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Gonda News: माझा में सरयू खतरे के निशान से ऊपर
Fri, 07 Aug 2026 11:18 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 07 Aug 2026 11:18 PM IST
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नवाबगंज में गांव के पास कटान करती नदी।
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गोंडा/करनैलगंज/नवाबगंज। सरयू नदी एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। नदी में शुक्रवार शाम तीन लाख क्यूसेक पानी पहुंचने से माझा क्षेत्र के गांवों पर बाढ़ का खतरा गहरा गया है। नवाबगंज क्षेत्र में पानी खेतों तक पहुंच गया है।
सिंचाई विभाग के अनुसार एल्गिन ब्रिज पर शुक्रवार शाम जलस्तर 106.18 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 106.07 मीटर से 11 सेंटीमीटर ऊपर है। सुबह नदी खतरे के निशान से 13 सेंटीमीटर ऊपर थी। वहीं अयोध्या में लगातार जलस्तर बढ़ रहा है। नदी में लगातार पानी छोड़ना जा रहा है। शुक्रवार को गिरिजा बैराज से 1,55,103 क्यूसेक, शारदा बैराज से 1,42,466 क्यूसेक और सरयू बैराज से 2,570 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे नदी का जलस्तर बढ़ रहा है।
बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने बताया कि एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर धीरे-धीरे घट रहा है, लेकिन पानी उतरने के दौरान कटान का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए तटबंधों और संवेदनशील स्थलों की लगातार निगरानी की जा रही है। फिलहाल कहीं से गंभीर कटान की सूचना नहीं है। उधर, नवाबगंज के माझा क्षेत्र में सरयू का पानी तेजी से खेतों की ओर बढ़ रहा है। धान, गन्ना और हरे चारे की फसल जलमग्न होने लगी है।
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कई स्थानों पर तेज कटान से किसानों की उपजाऊ जमीन और बड़े पेड़ नदी में समा रहे हैं। दत्तनगर के पूर्व प्रधान राजाराम यादव ने बताया कि नदी का बहाव लगातार तेज है। पानी खेतों की ओर बढ़ रहा है। तुलसीपुर माझा के पूर्व प्रधान लालजी सिंह ने कहा कि दत्तनगर, साखीपुर, गोकुला और तुलसीपुर माझा समेत कई गांवों के लोग बढ़ते जलस्तर से चिंतित हैं। तरबगंज के उपजिलाधिकारी प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित माझा क्षेत्र में आवागमन के लिए 20 सरकारी नावें तैनात कर दी गई हैं। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त नावों की व्यवस्था की जाएगी।
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सिंचाई विभाग के अनुसार एल्गिन ब्रिज पर शुक्रवार शाम जलस्तर 106.18 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 106.07 मीटर से 11 सेंटीमीटर ऊपर है। सुबह नदी खतरे के निशान से 13 सेंटीमीटर ऊपर थी। वहीं अयोध्या में लगातार जलस्तर बढ़ रहा है। नदी में लगातार पानी छोड़ना जा रहा है। शुक्रवार को गिरिजा बैराज से 1,55,103 क्यूसेक, शारदा बैराज से 1,42,466 क्यूसेक और सरयू बैराज से 2,570 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे नदी का जलस्तर बढ़ रहा है।
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बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने बताया कि एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर धीरे-धीरे घट रहा है, लेकिन पानी उतरने के दौरान कटान का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए तटबंधों और संवेदनशील स्थलों की लगातार निगरानी की जा रही है। फिलहाल कहीं से गंभीर कटान की सूचना नहीं है। उधर, नवाबगंज के माझा क्षेत्र में सरयू का पानी तेजी से खेतों की ओर बढ़ रहा है। धान, गन्ना और हरे चारे की फसल जलमग्न होने लगी है।
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कई स्थानों पर तेज कटान से किसानों की उपजाऊ जमीन और बड़े पेड़ नदी में समा रहे हैं। दत्तनगर के पूर्व प्रधान राजाराम यादव ने बताया कि नदी का बहाव लगातार तेज है। पानी खेतों की ओर बढ़ रहा है। तुलसीपुर माझा के पूर्व प्रधान लालजी सिंह ने कहा कि दत्तनगर, साखीपुर, गोकुला और तुलसीपुर माझा समेत कई गांवों के लोग बढ़ते जलस्तर से चिंतित हैं। तरबगंज के उपजिलाधिकारी प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित माझा क्षेत्र में आवागमन के लिए 20 सरकारी नावें तैनात कर दी गई हैं। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त नावों की व्यवस्था की जाएगी।