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Hamirpur News: राजस्व के काम की उप संचालक चकबंदी कार्यालय में होती थी सौदेबाजी

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 03 May 2026 12:22 AM IST
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Bargaining used to take place in the office of the Deputy Director of Consolidation of Revenue.
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हमीरपुर। नक्शा दुरुस्ती के नाम पर ली गई रिश्वत के एक मामले में भ्रष्टाचार निरोधक टीम की कार्रवाई ने चकबंदी व न्यायिक कार्यालय में जिम्मेदारों की नींद उड़ा दी है। शनिवार को पूरे दिन कर्मचारी सतर्क अवस्था में नजर आए। आरोप लगाए जा रहे हैं कि उप संचालक चकबंदी कार्यालय के पेशकार अपने दफ्तर में बैठकर राजस्व के कामों की सौदेबाजी करता था। दूसरे के पटल का काम कराने का भी ठेका लिया जाता था। जमीन मालिक का तो स्पष्ट कहना है कि निष्पक्ष जांच हो तो बड़े नाम भी उजागर होंगे।
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अपर जिलाधिकारी न्यायिक रिजवाना शहीद ने 29 अक्टूबर 2025 को जिलाधिकारी के आदेश का हवाला देकर उप संचालक चकबंदी के पेशकार अल्ताफ को अपने कार्य के साथ-साथ अपर जिलाधिकारी न्यायिक कार्यालय में अग्रिम आदेशों तक संबद्ध करने का आदेश जारी किया था। इसके बाद से वह दोनों जगह काम देख रहे थे। 30 अप्रैल को भ्रष्टाचार निरोधक टीम ने अपर जिलाधिकारी न्यायिक कार्यालय के बाबू व उप संचालक चकबंदी कार्यालय के पेशकार अल्ताफ को 25 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। शुक्रवार को भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय बांदा में पेश किया गया, जहां से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया। वहीं दूसरी तरफ विभाग की ओर से आरोपी को निलंबित कर दिया गया है। शनिवार को अपर जिलाधिकारी कार्यालय न्यायिक व चकबंदी विभाग में चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। खेत स्वामी पूर्व फौजी धर्मवीर सिंह ने आरोप लगाया है कि उप संचालक चकबंदी के पेशकार से उन्हीं के दफ्तर में कई बार बात हुई। वहीं पर काम कराने के नाम पर लेन-देन की बात हुई। अल्ताफ ने स्वयं ही न्यायिक न्यायालय के पेशकार आशीष का नाम लिया है। इसके भी पुख्ता सबूत हैं। उन्होंने कहा कि पेशकार अल्ताफ की सारी रिकॉर्डिंग इस बात का साक्ष्य है और अगर रिश्वतखोरी पर मामला न अटका होता तो फिर पैसा किस बात का लिया गया। छह माह से परेशान किया जा रहा है। तलहाबली से कुपरा में 13 बीघा खेत खरीदा था। इसके नक्शा दुरुस्ती मामले में खेत स्वामी की ओर से वाद दायर किया गया। इसके बाद से लगातार टरकाया गया। कई बार तारीख के नाम पर परेशान किया गया। इसके बाद भ्रष्टाचार निरोधक टीम से शिकायत की गई।
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वहीं दूसरी तरफ अपर जिलाधिकारी न्यायिक रिजवाना शाहिद का कहना है कि वादी का पता विक्रय लेखपत्र पर गलत अंकित है, जिस कारण उसका वाद 24 मार्च 2026 को गुणदोष के आधार पर निरस्त किया जा चुका है जो आरोप लगाए जा रहे हैं वह बेबुनियाद हैं।
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