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Hamirpur News: आरोग्य मेले में डॉक्टर नदारद, आयुर्वेदिक इलाज के भरोसे मरीज
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गहरौली (हमीरपुर)। मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के दावे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गहरौली में हकीकत से दूर नजर आए। रविवार को आयोजित आरोग्य मेले में विशेषज्ञ चिकित्सक तो दूर एमबीबीएस डॉक्टर तक मौजूद नहीं रहे। आयुर्वेदिक चिकित्सक के भरोसे महज 29 मरीजों का उपचार कर दवाएं वितरित की गईं।
प्रत्येक रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन किया जाता है। इसमें ग्रामीणों को जांच, उपचार और दवाएं उपलब्ध कराने के साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं भी मुहैया कराने का प्रावधान है। इसके बावजूद गहरौली के आरोग्य मेले में चिकित्सकों की गैरमौजूदगी ने व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। डॉक्टरों के नहीं होने से मरीज भी मेले में पहुंचने से कतरा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब सामान्य बीमारी के उपचार के लिए भी एमबीबीएस डॉक्टर उपलब्ध नहीं होंगे तो विशेषज्ञ चिकित्सकों से इलाज की उम्मीद करना बेमानी है। नियमित रूप से एमबीबीएस और विशेषज्ञ चिकित्सकों की मौजूदगी सुनिश्चित होने पर ही ग्रामीणों को आरोग्य मेले का वास्तविक लाभ मिल सकेगा।
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मेले में आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. मनोज कुशवाहा, फार्मासिस्ट सुनीत सचान समेत पैरामेडिकल स्टाफ, एएनएम और आशा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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प्रत्येक रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन किया जाता है। इसमें ग्रामीणों को जांच, उपचार और दवाएं उपलब्ध कराने के साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं भी मुहैया कराने का प्रावधान है। इसके बावजूद गहरौली के आरोग्य मेले में चिकित्सकों की गैरमौजूदगी ने व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। डॉक्टरों के नहीं होने से मरीज भी मेले में पहुंचने से कतरा रहे हैं।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि जब सामान्य बीमारी के उपचार के लिए भी एमबीबीएस डॉक्टर उपलब्ध नहीं होंगे तो विशेषज्ञ चिकित्सकों से इलाज की उम्मीद करना बेमानी है। नियमित रूप से एमबीबीएस और विशेषज्ञ चिकित्सकों की मौजूदगी सुनिश्चित होने पर ही ग्रामीणों को आरोग्य मेले का वास्तविक लाभ मिल सकेगा।
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मेले में आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. मनोज कुशवाहा, फार्मासिस्ट सुनीत सचान समेत पैरामेडिकल स्टाफ, एएनएम और आशा कार्यकर्ता मौजूद रहे।