गोरखपुर में हिंसा से पुलिस ने सीखे पांच सबक, तभी शांति से निपटी जुमे की नमाज़
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इस घटना के बाद प्रशासन और पुलिस ने सख्त कार्रवाई की। पुलिस की ओर से 39 नामजद और एक हजार अज्ञात लोगों पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया। तीस लोगों की गिरफ्तारी कर जेल में डाला गया। इसके अलावा रोजाना ही धर पकड़ की कार्रवाई जारी है। दूसरे पुलिस अफसरों ने इस बार कमान संभाली और खुद ही मस्जिद के मोलवी, मुतवल्ली, इमाम, जनप्रतिनिधि व संभ्रात लोगों से संपर्क साधा, उन्हें ही बैठक में बुलाया गया और पुलिस ने नसीहत दी।
पुलिस की ओर से उन्हें समझा गया था कि यदि इस बार उत्पात हुआ तो आप की भी नहीं सुनी जाएगी। पिछली कार्रवाई का असर भी सब देख रहे थे। पुलिस ने यह भी साफ कह दिया कि हम पीछे रहेंगे आगे का मोर्चा आप को ही संभालना है। हां, इतना जरूर है कि अगर पुलिस ने मोर्चा संभाला तो सख्त कार्रवाई होगी। पुलिस की इसी नसीहत का असर रहा कि लोग शांतिपूर्ण तरीके से अपने ही इलाके के मस्जिद में ही नमाज अदा किए और शांतिपूर्ण माहौल बना रहा।
एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने कहा कि लोगों का पूरा सहयोग मिला। पुलिस ने भी अपनी ओर से तैयारी पूरी रखी थी। कहीं कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई। पुलिस आगे भी सतर्क रहेगी।
वहीं बस्ती जिले में सीसीए व एनआरसी को लेकर जुमे पर अचानक माहौल बदलने की स्थिति से निपटने का प्रशासन ने पहले से ही पुख्ता इंतजाम कर रखा था। शहर से लेकर कस्बों व ग्रामीण क्षेत्रों की मस्जिदों के अलावा अन्य धार्मिक स्थलों पर रात से ही पुलिस तैनात हो गई थी। ड्रोन कैमरों से दारूल उलूम सहित मुख्य स्थानों पर पुलिस की निगहबानी भी रही। कमिश्नर अनिल कुमार सागर, आईजी आशुतोष कुमार के अलावा डीएम आशुतोष निरंजन और एसपी हेमराज मीणा दोपहर बाद सवा दो बजे तक गांधीनगर में डटे रहे। आशंका थी कि नमाज के बाद भीड़ सड़क पर आ सकती है। छिपे हुए आराजकतत्त्व खुराफात कर सकते हैं।
इसे देखते हुए गांधीनगर जामा मस्जिद से लेकर दरियाखां दारूल उलूम तक डीएम, एसपी ने 11 बजे से ही पैदल मार्च करना करना शुरू कर दिया था। एक बजे के आसपास कमिश्नर व आईजी भी गांधीनगर पुलिस चौकी में जा पहुंचे। जहां डीएम,एसपी व अन्य अधिकारियों से फीडबैक लिया। नमाज के पहले ही पुलिस प्रशासन का सकारात्मक देख लोग रोज की तरह अपने रोजमर्रा के कामकाज में जुटे रहे।
वहीं महराजगंज में नागरिकता कानून को लेकर प्रदेश के अन्य जिलों में हुए बावल को देखते हुए जिले की पुलिस सतर्क है। जुमे की नमाज कडी सुरक्षा के बीच पढ़ी गई। सीमावर्ती क्षेत्र से लेकर जिले में संवेदनशील स्थानों पर पुलिस का कडा पहरा रहा। इसके अलावा पुलिस पेट्रोलिंग भी तेज रही। पुलिस ने क्षेत्र में भ्रमण कर लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। दिनभर पुलिस का गाडियां दौडती रही। सीमावर्ती क्षेत्र में एसएसबी के जवान सतर्क रहे। इसके अलावा समाज के प्रबुद्ध जन भी शांति व्यवस्था रखने में सहयोग किया।
शहर में सक्सेना चौक पर मस्जिद के पास शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान पुलिस कर्मी तैनात रहे। इसके अलावा बस स्टेशन के पिछे मस्जिद पर भी कडी सुरक्षा रही। साथ ही रोडवेज बस स्टेशन पर भी सुरक्षाकर्मी पैनी नजर रखे रहे। शहर के अलावा आस पास के क्षेत्रों में मस्जिदों पर भी सुरक्षा के कडे इंतजाम रहे। बीते शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान गोरखपुर में हुए हंगामें को देखते हुए पुलिस ने यहां भी विशेष सतर्कता बरती। सोनौली, ठूठीबारी, बरगदवां, परसामलिक, भगवानपुर, झुलनीपुर, लक्ष्मीपुर समेत अन्य क्षेत्र में एसएसबी के जवान सतर्क रहे।
सीमावर्ती क्षेत्र में इंटरनेट की गति बेहद धीमी रही। दिनभर लोग परेशान रहे। लोग समझ नहीं पा रहे थे कि अचानक इंटरनेट की गति धीमी कैसे हों गई। लोगों ने कहा कि हो सकता है कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीमावर्ती क्षेत्र में नेटवर्क का सिग्नल धीमा कर दिया गया हो। शाम तक नेटवर्क ठीक ढंग से काम करने लगा।
पल पल की जानकारी लेते रहे अधिकारी
नगर के सक्सेना चौक पर एसपी रोहित सिंह सजवान, एएसपी आशुतोष शुक्ल, एडीएम कुंज अग्रवाल पुलिस चौकी पर करीब आधे घंटे तक बैठे रहे। अधिकारी जिले में होने वाली प्रत्येक हलचल के बारें में जानकारी लिए। जुमे के दिन गोरखपुर में हुए बवाल को लेकर यहां भी अधिकारी सुरक्षा को लेकर परेशान रहे। जुमे की नमाज समाप्त होने के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली।