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Hamirpur News: नहीं मिला सिलिंडर, लकड़ी चूल्हा पर तैयार हुआ भंडारा
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फोटो26एचएएमपी 17- कांशीराम कॉलोनी में लकड़ी चूल्हे पर भंडारे का भोजन तैयार करते हलवाई। संवाद
फोटो26एचएएमपी 18-लक्ष्मीबाई तिराहे के पास भंडारे में भोजन प्रसादी लेते श्रद्धालु। संवाद
-एलपीजी की कमी से बढ़ी परेशानी फिर भी आस्था बरकरार
-कांशीराम कॉलोनी में लकड़ी चूल्हे पर तैयार किया गया भंडारा
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। नवरात्र के दौरान इस बार घरेलू गैस की किल्लत ने भंडारा आयोजकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। स्थिति यह है कि व्यावसायिक सिलिंडर भी आसानी से उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। यही वजह है कि भंडारे का भोजन पकाने के लिए लकड़ी चूल्हे का इस्तेमाल हो रहा है। बृहस्पतिवार को कांशीराम कॉलोनी में यह हालात देखने को मिले।
आयोजक सभासद रजनी देवी का कहना है कि भंडारे के लिए समय पर गैस सिलिंडर नहीं मिलने से उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है। लकड़ी के चूल्हे का सहारा लेकर भोजन तैयार किया जा रहा है। शिक्षक इंद्रपाल, रोहित नामदेव, सुनील कुमार, विनोद कुमार, अभिषेक कुमार का कहना है कि हर वर्ष भंडारा होता है लेकिन इस बार गैस संकट के चलते व्यवस्थाएं प्रभावित हुई हैं।
फोटो26एचएएमपी 19- कन्या भोज में कन्याओं को भोजन कराते आयोजक। संवाद
कन्या भोज के लिए कोयले की भट्टी पर तैयार हुआ भोजन
शहर के रोडवेज बस स्टैंड पर स्थिति हनुमान मंदिर में समिति के सदस्यों ने कन्य भोज का आयोजन किया लेकिन गैस की किल्लत की वजह से खीर, पूरी, सब्जी तैयार कराने में आयोजकों को बड़ी परेशानी हुई। देवांश भोजनालय का सहयोग भी हर वर्ष रहता है। समिति के सदस्यों ने सीधे कहा कि भोजन तैयार कराकर दे दें। भोजनालय के संचालक लोकेश का कहना है कि भोजन कोयला भट्टी पर तैयार कराकर ले गए। शिवशरण सिंह, विवेक मिश्रा, अत्रि शर्मा समेत अन्य लोगों ने कहा कि गैस को लेकर परेशानी तो हुई है।
फोटो26एचएएमपी 20- लकड़ी की भट्टी से पूरी तैयार करते हलवाई। संवाद
गोपाल होटल में सुलगने लगी लकड़ी की भट्टी
शहर के अमन शहीद में गोपाल होटल के संचालक ने लकड़ी की भट्टी पर काम करना शुरू कर दिया है। निखिल गुप्ता कहते है कि इस वक्त छह सौ रुपये प्रति क्विंटल सूखी लकड़ी खरीदनी पड़ रही है। लकड़ी की भट्टी से उठने वाले धुएं की वजह से परेशानी है। समस्या है तो पुराने सिस्टम पर लौटना मजबूरी बन गया। डीजल की भट्टी का प्रयोग किया लेकिन उससे आने वाली दुर्गंध स्वाद खराब कर रही है। इस समय खाना के भी ऑर्डर लगे हुए है, इस वजह से थोड़ी परेशानी तो है।
फोटो26एचएएमपी 21- गैस सिलिंडर के लिए लगी भीड़। संवाद
सिलिंडर वितरण की सूचना पर उमड़ी भीड़
