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Gonda News: सरयू लाल निशान के पास, तटवर्ती गांवों में अलर्ट
Fri, 31 Jul 2026 11:19 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 31 Jul 2026 11:19 PM IST
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करनैलगंज स्थित सरयू नदी में बढ़ने लगा पानी। स्रोत: विभाग
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करनैलगंज। गिरिजा, शारदा और सरयू बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। शुक्रवार शाम को एल्गिन ब्रिज पर नदी खतरे के निशान से महज 28 सेंटीमीटर दूर थी। प्रशासन ने तटवर्ती गांवों में अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
सिंचाई विभाग के अनुसार शुक्रवार सुबह आठ बजे एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर 105.670 मीटर था, जो खतरे के निशान 106.070 मीटर से 40 सेंटीमीटर नीचे था। शाम चार बजे तक जलस्तर बढ़कर 105.790 मीटर हो गया और नदी खतरे के निशान से केवल 28 सेंटीमीटर दूर रह गई। नदी का डिस्चार्ज भी सुबह 2.60 लाख क्यूसेक से बढ़कर शाम तक 2.60 लाख क्यूसेक हो गया। अधिकारियों का अनुमान है कि अगले 24 से 48 घंटे में जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है।
बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पंकज आर्य ने बताया कि कटान संभावित स्थलों की लगातार निगरानी की जा रही है। एल्गिन-चरसड़ी तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है। एसडीएम सत्यम जीत ने बताया कि सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है।
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उधर, विश्नोहरपुर के माझा क्षेत्र में दत्तनगर और साकीपुर के बाड़ी माझा में कटान फिलहाल थम गई है, लेकिन दोपहर बाद सरयू का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों की चिंता फिर बढ़ गई। ग्रामीण फूलचंद ने बताया कि उनका खेत कटान में समा चुका है और अब केवल एक छप्पर बचा है। चहलावा निवासी रामदीन ने बताया कि जलभराव से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। हरे चारे का संकट गहरा गया है और जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बढ़ गया है। पशुओं का टीकाकरण भी अभी तक नहीं कराया गया है।
दुर्गागंज में शुक्रवार को भी कटान जारी रही, जबकि दत्तनगर में मगरमच्छ दिखने की सूचना से ग्रामीणों में दहशत है। लेखपाल ओमप्रकाश वर्मा ने बताया कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में अतिरिक्त नावों की भी व्यवस्था कराई जाएगी।
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सिंचाई विभाग के अनुसार शुक्रवार सुबह आठ बजे एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर 105.670 मीटर था, जो खतरे के निशान 106.070 मीटर से 40 सेंटीमीटर नीचे था। शाम चार बजे तक जलस्तर बढ़कर 105.790 मीटर हो गया और नदी खतरे के निशान से केवल 28 सेंटीमीटर दूर रह गई। नदी का डिस्चार्ज भी सुबह 2.60 लाख क्यूसेक से बढ़कर शाम तक 2.60 लाख क्यूसेक हो गया। अधिकारियों का अनुमान है कि अगले 24 से 48 घंटे में जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है।
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बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पंकज आर्य ने बताया कि कटान संभावित स्थलों की लगातार निगरानी की जा रही है। एल्गिन-चरसड़ी तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है। एसडीएम सत्यम जीत ने बताया कि सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है।
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उधर, विश्नोहरपुर के माझा क्षेत्र में दत्तनगर और साकीपुर के बाड़ी माझा में कटान फिलहाल थम गई है, लेकिन दोपहर बाद सरयू का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों की चिंता फिर बढ़ गई। ग्रामीण फूलचंद ने बताया कि उनका खेत कटान में समा चुका है और अब केवल एक छप्पर बचा है। चहलावा निवासी रामदीन ने बताया कि जलभराव से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। हरे चारे का संकट गहरा गया है और जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बढ़ गया है। पशुओं का टीकाकरण भी अभी तक नहीं कराया गया है।
दुर्गागंज में शुक्रवार को भी कटान जारी रही, जबकि दत्तनगर में मगरमच्छ दिखने की सूचना से ग्रामीणों में दहशत है। लेखपाल ओमप्रकाश वर्मा ने बताया कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में अतिरिक्त नावों की भी व्यवस्था कराई जाएगी।