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Hamirpur News: नोटिस के बाद जागे एबीएसए, रोका वेतन
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हमीरपुर। अफसरों के आदेश को ठेंगा दिखाने वाले सुमेरपुर क्षेत्र के खंड शिक्षाधिकारी को बीएसए ने नोटिस भेजा तो वह बैकफुट पर आ गए। एमडीएम में मिली गड़बड़ी पर कैंथी विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक का वेतन रोक दिया गया है। साथ ही जांच रिपोर्ट भी तैयार कर आख्या एडी बेसिक को भेजी गई है।
मंडलीय समन्वयक (मध्याह्न भोजन योजना) ने 16 मई 2026 को कंपोजिट विद्यालय कैथी, प्राथमिक विद्यालय पारारेपुरा और उच्च प्राथमिक विद्यालय पारारेपुरा का निरीक्षण किया था। निरीक्षण में कैथी कंपोजिट विद्यालय में खाद्यान्न उपलब्ध नहीं मिला था जबकि मध्याह्न भोजन पंजिका में करीब 1500 किलो खाद्यान्न शेष दर्शाया गया था। विद्यालयों में परिवर्तन लागत भी उपलब्ध नहीं पाई गई। कंपोजिट विद्यालय कैथी में केवल 49 छात्र उपस्थित मिले जबकि पूर्व के दिनों की पंजिका में 300 से 350 छात्रों की उपस्थिति दर्ज थी।
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि उपस्थिति पंजिका समय पर नहीं भरी जा रही थी और मध्याह्न भोजन ग्रहण करने वाले बच्चों का अंकन भी नहीं किया गया था। आख्या रिपोर्ट के आधार पर मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक ने प्रथम दृष्टया इसे फर्जी उपस्थिति दर्ज कर खाद्यान्न एवं वित्तीय अनियमितता का मामला मानते हुए प्रभारी प्रधानाध्यापक राजेश कुमार के वेतन आहरण पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगाने का आदेश जारी किया था। इस आदेश का जिला स्तर पर क्रियान्वयन कराने के लिए तत्कालीन बीएसए ने भी आदेश जारी कर दिया था लेकिन आदेशों का ब्लॉक स्तर पर अनुपालन नहीं किया गया।
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प्रभारी प्रधानाध्यापक का मई और जून माह का वेतन जारी कर दिया गया। अमर उजाला ने इस मामले को 23 जुलाई के अंक में प्रकाशित किया। खबर का असर रहा कि बीएसए ने खंड शिक्षाधिकारी को नोटिस जारी कर दिया। यह खबर भी 14 जुलाई के अंक में प्रकाशित हुई थी। बीएसए मुकेश खरवार का कहना है कि प्रभारी प्रधानाध्यापक का वेतन रोक दिया गया है और जांच आख्या एडी बेसिक को भेजी जा रही है। जांच में क्या रहा, यह उन्होंने नहीं बताया।
जांच में आख्या में लापरवाही का जिक्र: शिक्षा विभाग के सूत्रों की मानें तो जांच रिपोर्ट में वेतन आहरण पर रोक लगाने में लापरवाही का जिक्र किया गया है। हालांकि अभी इस संदर्भ में कोई पुष्टि नहीं की जा सकती। जांच के आधार पर एडी बेसिक की ओर से क्या कार्रवाई की जाएगी यह तो आने वाले समय में ही पता चलेगा।
पूर्व में हो चुकी निलंबन की कार्रवाई
कैंथी कंपोजिट विद्यालय में एक मार्च 2024 को हुए निरीक्षण में भी एमडीएम में गड़बड़ी मिली थी। तत्कालीन जिला बेसिक शिक्षाधिकारी ने उस समय के प्रभारी प्रधानाध्यापक दिनेश गौतम को निलंबित किया था। दो वर्ष बाद कैंथी के विद्यालय का निरीक्षण हुआ तो एसडीएम में गड़बड़ी मिली। इस बार वहां तैनात प्रभारी प्रधानाध्यापक को बचाने का प्रयास किया गया।
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मंडलीय समन्वयक (मध्याह्न भोजन योजना) ने 16 मई 2026 को कंपोजिट विद्यालय कैथी, प्राथमिक विद्यालय पारारेपुरा और उच्च प्राथमिक विद्यालय पारारेपुरा का निरीक्षण किया था। निरीक्षण में कैथी कंपोजिट विद्यालय में खाद्यान्न उपलब्ध नहीं मिला था जबकि मध्याह्न भोजन पंजिका में करीब 1500 किलो खाद्यान्न शेष दर्शाया गया था। विद्यालयों में परिवर्तन लागत भी उपलब्ध नहीं पाई गई। कंपोजिट विद्यालय कैथी में केवल 49 छात्र उपस्थित मिले जबकि पूर्व के दिनों की पंजिका में 300 से 350 छात्रों की उपस्थिति दर्ज थी।
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निरीक्षण में यह भी सामने आया कि उपस्थिति पंजिका समय पर नहीं भरी जा रही थी और मध्याह्न भोजन ग्रहण करने वाले बच्चों का अंकन भी नहीं किया गया था। आख्या रिपोर्ट के आधार पर मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक ने प्रथम दृष्टया इसे फर्जी उपस्थिति दर्ज कर खाद्यान्न एवं वित्तीय अनियमितता का मामला मानते हुए प्रभारी प्रधानाध्यापक राजेश कुमार के वेतन आहरण पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगाने का आदेश जारी किया था। इस आदेश का जिला स्तर पर क्रियान्वयन कराने के लिए तत्कालीन बीएसए ने भी आदेश जारी कर दिया था लेकिन आदेशों का ब्लॉक स्तर पर अनुपालन नहीं किया गया।
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प्रभारी प्रधानाध्यापक का मई और जून माह का वेतन जारी कर दिया गया। अमर उजाला ने इस मामले को 23 जुलाई के अंक में प्रकाशित किया। खबर का असर रहा कि बीएसए ने खंड शिक्षाधिकारी को नोटिस जारी कर दिया। यह खबर भी 14 जुलाई के अंक में प्रकाशित हुई थी। बीएसए मुकेश खरवार का कहना है कि प्रभारी प्रधानाध्यापक का वेतन रोक दिया गया है और जांच आख्या एडी बेसिक को भेजी जा रही है। जांच में क्या रहा, यह उन्होंने नहीं बताया।
जांच में आख्या में लापरवाही का जिक्र: शिक्षा विभाग के सूत्रों की मानें तो जांच रिपोर्ट में वेतन आहरण पर रोक लगाने में लापरवाही का जिक्र किया गया है। हालांकि अभी इस संदर्भ में कोई पुष्टि नहीं की जा सकती। जांच के आधार पर एडी बेसिक की ओर से क्या कार्रवाई की जाएगी यह तो आने वाले समय में ही पता चलेगा।
पूर्व में हो चुकी निलंबन की कार्रवाई
कैंथी कंपोजिट विद्यालय में एक मार्च 2024 को हुए निरीक्षण में भी एमडीएम में गड़बड़ी मिली थी। तत्कालीन जिला बेसिक शिक्षाधिकारी ने उस समय के प्रभारी प्रधानाध्यापक दिनेश गौतम को निलंबित किया था। दो वर्ष बाद कैंथी के विद्यालय का निरीक्षण हुआ तो एसडीएम में गड़बड़ी मिली। इस बार वहां तैनात प्रभारी प्रधानाध्यापक को बचाने का प्रयास किया गया।