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Gonda News: 28 साल पहले मृत व्यक्ति की जमीन का हो गया बैनामा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 23 Mar 2026 11:40 PM IST
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मंडलायुक्त कार्यालय में महिलाओं की शिकायतें सुनतीं अपर आयुक्त मीनू राणा। - संवाद
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गोंडा। मंडलायुक्त कार्यालय सभागार में सोमवार को आयोजित मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद कार्यक्रम में महिलाओं की समस्याएं और पीड़ा खुलकर सामने आई। कार्यक्रम के दौरान कई मामलों में न्याय की गुहार लगाई गई, जिनमें एक मामला 28 साल पहले मृत व्यक्ति के नाम पर जमीन का फर्जी बैनामा किए जाने का भी सामने आया।
गोरखपुर के बरहजपार माफी गांव से आईं संजू केवट ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि उनके पिता महाजन की 28 मई 1997 को मृत्यु हो गई थी। इसके बावजूद 23 जुलाई 2025 को किसी व्यक्ति ने खुद को महाजन बताकर उनकी पैतृक जमीन का बैनामा कर दिया। उन्होंने बताया कि चकबंदी प्रक्रिया के चलते वरासत पहले से लंबित थी, जिसका फायदा उठाकर यह फर्जीवाड़ा किया गया।
संजू ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई और अब आरोपी उन्हें धमकी भी दे रहे हैं। इस पर अपर आयुक्त मीनू राणा ने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में अन्य महिलाओं ने भी अपनी समस्याएं रखीं। तरबगंज के पिपरहवा गांव की लक्ष्मी ने रास्ता खुलवाने और सुरक्षा दिलाने की मांग की। रुपईडीह के भुड़कुड़ा गांव की रामपियारी ने पति की मृत्यु के दो वर्ष बाद भी अनुकंपा पेंशन न मिलने की शिकायत की। वहीं, कटरा बाजार क्षेत्र के बरूहा जयरामजोत की निरमा सिंह ने अपने बेटे ऋषभ की संदिग्ध हालात में मौत का मामला उठाया।
मंडलायुक्त शशिभूषण लाल सुशील ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर निष्पक्ष जांच कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान कुल सात मामलों में महिलाओं ने गुहार लगाई, जिस पर अधिकारियों ने त्वरित संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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गोरखपुर के बरहजपार माफी गांव से आईं संजू केवट ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि उनके पिता महाजन की 28 मई 1997 को मृत्यु हो गई थी। इसके बावजूद 23 जुलाई 2025 को किसी व्यक्ति ने खुद को महाजन बताकर उनकी पैतृक जमीन का बैनामा कर दिया। उन्होंने बताया कि चकबंदी प्रक्रिया के चलते वरासत पहले से लंबित थी, जिसका फायदा उठाकर यह फर्जीवाड़ा किया गया।
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संजू ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई और अब आरोपी उन्हें धमकी भी दे रहे हैं। इस पर अपर आयुक्त मीनू राणा ने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में अन्य महिलाओं ने भी अपनी समस्याएं रखीं। तरबगंज के पिपरहवा गांव की लक्ष्मी ने रास्ता खुलवाने और सुरक्षा दिलाने की मांग की। रुपईडीह के भुड़कुड़ा गांव की रामपियारी ने पति की मृत्यु के दो वर्ष बाद भी अनुकंपा पेंशन न मिलने की शिकायत की। वहीं, कटरा बाजार क्षेत्र के बरूहा जयरामजोत की निरमा सिंह ने अपने बेटे ऋषभ की संदिग्ध हालात में मौत का मामला उठाया।
मंडलायुक्त शशिभूषण लाल सुशील ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर निष्पक्ष जांच कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान कुल सात मामलों में महिलाओं ने गुहार लगाई, जिस पर अधिकारियों ने त्वरित संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।