST
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करनैलगंज तहसील में सुनवाई करतीं कमिश्नर दुर्गा शक्ति नागपाल व सदर तहसील में सुनवाई करतीं डीएम
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गोंडा। साहब, हकबरारी का आदेश होने के बाद पैमाइश भी हो गई, पत्थर भी गड़ गया फिर भी बीते डेढ़ साल से जमीन पर कब्जा पाने के लिए तहसील के चक्कर काटना पड़ रहे हैं। यह पीड़ा शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस में सदर तहसील पहुंचे इटियाथोक के विशुनपुर तिवारी निवासी अतीउल्ला ने जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन के सामने व्यक्त करते हुए न्याय दिलवाने की गुहार लगाई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने मौके पर ही एसडीएम जितेंद्र गौतम पर नाराजगी जताते हुए राजस्व निरीक्षक रमेश चंद्र को तलब किया। बताया गया कि पत्थर उखाड़ने पर एफआईआर दर्ज है, तो डीएम ने सख्ती से पीड़ित को कब्जा दिलवाने की कार्रवाई सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। इटियाथोक के मिश्रौलिया कानूनगो की शोभा देवी ने बताया कि छह अगस्त 2024 को पति की मौत के बाद पोस्टमार्टम हुआ, लेकिन अब तक मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं मिला। इस कारण उन्हें विधवा पेंशन समेत अन्य योजनाओं का लाभ मिल पा रहा है।
धानेपुर के सिंहपुर निवासी राम प्रसाद ने शिकायत की कि मंदिर जाने वाले रास्ते पर अतिक्रमण कर लिया गया है, लेकिन तहसील स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हो रही। सदर तहसील में डीएम और एसपी ने कुल 128 शिकायतें सुनीं, जिनमें से पांच का मौके पर निस्तारण कराया गया। इस दौरान सदर तहसील में शनिवार को फरियादियों की लंबी कतार लगी रही। लोगों को अपनी बारी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। सुनवाई के दौरान एसडीएम जितेंद्र गौतम, तहसीलदार मनीष कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
कमिश्नर ने की शिकायतों की सुनवाई
करनैलगंज। संपूर्ण समाधान दिवस में पहले से मुख्य राजस्व अधिकारी रिंकी जायसवाल और उपजिलाधिकारी नेहा मिश्रा शिकायतों की सुनवाई कर रही थीं। इसी बीच मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने पहुंचकर सीधे फरियादियों से बातचीत शुरू कर दी। यह जाना कि कितनी शिकायतें पहले दी गई थी, उनका अब तक निस्तारण हुआ की नहीं। भीड़ देखते हुए मंडलायुक्त खुद सुनवाई के लिए बैठ गईं और एक-एक प्रार्थना पत्र पर संबंधित अधिकारियों को बुलाकर मौके पर ही निर्देश दिए।
करनैलगंज निवासी रेखा रानी ने शिकायत करते हुए बताया कि उनके पति की सर्पदंश से मृत्यु के बाद उन्होंने राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना और विधवा पेंशन के लिए आवेदन किया, लेकिन अब तक लाभ नहीं मिला। उन्होंने लेखपाल पर जानबूझकर प्रकरण लंबित रखने का आरोप लगाया। इस पर आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने तत्काल संज्ञान लेते हुए एसडीएम को निर्देश दिया कि तीन दिन में जांच पूरी कर पीड़िता को लाभ दिलाया जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। इस दौरान कुल 93 शिकायतें आईं, जिनमें से 11 का मौके पर निस्तारण किया गया। (संवाद)
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मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने मौके पर ही एसडीएम जितेंद्र गौतम पर नाराजगी जताते हुए राजस्व निरीक्षक रमेश चंद्र को तलब किया। बताया गया कि पत्थर उखाड़ने पर एफआईआर दर्ज है, तो डीएम ने सख्ती से पीड़ित को कब्जा दिलवाने की कार्रवाई सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। इटियाथोक के मिश्रौलिया कानूनगो की शोभा देवी ने बताया कि छह अगस्त 2024 को पति की मौत के बाद पोस्टमार्टम हुआ, लेकिन अब तक मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं मिला। इस कारण उन्हें विधवा पेंशन समेत अन्य योजनाओं का लाभ मिल पा रहा है।
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धानेपुर के सिंहपुर निवासी राम प्रसाद ने शिकायत की कि मंदिर जाने वाले रास्ते पर अतिक्रमण कर लिया गया है, लेकिन तहसील स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हो रही। सदर तहसील में डीएम और एसपी ने कुल 128 शिकायतें सुनीं, जिनमें से पांच का मौके पर निस्तारण कराया गया। इस दौरान सदर तहसील में शनिवार को फरियादियों की लंबी कतार लगी रही। लोगों को अपनी बारी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। सुनवाई के दौरान एसडीएम जितेंद्र गौतम, तहसीलदार मनीष कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
कमिश्नर ने की शिकायतों की सुनवाई
करनैलगंज। संपूर्ण समाधान दिवस में पहले से मुख्य राजस्व अधिकारी रिंकी जायसवाल और उपजिलाधिकारी नेहा मिश्रा शिकायतों की सुनवाई कर रही थीं। इसी बीच मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने पहुंचकर सीधे फरियादियों से बातचीत शुरू कर दी। यह जाना कि कितनी शिकायतें पहले दी गई थी, उनका अब तक निस्तारण हुआ की नहीं। भीड़ देखते हुए मंडलायुक्त खुद सुनवाई के लिए बैठ गईं और एक-एक प्रार्थना पत्र पर संबंधित अधिकारियों को बुलाकर मौके पर ही निर्देश दिए।
करनैलगंज निवासी रेखा रानी ने शिकायत करते हुए बताया कि उनके पति की सर्पदंश से मृत्यु के बाद उन्होंने राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना और विधवा पेंशन के लिए आवेदन किया, लेकिन अब तक लाभ नहीं मिला। उन्होंने लेखपाल पर जानबूझकर प्रकरण लंबित रखने का आरोप लगाया। इस पर आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने तत्काल संज्ञान लेते हुए एसडीएम को निर्देश दिया कि तीन दिन में जांच पूरी कर पीड़िता को लाभ दिलाया जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। इस दौरान कुल 93 शिकायतें आईं, जिनमें से 11 का मौके पर निस्तारण किया गया। (संवाद)

करनैलगंज तहसील में सुनवाई करतीं कमिश्नर दुर्गा शक्ति नागपाल व सदर तहसील में सुनवाई करतीं डीएम
