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Gonda News: फाैजी से आठ लाख की ठगी
Fri, 31 Jul 2026 11:38 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 31 Jul 2026 11:38 PM IST
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गोंडा। भारतीय सेना के एक जवान ने अपने साथी सैनिक और बैंक प्रबंधक व कर्मचारियों पर फर्जीवाड़ा करके आठ लाख रुपये का ऋण स्वीकृत कराकर निकाल लेने का आरोप लगाया है। मामले में अदालत के आदेश पर नगर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
नगर कोतवाली क्षेत्र के धनौली गांव निवासी संजय कुमार शुक्ल ने दर्ज कराई प्राथमिकी में कहा कि वह भारतीय सेना में कार्यरत हैं। वर्ष 2022 में उनकी तैनाती लेह में हुई थी। इसी दौरान उनकी मुलाकात साथी सैनिक नीरज कुमार सिंह से हुई और दोनों के बीच घनिष्ठ संबंध बन गए। नीरज अक्सर विभिन्न खातों और ऑनलाइन माध्यमों से धनराशि मंगाकर उसे दूसरे खातों में स्थानांतरित करने के लिए कहते थे। उन पर विश्वास करके रुपये स्थानांतरित कर देते थे।
आरोप है कि दो अप्रैल, नौ अप्रैल, 15 अप्रैल और 17 अप्रैल 2025 को उनके खाते में क्रमशः एक लाख रुपये, एक लाख रुपये और तीन-तीन लाख रुपये जमा कराए गए। इसके बाद नीरज कुमार सिंह के कहने पर यह रकम दूसरे खातों में स्थानांतरित कर दी थी।
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संजय के मुताबिक, संदेह होने पर उन्होंने जोधपुर स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में जानकारी की। तब पता चला कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की लेह स्थित फायर फ्यूरी शाखा से उनके नाम से पर्सनल लोन स्वीकृत किया गया था। पीड़ित ने आरोप लगाया कि बैंक प्रबंधक, कर्मचारी और नीरज कुमार सिंह ने मिलकर जाली दस्तावेज तैयार करके फर्जी हस्ताक्षरों के आधार पर ऋण स्वीकृत कराया। उनका कहना है कि वह कभी भी संबंधित बैंक शाखा नहीं गए और न ही उन्होंने ऋण के लिए कोई आवेदन किया। नगर कोतवाल विंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच कराई जा रही है।
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नगर कोतवाली क्षेत्र के धनौली गांव निवासी संजय कुमार शुक्ल ने दर्ज कराई प्राथमिकी में कहा कि वह भारतीय सेना में कार्यरत हैं। वर्ष 2022 में उनकी तैनाती लेह में हुई थी। इसी दौरान उनकी मुलाकात साथी सैनिक नीरज कुमार सिंह से हुई और दोनों के बीच घनिष्ठ संबंध बन गए। नीरज अक्सर विभिन्न खातों और ऑनलाइन माध्यमों से धनराशि मंगाकर उसे दूसरे खातों में स्थानांतरित करने के लिए कहते थे। उन पर विश्वास करके रुपये स्थानांतरित कर देते थे।
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आरोप है कि दो अप्रैल, नौ अप्रैल, 15 अप्रैल और 17 अप्रैल 2025 को उनके खाते में क्रमशः एक लाख रुपये, एक लाख रुपये और तीन-तीन लाख रुपये जमा कराए गए। इसके बाद नीरज कुमार सिंह के कहने पर यह रकम दूसरे खातों में स्थानांतरित कर दी थी।
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संजय के मुताबिक, संदेह होने पर उन्होंने जोधपुर स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में जानकारी की। तब पता चला कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की लेह स्थित फायर फ्यूरी शाखा से उनके नाम से पर्सनल लोन स्वीकृत किया गया था। पीड़ित ने आरोप लगाया कि बैंक प्रबंधक, कर्मचारी और नीरज कुमार सिंह ने मिलकर जाली दस्तावेज तैयार करके फर्जी हस्ताक्षरों के आधार पर ऋण स्वीकृत कराया। उनका कहना है कि वह कभी भी संबंधित बैंक शाखा नहीं गए और न ही उन्होंने ऋण के लिए कोई आवेदन किया। नगर कोतवाल विंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच कराई जा रही है।