मौदहा। कस्बे में पांच दिन बाद बृहस्पतिवार को गैस सिलिंडर वितरण शुरू होने की सूचना मिलते ही उपभोक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मीरा तालाब मैदान में वितरण स्थल पर सुबह से ही लंबी कतारें लग गईं। मौदहा कस्बा सहित आसपास के क्षेत्र में पखवाड़े भर से सिलिंडर को लेकर मारामारी की स्थिति बनी हुई है। उपभोक्ताओं का कहना है कि एजेंसी धारक डोर-टू-डोर गैस सिलिंडर पहुंचाने के नाम पर शुल्क वसूल रहे हैं लेकिन होम डिलीवरी नहीं की जा रही है। इसी कारण लोगों को खुद वितरण स्थल पर पहुंचना पड़ रहा है जिससे भीड़ और अव्यवस्था बढ़ रही है। संवाद
पांच किलो व्यावसायिक सिलिंडर व्यवस्था लागू
भरुआ सुमेरपुर। कस्बे में व्यावसायिक गैस सिलिंडर की कमी से जूझ रहे फास्ट फूड कारोबारियों के लिए अब राहत भरी खबर है। हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने पांच किलो का नीले रंग का व्यावसायिक सिलिंडर उपलब्ध कराया है, जिससे छोटे कारोबारियों को सुविधा मिल रही है। गैस संकट और एजेंसी पर व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति ठप होने के कारण फास्ट फूड विक्रेताओं का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो गया। इस समस्या को देखते हुए छोटा व्यावसायिक सिलिंडर उपयोग के लिए दिया जा रहा है। कस्बे के निवासी जुगल किशोर, अर्थ होटल सहित अब तक करीब 10 फास्ट फूड संचालक इस नए सिलिंडर का कनेक्शन लेकर काम दोबारा शुरू कर चुके हैं। बताया कि खास बात यह है कि इस सिलिंडर को बुकिंग के बाद प्रतिदिन बदल कर दूसरा देने की व्यवस्था भी लागू की गई है। दूसरी ओर कस्बे की गैस एजेंसी पर बड़े व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति अब भी शुरू नहीं हो सकी है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य उद्योगों से जुड़े लोग अभी भी परेशान हैं।
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फोटो26एचएएमपी 18-लक्ष्मीबाई तिराहे के पास भंडारे में भोजन प्रसादी लेते श्रद्धालु। संवाद
-एलपीजी की कमी से बढ़ी परेशानी फिर भी आस्था बरकरार
-कांशीराम कॉलोनी में लकड़ी चूल्हे पर तैयार किया गया भंडारा
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। नवरात्र के दौरान इस बार घरेलू गैस की किल्लत ने भंडारा आयोजकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। स्थिति यह है कि व्यावसायिक सिलिंडर भी आसानी से उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। यही वजह है कि भंडारे का भोजन पकाने के लिए लकड़ी चूल्हे का इस्तेमाल हो रहा है। बृहस्पतिवार को कांशीराम कॉलोनी में यह हालात देखने को मिले।
आयोजक सभासद रजनी देवी का कहना है कि भंडारे के लिए समय पर गैस सिलिंडर नहीं मिलने से उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है। लकड़ी के चूल्हे का सहारा लेकर भोजन तैयार किया जा रहा है। शिक्षक इंद्रपाल, रोहित नामदेव, सुनील कुमार, विनोद कुमार, अभिषेक कुमार का कहना है कि हर वर्ष भंडारा होता है लेकिन इस बार गैस संकट के चलते व्यवस्थाएं प्रभावित हुई हैं।
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फोटो26एचएएमपी 19- कन्या भोज में कन्याओं को भोजन कराते आयोजक। संवाद
कन्या भोज के लिए कोयले की भट्टी पर तैयार हुआ भोजन
