{"_id":"69b994fc7ca476538f079fb0","slug":"the-district-level-saras-mela-began-to-shrink-on-the-second-day-itself-silence-prevailed-gonda-news-c-100-1-gon1003-154349-2026-03-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: दूसरे दिन ही सिमटने लगा जिला स्तरीय सरस मेला, पसरा सन्नाटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: दूसरे दिन ही सिमटने लगा जिला स्तरीय सरस मेला, पसरा सन्नाटा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 17 Mar 2026 11:23 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
गोंडा। वेंकटाचार्य क्लब में आयोजित तीन दिवसीय सरस मेला दूसरे दिन ही सिमटता दिखा। सोमवार को इसका शुभारंभ जिलाधिकारी ने किया था। दूसरे दिन मंगलवार को ही मेला स्थल पर सन्नाटा पसरा दिखा। पर्याप्त संख्या में खरीदारों के न पहुंचने से विभिन्न उत्पादों के स्टॉल लगाने वालों के चेहरे पर मायूसी दिखी। मेले में भीड़ न जुटने से महिला समूह से जुड़े उत्पादों का प्रचार-प्रसार भी नहीं हो पा रहा है।
मंगलवार दोपहर करीब दो बजे वेंकटाचार्य क्लब में स्वयं सहायता समूह की कुछ महिलाएं स्टॉल पर खरीदारों का इंतजार करते नजर आईं। भीड़ न जुटने से स्टॉल पर मौजूद लोग रील बनाते नजर आए। स्टॉल लगाने वाली महिलाएं भी अधिकारियों की व्यवस्था से निराश व परेशान नजर आई। कहा कि यहां न तो कोई खरीदार आ रहा है और न ही उनके उत्पादों की बिक्री के लिए उनका प्रचार-प्रसार हो रहा है। स्वत: रोजगार उपायुक्त जेएन राव ने भी माना कि मेले में अपेक्षा से काफी कम लोग पहुंच रहे हैं।
पति के साथ कदम मिलाकर बनीं आत्मनिर्भर
तरबगंज के भानपुर शरीफगंज बाजार की रहने वाली गुड़िया ने कुमकुम स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद पति सूरज के साथ मिलकर आत्मनिर्भर बनने का मुकाम हासिल किया। इसके लिए उन्होंने बेकरी का व्यवसाय अपनाया। वह खुद घर पर क्रीम रोल व जीरा बनाती हैं। जबकि तैयार बेकरी आइटम की बिक्री का जिम्मा उनके पति ने संभाल रखा है। उनके बनाए बेकरी उत्पाद तरबगंज, पकड़ी बाजार, अमदही और परास समेत अन्य क्षेत्रों में सप्लाई होते हैं।
मुनाफा नहीं, गुणवत्ता से बनाई पहचान
धानेपुर के पूरे नेवल की रहने वाली सुमन मौर्य का परिवार जयपुर में रहकर लेडीज रेडीमेड कपड़ों की सिलाई आदि का काम करता था। कोरोना काल में परिवार अपने पैतृक गांव वापस लौट आया। इसके बाद सुमन मौर्य ने स्थानीय स्तर पर अमित आजीविका स्वयं सहायता समूह का संचालन शुरू कर सस्ते दामों पर महिलाओं के लिए जयपुरिया सूट तैयार कर उनकी बिक्री शुरू की। उनका कहना है कि दाम के बजाय पिछले चार सालों से वह गुणवत्ता पर ध्यान दे रही हैं। इसी लिए उनके उत्पाद महिलाओं में लोकप्रिय बने हैं।
Trending Videos
मंगलवार दोपहर करीब दो बजे वेंकटाचार्य क्लब में स्वयं सहायता समूह की कुछ महिलाएं स्टॉल पर खरीदारों का इंतजार करते नजर आईं। भीड़ न जुटने से स्टॉल पर मौजूद लोग रील बनाते नजर आए। स्टॉल लगाने वाली महिलाएं भी अधिकारियों की व्यवस्था से निराश व परेशान नजर आई। कहा कि यहां न तो कोई खरीदार आ रहा है और न ही उनके उत्पादों की बिक्री के लिए उनका प्रचार-प्रसार हो रहा है। स्वत: रोजगार उपायुक्त जेएन राव ने भी माना कि मेले में अपेक्षा से काफी कम लोग पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
पति के साथ कदम मिलाकर बनीं आत्मनिर्भर
तरबगंज के भानपुर शरीफगंज बाजार की रहने वाली गुड़िया ने कुमकुम स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद पति सूरज के साथ मिलकर आत्मनिर्भर बनने का मुकाम हासिल किया। इसके लिए उन्होंने बेकरी का व्यवसाय अपनाया। वह खुद घर पर क्रीम रोल व जीरा बनाती हैं। जबकि तैयार बेकरी आइटम की बिक्री का जिम्मा उनके पति ने संभाल रखा है। उनके बनाए बेकरी उत्पाद तरबगंज, पकड़ी बाजार, अमदही और परास समेत अन्य क्षेत्रों में सप्लाई होते हैं।
मुनाफा नहीं, गुणवत्ता से बनाई पहचान
धानेपुर के पूरे नेवल की रहने वाली सुमन मौर्य का परिवार जयपुर में रहकर लेडीज रेडीमेड कपड़ों की सिलाई आदि का काम करता था। कोरोना काल में परिवार अपने पैतृक गांव वापस लौट आया। इसके बाद सुमन मौर्य ने स्थानीय स्तर पर अमित आजीविका स्वयं सहायता समूह का संचालन शुरू कर सस्ते दामों पर महिलाओं के लिए जयपुरिया सूट तैयार कर उनकी बिक्री शुरू की। उनका कहना है कि दाम के बजाय पिछले चार सालों से वह गुणवत्ता पर ध्यान दे रही हैं। इसी लिए उनके उत्पाद महिलाओं में लोकप्रिय बने हैं।