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Gonda News: सरयू लाल निशान के करीब, प्रशासन अलर्ट
Tue, 14 Jul 2026 11:40 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 14 Jul 2026 11:40 PM IST
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कटान करती सरयू नदी।
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करनैलगंज। नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश और बैराजों से छोड़े जा रहे हजारों क्यूसेक पानी की वजह से सरयू का पानी डराने लगा है। मंगलवार को एल्गिन ब्रिज पर नदी खतरे के निशान से महज 96 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। जलस्तर में हो रही निरंतर वृद्धि से तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन भी अलर्ट हो गया है।
मंगलवार को सरयू नदी में कुल 1,09,266 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया। इसमें गिरिजा बैराज से 87,476 क्यूसेक, शारदा बैराज से 21,540 क्यूसेक तथा सरयू बैराज से 250 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बढ़े हुए डिस्चार्ज का असर एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर में देखने को मिला, जहां नदी का जलस्तर 105.110 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 106.070 मीटर है।
केंद्रीय जल आयोग और सिंचाई विभाग की टीमें जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश जारी रही और बैराजों से पानी छोड़ा जाता रहा तो अगले कुछ दिनों में जलस्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है। इधर बहुवन मदार माझा और रायपुर माझा के सामने सरयू की तेज कटान को रोकने के लिए बाढ़ खंड ने बचाव कार्य तेज कर दिया है।
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संवेदनशील स्थलों पर बोल्डर, बम्बू क्रेट, बालू से भरी बोरियां और बांस के क्रेट नदी में डाले जा रहे हैं। इसके अलावा नदी की धारा को नियंत्रित करने के लिए परक्यूपाइन भी लगाए जा रहे हैं, ताकि कटान से आबादी और कृषि भूमि को बचाया जा सके।
बांध पर तैनात सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने बताया कि डिस्चार्ज बढ़ने से नदी का फैलाव बढ़ा है, लेकिन फिलहाल सभी तटबंध सुरक्षित हैं और उन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
एसडीएम नेहा मिश्रा ने बताया कि बैराजों से छोड़े गए पानी को देखते हुए निचले और तटीय क्षेत्रों के ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को सक्रिय रहने, संवेदनशील गांवों पर नजर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य अभियंता ने बांधों का किया निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसीगोंडा। सरयू प्रथम खंड अयोध्या के मुख्य अभियंता संजय त्रिपाठी ने मंगलवार को सकरौरा और एल्गिन-चरसड़ी बांध का निरीक्षण कर बाढ़ सुरक्षा कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए एक सप्ताह के भीतर सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता ने बांधों पर चल रहे सुरक्षात्मक कार्यों और गुणवत्ता की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ के मद्देनजर सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं, ताकि किसी प्रकार की समस्या न हो। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता जय सिंह ने बताया कि वर्तमान में बांध पर खड़ंजा बिछाने का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। मुख्य अभियंता ने निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने और समयबद्ध ढंग से उन्हें पूरा कराने के निर्देश दिए। इस दौरान अधीक्षण अभियंता मनोज साहू सहित विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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मंगलवार को सरयू नदी में कुल 1,09,266 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया। इसमें गिरिजा बैराज से 87,476 क्यूसेक, शारदा बैराज से 21,540 क्यूसेक तथा सरयू बैराज से 250 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बढ़े हुए डिस्चार्ज का असर एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर में देखने को मिला, जहां नदी का जलस्तर 105.110 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 106.070 मीटर है।
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केंद्रीय जल आयोग और सिंचाई विभाग की टीमें जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश जारी रही और बैराजों से पानी छोड़ा जाता रहा तो अगले कुछ दिनों में जलस्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है। इधर बहुवन मदार माझा और रायपुर माझा के सामने सरयू की तेज कटान को रोकने के लिए बाढ़ खंड ने बचाव कार्य तेज कर दिया है।
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संवेदनशील स्थलों पर बोल्डर, बम्बू क्रेट, बालू से भरी बोरियां और बांस के क्रेट नदी में डाले जा रहे हैं। इसके अलावा नदी की धारा को नियंत्रित करने के लिए परक्यूपाइन भी लगाए जा रहे हैं, ताकि कटान से आबादी और कृषि भूमि को बचाया जा सके।
बांध पर तैनात सहायक अभियंता पंकज कुमार आर्य ने बताया कि डिस्चार्ज बढ़ने से नदी का फैलाव बढ़ा है, लेकिन फिलहाल सभी तटबंध सुरक्षित हैं और उन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
एसडीएम नेहा मिश्रा ने बताया कि बैराजों से छोड़े गए पानी को देखते हुए निचले और तटीय क्षेत्रों के ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को सक्रिय रहने, संवेदनशील गांवों पर नजर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य अभियंता ने बांधों का किया निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसीगोंडा। सरयू प्रथम खंड अयोध्या के मुख्य अभियंता संजय त्रिपाठी ने मंगलवार को सकरौरा और एल्गिन-चरसड़ी बांध का निरीक्षण कर बाढ़ सुरक्षा कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए एक सप्ताह के भीतर सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता ने बांधों पर चल रहे सुरक्षात्मक कार्यों और गुणवत्ता की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ के मद्देनजर सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं, ताकि किसी प्रकार की समस्या न हो। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता जय सिंह ने बताया कि वर्तमान में बांध पर खड़ंजा बिछाने का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। मुख्य अभियंता ने निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने और समयबद्ध ढंग से उन्हें पूरा कराने के निर्देश दिए। इस दौरान अधीक्षण अभियंता मनोज साहू सहित विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।