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Gonda News: तहसील में सेवानिवृत्त कर्मचारी की बिगड़ी तबीयत, मौत
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 08 Jun 2026 11:42 PM IST
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अनिल श्रीवास्तव की फाइल फोटो और सदर तहसील में अचेत होने पर उन्हें सीपीआर देते सिविल लाइंस चौकी
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गोंडा। सदर तहसील में सोमवार को दाखिल-खारिज के कार्य से पहुंचे डाक विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी अनिल कुमार श्रीवास्तव (64) की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें अचेत अवस्था में मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया है। घटना को लेकर प्रत्यक्षदर्शियों और प्रशासन के दावों में अंतर भी सामने आया है।
जानकीनगर स्थित सीताराम पुरम कॉलोनी निवासी अनिल कुमार श्रीवास्तव अपने मकान के दाखिल-खारिज संबंधी कार्य से सोमवार को सदर तहसील पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अभिलेखागार में बैठे अनिल अचानक गश खाकर अचेत हो गए और काफी देर तक कुर्सी पर ही पड़े रहे। लोगों का आरोप है कि उन्हें तत्काल चिकित्सकीय सहायता नहीं मिल सकी।
सिविल लाइंस चौकी प्रभारी अजय कुमार तिवारी ने बताया कि दोपहर करीब 01:02 बजे सूचना मिलने पर वह नगर कोतवाल विंदेश्वरी मणि त्रिपाठी के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने सीपीआर देकर उन्हें होश में लाने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। कोतवाल के अनुसार प्रथम दृष्टया भीषण गर्मी के बीच हार्टअटैक से मौत की आशंका है। पोस्टमार्टम न होने से कारण स्पष्ट नहीं हो सका।
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परिजनों ने बताया कि वर्ष 2020 में डाक विभाग से सेवानिवृत्त हुए अनिल कुमार श्रीवास्तव 15 दिन से दाखिल-खारिज के लिए तहसील के चक्कर लगा रहे थे। उनकी भतीजी मुस्कान श्रीवास्तव आईएएस अधिकारी हैं। परिवार में पत्नी नीलम, पुत्र प्रांजल व अविरल तथा पुत्री स्वप्निल हैं।
एसडीएम सदर जितेंद्र गौतम ने बताया कि राजस्व निरीक्षक से सूचना मिलने पर तत्काल पुलिस को अवगत कराया गया और उन्हें अस्पताल भेजा गया।
गर्मी में इंतजामों पर उठे सवाल
घटना के बाद तहसील परिसर में गर्मी से बचाव की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि भीषण गर्मी के बावजूद पर्याप्त पेयजल, पंखों और अन्य सुविधाओं की कमी बनी हुई है।
जानकीनगर स्थित सीताराम पुरम कॉलोनी निवासी अनिल कुमार श्रीवास्तव अपने मकान के दाखिल-खारिज संबंधी कार्य से सोमवार को सदर तहसील पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अभिलेखागार में बैठे अनिल अचानक गश खाकर अचेत हो गए और काफी देर तक कुर्सी पर ही पड़े रहे। लोगों का आरोप है कि उन्हें तत्काल चिकित्सकीय सहायता नहीं मिल सकी।
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सिविल लाइंस चौकी प्रभारी अजय कुमार तिवारी ने बताया कि दोपहर करीब 01:02 बजे सूचना मिलने पर वह नगर कोतवाल विंदेश्वरी मणि त्रिपाठी के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने सीपीआर देकर उन्हें होश में लाने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। कोतवाल के अनुसार प्रथम दृष्टया भीषण गर्मी के बीच हार्टअटैक से मौत की आशंका है। पोस्टमार्टम न होने से कारण स्पष्ट नहीं हो सका।
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एसडीएम सदर जितेंद्र गौतम ने बताया कि राजस्व निरीक्षक से सूचना मिलने पर तत्काल पुलिस को अवगत कराया गया और उन्हें अस्पताल भेजा गया।
गर्मी में इंतजामों पर उठे सवाल
घटना के बाद तहसील परिसर में गर्मी से बचाव की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि भीषण गर्मी के बावजूद पर्याप्त पेयजल, पंखों और अन्य सुविधाओं की कमी बनी हुई है।

अनिल श्रीवास्तव की फाइल फोटो और सदर तहसील में अचेत होने पर उन्हें सीपीआर देते सिविल लाइंस चौकी