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Gonda News: सखी वन स्टॉप सेंटर ने सुमन को अपनों से मिलाया
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 22 Mar 2026 11:36 PM IST
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वन स्टॉप सेंटर पर भाई से मिलने के बाद घर जाने की तैयारी करती सुमन। स्रोत: सेंटर
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गोंडा। मानवीय संवेदनाओं और प्रशासनिक तत्परता की एक सुखद तस्वीर शनिवार को सखी वन स्टॉप सेंटर में देखने को मिली। मानसिक रूप से कमजोर और 15 दिनों से अपने परिवार से बिछड़ी सुमन आखिरकार सखी वन स्टॉप सेंटर के प्रयासों से अपने घर लौट सकीं। शनिवार देर शाम जब सुमन के भाई बसंत कुमार उन्हें लेने केंद्र पहुंचे, तो अपनों को सामने पाकर दोनों की आंखें खुशी से भर आईं।
20 जनवरी को सुमन कलेक्ट्रेट सभागार में लावारिस हालत में मिली थीं। वह इतनी कमजोर स्थिति में थीं कि अपने घर या परिवार के बारे में कुछ भी बता पाने में असमर्थ थीं। शुरुआत में उन्हें वृद्धाश्रम भेजने का प्रयास किया गया, लेकिन कम उम्र होने के कारण वहां प्रवेश नहीं मिल सका। इसके बाद जिला प्रशासन ने मामले की सूचना सखी वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी चेतना सिंह को दी।
सुमन को तत्काल पंतनगर स्थित शक्ति सदन ले जाया गया, जहां विशेषज्ञों द्वारा उनकी गहन काउंसलिंग शुरू हुई। कई घंटों की संवेदनशीलता और धैर्यपूर्ण बातचीत के बाद सुमन ने मनकापुर क्षेत्र का जिक्र किया। टीम ने मनकापुर कोतवाली से संपर्क साधा, जिसके बाद उनके परिवार का पता चल सका। भाई बसंत ने बताया कि उनकी बहन पिछले 15 दिनों से लापता थी और पूरा परिवार उनकी तलाश में भटक रहा था।
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20 जनवरी को सुमन कलेक्ट्रेट सभागार में लावारिस हालत में मिली थीं। वह इतनी कमजोर स्थिति में थीं कि अपने घर या परिवार के बारे में कुछ भी बता पाने में असमर्थ थीं। शुरुआत में उन्हें वृद्धाश्रम भेजने का प्रयास किया गया, लेकिन कम उम्र होने के कारण वहां प्रवेश नहीं मिल सका। इसके बाद जिला प्रशासन ने मामले की सूचना सखी वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी चेतना सिंह को दी।
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सुमन को तत्काल पंतनगर स्थित शक्ति सदन ले जाया गया, जहां विशेषज्ञों द्वारा उनकी गहन काउंसलिंग शुरू हुई। कई घंटों की संवेदनशीलता और धैर्यपूर्ण बातचीत के बाद सुमन ने मनकापुर क्षेत्र का जिक्र किया। टीम ने मनकापुर कोतवाली से संपर्क साधा, जिसके बाद उनके परिवार का पता चल सका। भाई बसंत ने बताया कि उनकी बहन पिछले 15 दिनों से लापता थी और पूरा परिवार उनकी तलाश में भटक रहा था।