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Gonda News: टेढ़ी नदी का होगा पुनर्जीवन, पुराने प्रवाह मार्ग होंगे सक्रिय
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 20 Jan 2026 11:32 PM IST
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बालपुर में टेढ़ी नदी की बदहाल हालत। - संवाद
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गोंडा। टेढ़ी नदी के संरक्षण, साफ-सफाई, पुनर्जीवन एवं जीर्णोद्धार के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। मंगलवार को जिला पंचायत सभागार में डीएम प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें नदियों का सुरक्षित क्षेत्रफल सुनिश्चित करने और अतिक्रमण रोकने पर विशेष चर्चा हुई।
डीएम ने कहा कि टेढ़ी नदी जनपद की महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहर है, जिसका संरक्षण केवल प्रशासनिक दायित्व ही नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने निर्देश दिए कि नदियों की नियमित साफ-सफाई कराई जाए, जिससे जल प्रवाह बाधित न हो और पर्यावरण संतुलन बना रहे।
डीएम ने नदियों में हो रहे अतिक्रमण को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में चिह्नाकंन कर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही राजस्व अभिलेखों के गहन अध्ययन से नदियों के सुरक्षित क्षेत्रफल का निर्धारण किया जाए, ताकि भविष्य में अवैध निर्माण की पुनरावृत्ति न हो।
डीएम ने कहा कि नदियों के पुराने प्रवाह मार्गों की पहचान कर उन्हें पुनः सक्रिय किया जाए। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए निर्धारित समय सीमा में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में एडीएम आलोक कुमार, एसडीएम सदर अशोक कुमार गुप्ता, एसडीएम करनैलगंज नेहा मिश्रा व तरबगंज एसडीएम विश्वमित्र सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
ग्राम स्तर पर चलेगा जनजागरूकता अभियान
नदियों के किनारे बसे ग्रामों में जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि लोगों को नदियों के महत्व, स्वच्छता और संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा सके। डीएम ने सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्र में नियमित निरीक्षण करने और लापरवाही मिलने पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि नदियों के संरक्षण से जल संसाधनों में वृद्धि होगी, जिसका सीधा लाभ कृषि, पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर पड़ेगा। उन्होंने लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में नदियों से संबंधित समस्त सूचनाएं अपडेट रखें और किसी भी समस्या की जानकारी तत्काल प्रशासन को दें।
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डीएम ने कहा कि टेढ़ी नदी जनपद की महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहर है, जिसका संरक्षण केवल प्रशासनिक दायित्व ही नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने निर्देश दिए कि नदियों की नियमित साफ-सफाई कराई जाए, जिससे जल प्रवाह बाधित न हो और पर्यावरण संतुलन बना रहे।
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डीएम ने नदियों में हो रहे अतिक्रमण को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में चिह्नाकंन कर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही राजस्व अभिलेखों के गहन अध्ययन से नदियों के सुरक्षित क्षेत्रफल का निर्धारण किया जाए, ताकि भविष्य में अवैध निर्माण की पुनरावृत्ति न हो।
डीएम ने कहा कि नदियों के पुराने प्रवाह मार्गों की पहचान कर उन्हें पुनः सक्रिय किया जाए। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए निर्धारित समय सीमा में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में एडीएम आलोक कुमार, एसडीएम सदर अशोक कुमार गुप्ता, एसडीएम करनैलगंज नेहा मिश्रा व तरबगंज एसडीएम विश्वमित्र सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
ग्राम स्तर पर चलेगा जनजागरूकता अभियान
नदियों के किनारे बसे ग्रामों में जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि लोगों को नदियों के महत्व, स्वच्छता और संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा सके। डीएम ने सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्र में नियमित निरीक्षण करने और लापरवाही मिलने पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि नदियों के संरक्षण से जल संसाधनों में वृद्धि होगी, जिसका सीधा लाभ कृषि, पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर पड़ेगा। उन्होंने लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में नदियों से संबंधित समस्त सूचनाएं अपडेट रखें और किसी भी समस्या की जानकारी तत्काल प्रशासन को दें।
