सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hamirpur News ›   A joint team conducted a survey to prevent accidents on the Kanpur-Sagar National Highway.

Hamirpur News: कानपुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हादसे रोकने के लिए संयुक्त टीम ने किया सर्वे

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jun 2026 01:28 AM IST
विज्ञापन
A joint team conducted a survey to prevent accidents on the Kanpur-Sagar National Highway.
फोटो 02 एचएएमपी 18- 19 मई के अंक में प्रकाशित अमर उजाला की विशेष ग्राउंड रिपोर्ट।
विज्ञापन
हमीरपुर। कानपुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-34) पर हो रही सड़क दुर्घटनाओं में मौतों की गूंज अब दिल्ली तक पहुंच गई है। सड़क हादसों के कारणों की वैज्ञानिक पड़ताल और दुर्घटनाओं को कम करने के उपाय तलाशने के लिए मंगलवार को दिल्ली से आई सेव लाइफ फाउंडेशन और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की संयुक्त टीम ने जिले के दुर्घटना बहुल स्थलों का विस्तृत सर्वे किया। टीम ने उन स्थानों का अध्ययन किया जहां पिछले वर्षों में सर्वाधिक दुर्घटनाएं और मौतें दर्ज हुई हैं। तैयार रिपोर्ट संबंधित जिलाधिकारियों को भेजी जाएगी जिसमें सड़क सुरक्षा से संरचनात्मक सुधारों की सिफारिशें होंगी।


एनएच-34 बुंदेलखंड के सबसे व्यस्त और दुर्घटना प्रभावित मार्गों में शामिल है। भारी वाहनों का दबाव, अनियंत्रित कट, बाजार क्षेत्रों में मिश्रित यातायात और खतरनाक ओवरटेकिंग के कारण यह मार्ग लगातार हादसों की वजह से चर्चा में रहा है। 17 मई को मौदहा क्षेत्र में ट्रक और कार की भिड़ंत में चार लोगों की मौत के बाद सड़क सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


अमर उजाला ने इसे मुहिम बनाया और इसी के तहत 19 मई के अंक में संकरी डगर खत्म कर रही जिंदगी का सफर शीर्षक से प्रमुखता से विशेष ग्राउंड रिपोर्ट प्रकाशित की। इसमें 20 दिनों के भीतर तीन बड़े हादसों में 11 लोगों की मौत, डिवाइडर के अभाव, खतरनाक ओवरटेकिंग, दुर्घटना बहुल ब्लैक स्पॉट, बंद हाईमास्ट और अधूरी सुरक्षा व्यवस्थाओं को प्रमुखता से उठाया गया।
विज्ञापन
Trending Videos


रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने सड़क सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में दुर्घटना बहुल स्थलों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। इसके बाद रोड मार्किंग, रिफ्लेक्टर, चेतावनी संकेतक और अन्य सुरक्षा उपायों को लेकर विभागीय गतिविधियां तेज हुईं। अब उसी क्रम में विशेषज्ञ एजेंसियां दुर्घटनाओं के कारणों का तकनीकी अध्ययन कर रही हैं।मंगलवार को सेव लाइफ फाउंडेशन, एनएचएआई, परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग, यातायात पुलिस और क्रिटिकल कॉरिडोर टीम के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से हाईवे का निरीक्षण किया।

टीम ने कानपुर के नौबस्ता से महोबा के खन्ना तक करीब 123 किलोमीटर लंबे एनएच-34 कॉरिडोर के दुर्घटना बहुल हिस्सों का अध्ययन किया। सर्वे के दौरान सड़क की चौड़ाई, कट प्वाइंट, ओवरटेकिंग की प्रवृत्ति, पैदल यात्रियों की आवाजाही, बाजार क्षेत्रों का दबाव, प्रकाश व्यवस्था, सड़क सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता तथा संभावित इंजीनियरिंग सुधारों को समझा गया। यह सर्वे सामान्य ब्लैक स्पॉट निरीक्षण से अलग रहा। टीम के पास दुर्घटनाओं और मौतों का स्थानवार डेटा उपलब्ध था। उसी आधार पर उन स्थानों को चिह्नित किया गया जहां लगातार मौतें हो रही हैं। टीम ने प्रत्येक स्थल पर दुर्घटना के स्वरूप, यातायात व्यवहार और सड़क की भौतिक स्थिति को देखा।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट अधिकारी चंदन पांडेय ने बताया कि सड़क सुरक्षा के अध्ययन के लिए प्रदेश के दुर्घटना प्रभावित प्रमुख कॉरिडोरों का चयन किया गया है। इसी क्रम में कानपुर के नौबस्ता से लेकर महोबा जनपद के खन्ना क्षेत्र तक एनएच-34 का अध्ययन किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार टीम ने राठ तिराहा, नारायणपुर क्षेत्र, सुमेरपुर मंडी, नेहा नर्सिंग होम क्षेत्र, तपोभूमि तिराहा, औद्योगिक क्षेत्र, इंगोहटा और जेके सीमेंट क्षेत्र सहित आठ प्रमुख दुर्घटना संभावित स्थलों का अध्ययन किया। विशेषज्ञों ने उन स्थानों पर विशेष अध्ययन किया जहां पैदल यात्रियों की मौतें हुई हैं। फुटपाथ, सुरक्षित क्रॉसिंग, स्पीड कंट्रोल और ट्रैफिक प्रबंधन उपायों की आवश्यकता का आकलन किया गया।

सर्वे के दौरान कुछ स्थानों पर आमने-सामने की टक्कर, कुछ जगहों पर खतरनाक ओवरटेकिंग और कई स्थानों पर पैदल यात्रियों की मौतें प्रमुख समस्या के रूप में सामने आईं। एनएचएआई के रेजिडेंट इंजीनियर उमेश कुमार ने बताया कि कानपुर, हमीरपुर और महोबा जनपदों से गुजरने वाले एनएच-34 के दुर्घटना बहुल क्षेत्रों का सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे रिपोर्ट संबंधित जिलाधिकारियों को उपलब्ध कराई जाएगी ताकि आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जा सके। रिपोर्ट में दुर्घटनाओं को कम करने के लिए इंजीनियरिंग सुधार, सड़क सुरक्षा उपाय और अन्य सुझाव शामिल होंगे।





बोले अधिकारी

कानपुर, हमीरपुर और महोबा से गुजरने वाले एनएच-34 के दुर्घटना बहुल क्षेत्रों का सर्वे कराया जा रहा है। रिपोर्ट में दुर्घटनाओं को कम करने के लिए आवश्यक सुधारात्मक सुझाव शामिल होंगे और इसे संबंधित जिलाधिकारियों को उपलब्ध कराया जाएगा। - उमेश कुमार, रेजिडेंट इंजीनियर, एनएचएआई

---------------------

दुर्घटना बहुल स्थलों का चयन दुर्घटनाओं और मौतों के आंकड़ों के आधार पर किया गया है। टीम सड़क संरचना, यातायात व्यवहार और दुर्घटनाओं के कारणों का अध्ययन कर रही है ताकि प्रभावी सड़क सुरक्षा उपाय सुझाए जा सकें। - चंदन पांडेय, पब्लिक ट्रांसपोर्ट अधिकारी

फोटो 02 एचएएमपी 18- 19 मई के अंक में प्रकाशित अमर उजाला की विशेष ग्राउंड रिपोर्ट।

फोटो 02 एचएएमपी 18- 19 मई के अंक में प्रकाशित अमर उजाला की विशेष ग्राउंड रिपोर्ट।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed