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Gonda News: 5.23 लाख की धोखाधड़ी में दो साइबर ठग गिरफ्तार
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गोंडा में गिरफ्तार साइबर आरोपी।
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गोंडा। साइबर ठगी के मामले में साइबर थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल, अलग-अलग लोगों के नाम के करीब 10 आधार व पैन कार्ड और एक लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं।
एएसपी अजीत कुमार रजक ने बताया कि आवास विकास कॉलोनी निवासी राजेंद्र श्रीवास्तव ने साइबर थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि चार मई की रात उनके बैंक खाते से बिना जानकारी और सहमति के 5,23,600 रुपये विभिन्न अनधिकृत लेनदेन के जरिये निकाल लिए गए। उन्होंने किसी को ओटीपी, पिन, पासवर्ड या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी नहीं दी थी। सभी लेनदेन मेकमाईट्रिप के फर्जी लिंक के माध्यम से किए गए थे।
सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी सदर अभिषेक दावच्यॉ के नेतृत्व में साइबर थाना पुलिस ने जांच शुरू की। बुधवार को पुलिस ने राजस्थान के जयपुर के किसन धर्मकांटा के पास निवासी कमल खड़का और सीकर जिले के श्रीमाधोपुर नांगल निवासी करण सिंह शेखावत को गिरफ्तार कर लिया।
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अलग-अलग राज्यों से लेते थे सिम
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे संगठित साइबर ठगी गिरोह के लिए काम करते हैं। गिरोह के सदस्य अलग-अलग राज्यों में जाकर मोबाइल सिम लेते थे। इन्हीं सिम के जरिये विभिन्न बैंकों में डिजिटल तरीके से खाते खुलवाए जाते थे। साइबर ठगी की रकम इन खातों में मंगाई जाती थी।
इसके बाद रकम की एफडी कराकर उसके आधार पर लगभग उतनी ही सीमा वाले क्रेडिट कार्ड हासिल किए जाते थे। इन कार्डों से महंगे आभूषण, फ्लाइट टिकट और अन्य सामान खरीदे जाते थे। रेस्टोरेंट, रिसॉर्ट और होटलों की बुकिंग के साथ पार्टियों में भी रकम खर्च की जाती थी। इसके बाद क्रेडिट कार्ड बंद कराने के लिए क्लोजर रिक्वेस्ट डाल दी जाती थी। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के मोबाइल में करीब छह-सात बैंक खातों और इतने ही क्रेडिट कार्ड के डिजिटल संचालन की जानकारी मिली है। पुलिस इन खातों और उनसे हुए लेनदेन की जांच कर रही है।
10 लोगों के नाम के आधार-पैन बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल, एक लाख रुपये नकद और अलग-अलग लोगों के नाम के करीब 10 आधार व पैन कार्ड बरामद किए हैं। दोनों के खिलाफ साइबर थाने में दर्ज रिपोर्ट के आधार पर विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की जानकारी जुटा रही है।
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एएसपी अजीत कुमार रजक ने बताया कि आवास विकास कॉलोनी निवासी राजेंद्र श्रीवास्तव ने साइबर थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि चार मई की रात उनके बैंक खाते से बिना जानकारी और सहमति के 5,23,600 रुपये विभिन्न अनधिकृत लेनदेन के जरिये निकाल लिए गए। उन्होंने किसी को ओटीपी, पिन, पासवर्ड या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी नहीं दी थी। सभी लेनदेन मेकमाईट्रिप के फर्जी लिंक के माध्यम से किए गए थे।
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सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी सदर अभिषेक दावच्यॉ के नेतृत्व में साइबर थाना पुलिस ने जांच शुरू की। बुधवार को पुलिस ने राजस्थान के जयपुर के किसन धर्मकांटा के पास निवासी कमल खड़का और सीकर जिले के श्रीमाधोपुर नांगल निवासी करण सिंह शेखावत को गिरफ्तार कर लिया।
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अलग-अलग राज्यों से लेते थे सिम
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे संगठित साइबर ठगी गिरोह के लिए काम करते हैं। गिरोह के सदस्य अलग-अलग राज्यों में जाकर मोबाइल सिम लेते थे। इन्हीं सिम के जरिये विभिन्न बैंकों में डिजिटल तरीके से खाते खुलवाए जाते थे। साइबर ठगी की रकम इन खातों में मंगाई जाती थी।
इसके बाद रकम की एफडी कराकर उसके आधार पर लगभग उतनी ही सीमा वाले क्रेडिट कार्ड हासिल किए जाते थे। इन कार्डों से महंगे आभूषण, फ्लाइट टिकट और अन्य सामान खरीदे जाते थे। रेस्टोरेंट, रिसॉर्ट और होटलों की बुकिंग के साथ पार्टियों में भी रकम खर्च की जाती थी। इसके बाद क्रेडिट कार्ड बंद कराने के लिए क्लोजर रिक्वेस्ट डाल दी जाती थी। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के मोबाइल में करीब छह-सात बैंक खातों और इतने ही क्रेडिट कार्ड के डिजिटल संचालन की जानकारी मिली है। पुलिस इन खातों और उनसे हुए लेनदेन की जांच कर रही है।
10 लोगों के नाम के आधार-पैन बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल, एक लाख रुपये नकद और अलग-अलग लोगों के नाम के करीब 10 आधार व पैन कार्ड बरामद किए हैं। दोनों के खिलाफ साइबर थाने में दर्ज रिपोर्ट के आधार पर विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की जानकारी जुटा रही है।