शहर के रोडवेज बस स्टैंड पर स्थिति हनुमान मंदिर में समिति के सदस्यों ने कन्य भोज का आयोजन किया लेकिन गैस की किल्लत की वजह से खीर, पूरी, सब्जी तैयार कराने में आयोजकों को बड़ी परेशानी हुई। देवांश भोजनालय का सहयोग भी हर वर्ष रहता है। समिति के सदस्यों ने सीधे कहा कि भोजन तैयार कराकर दे दें। भोजनालय के संचालक लोकेश का कहना है कि भोजन कोयला भट्टी पर तैयार कराकर ले गए। शिवशरण सिंह, विवेक मिश्रा, अत्रि शर्मा समेत अन्य लोगों ने कहा कि गैस को लेकर परेशानी तो हुई है।
फोटो26एचएएमपी 20- लकड़ी की भट्टी से पूरी तैयार करते हलवाई। संवाद
गोपाल होटल में सुलगने लगी लकड़ी की भट्टी
शहर के अमन शहीद में गोपाल होटल के संचालक ने लकड़ी की भट्टी पर काम करना शुरू कर दिया है। निखिल गुप्ता कहते है कि इस वक्त छह सौ रुपये प्रति क्विंटल सूखी लकड़ी खरीदनी पड़ रही है। लकड़ी की भट्टी से उठने वाले धुएं की वजह से परेशानी है। समस्या है तो पुराने सिस्टम पर लौटना मजबूरी बन गया। डीजल की भट्टी का प्रयोग किया लेकिन उससे आने वाली दुर्गंध स्वाद खराब कर रही है। इस समय खाना के भी ऑर्डर लगे हुए है, इस वजह से थोड़ी परेशानी तो है।
फोटो26एचएएमपी 21- गैस सिलिंडर के लिए लगी भीड़। संवाद
सिलिंडर वितरण की सूचना पर उमड़ी भीड़
मौदहा। कस्बे में पांच दिन बाद बृहस्पतिवार को गैस सिलिंडर वितरण शुरू होने की सूचना मिलते ही उपभोक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मीरा तालाब मैदान में वितरण स्थल पर सुबह से ही लंबी कतारें लग गईं। मौदहा कस्बा सहित आसपास के क्षेत्र में पखवाड़े भर से सिलिंडर को लेकर मारामारी की स्थिति बनी हुई है। उपभोक्ताओं का कहना है कि एजेंसी धारक डोर-टू-डोर गैस सिलिंडर पहुंचाने के नाम पर शुल्क वसूल रहे हैं लेकिन होम डिलीवरी नहीं की जा रही है। इसी कारण लोगों को खुद वितरण स्थल पर पहुंचना पड़ रहा है जिससे भीड़ और अव्यवस्था बढ़ रही है। संवाद
पांच किलो व्यावसायिक सिलिंडर व्यवस्था लागू
भरुआ सुमेरपुर। कस्बे में व्यावसायिक गैस सिलिंडर की कमी से जूझ रहे फास्ट फूड कारोबारियों के लिए अब राहत भरी खबर है। हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने पांच किलो का नीले रंग का व्यावसायिक सिलिंडर उपलब्ध कराया है, जिससे छोटे कारोबारियों को सुविधा मिल रही है। गैस संकट और एजेंसी पर व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति ठप होने के कारण फास्ट फूड विक्रेताओं का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो गया। इस समस्या को देखते हुए छोटा व्यावसायिक सिलिंडर उपयोग के लिए दिया जा रहा है। कस्बे के निवासी जुगल किशोर, अर्थ होटल सहित अब तक करीब 10 फास्ट फूड संचालक इस नए सिलिंडर का कनेक्शन लेकर काम दोबारा शुरू कर चुके हैं। बताया कि खास बात यह है कि इस सिलिंडर को बुकिंग के बाद प्रतिदिन बदल कर दूसरा देने की व्यवस्था भी लागू की गई है। दूसरी ओर कस्बे की गैस एजेंसी पर बड़े व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति अब भी शुरू नहीं हो सकी है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य उद्योगों से जुड़े लोग अभी भी परेशान हैं।