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Gonda News: गर्मी में लोड बढ़ने से लड़खड़ाई बिजली आपूर्ति की व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 08 Jun 2026 11:50 PM IST
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बिजली विभाग की कार्यशाला में रखे ट्रांसफार्मर। - संवाद
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गोंडा। भीषण गर्मी के बीच जिले में बिजली की रिकॉर्ड मांग ने पावर कॉर्पोरेशन की तैयारियों की पोल खोल दी है। मांग बढ़ने के साथ ही ट्रांसफार्मर फुंकने और केबल जलने की घटनाएं बढ़ गई हैं। नतीजतन शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक के लोग घंटों नहीं, बल्कि कई-कई दिन तक बिजली संकट झेलने को मजबूर हैं।
जिले में गत वर्ष जून में करीब 300 मेगावाट बिजली की मांग थी। इस वर्ष यह आंकड़ा 344 मेगावाट तक पहुंच गया है। लोड बढ़ने से पावर कॉर्पोरेशन की विद्युत वितरण व्यवस्था लड़खड़ा गई है। शिकायतों का समय से समाधान न मिलने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। डुमरियाडीह उपकेंद्र क्षेत्र के डल्लापुर गांव में छह दिन पहले जला केबल अब तक बदला नहीं जा सका है। सुभागपुर के भिखारीजोत, धानेपुर के विशंभपुर, मोहनपुर और उमरिया के बैजलपुर समेत कई गांवों में ट्रांसफार्मर फुंकने से बिजली आपूर्ति ठप है। कहीं चार दिन तो कहीं 10 दिन से बिजली आपूर्ति ठप होने से उमस और गर्मी के बीच लोग अंधेरे में रात गुजारने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी में बिजली कटौती और खराब उपकरणों के कारण सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को हो रही है। कई स्थानों पर पेयजल संकट भी गहराने लगा है। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद विभागीय अधिकारी त्वरित कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
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मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने कहा कि बढ़ती मांग को देखते हुए ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि, खराब केबल को बदलने और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं। उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए विभाग हरसंभव प्रयास कर रहा है।
आंधी-बारिश का नुकसान अभी तक नहीं भर पाया विभाग
अधीक्षण अभियंता सुशील कुमार यादव ने बताया कि 24 मई को तेज आंधी और बारिश में मोहनपुर, उमरिया, रघुराजनगर, तरबगंज और बेलसर क्षेत्र में करीब तीन हजार बिजली के पोल क्षतिग्रस्त हो गए थे। बड़े पैमाने पर मरम्मत कार्य कराया गया लेकिन अभी भी लगभग 40 मजरे आंशिक रूप से प्रभावित हैं, जहां आपूर्ति सामान्य करने का प्रयास जारी है।
एक महीने में 200 से ज्यादा ट्रांसफार्मर फुंके
अधिशासी अभियंता पीसी राम के अनुसार गत एक माह में देवीपाटन मंडल में 200 से अधिक ट्रांसफार्मर खराब हुए हैं। खंभों की कमी दूर करने के लिए चार हजार से अधिक पोल उपलब्ध कराए गए हैं और 2,500 अतिरिक्त पोल भी मंगाए गए हैं।
जिले में गत वर्ष जून में करीब 300 मेगावाट बिजली की मांग थी। इस वर्ष यह आंकड़ा 344 मेगावाट तक पहुंच गया है। लोड बढ़ने से पावर कॉर्पोरेशन की विद्युत वितरण व्यवस्था लड़खड़ा गई है। शिकायतों का समय से समाधान न मिलने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। डुमरियाडीह उपकेंद्र क्षेत्र के डल्लापुर गांव में छह दिन पहले जला केबल अब तक बदला नहीं जा सका है। सुभागपुर के भिखारीजोत, धानेपुर के विशंभपुर, मोहनपुर और उमरिया के बैजलपुर समेत कई गांवों में ट्रांसफार्मर फुंकने से बिजली आपूर्ति ठप है। कहीं चार दिन तो कहीं 10 दिन से बिजली आपूर्ति ठप होने से उमस और गर्मी के बीच लोग अंधेरे में रात गुजारने को मजबूर हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी में बिजली कटौती और खराब उपकरणों के कारण सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को हो रही है। कई स्थानों पर पेयजल संकट भी गहराने लगा है। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद विभागीय अधिकारी त्वरित कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
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आंधी-बारिश का नुकसान अभी तक नहीं भर पाया विभाग
अधीक्षण अभियंता सुशील कुमार यादव ने बताया कि 24 मई को तेज आंधी और बारिश में मोहनपुर, उमरिया, रघुराजनगर, तरबगंज और बेलसर क्षेत्र में करीब तीन हजार बिजली के पोल क्षतिग्रस्त हो गए थे। बड़े पैमाने पर मरम्मत कार्य कराया गया लेकिन अभी भी लगभग 40 मजरे आंशिक रूप से प्रभावित हैं, जहां आपूर्ति सामान्य करने का प्रयास जारी है।
एक महीने में 200 से ज्यादा ट्रांसफार्मर फुंके
अधिशासी अभियंता पीसी राम के अनुसार गत एक माह में देवीपाटन मंडल में 200 से अधिक ट्रांसफार्मर खराब हुए हैं। खंभों की कमी दूर करने के लिए चार हजार से अधिक पोल उपलब्ध कराए गए हैं और 2,500 अतिरिक्त पोल भी मंगाए गए हैं।