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Hamirpur News: तेज बारिश में 26 गांवों की 18 घंटे बिजली गुल
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Thu, 02 Apr 2026 12:26 AM IST
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हमीरपुर। बीती मंगलवार रात अचानक से मौसम ने पलटी मारी और तेज हवाओं के साथ बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। जिले भर में कुल चार एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। इससे बुधवार को कृषि कार्य प्रभावित रहा। वहीं, तेज आंधी के चलते बिजली लाइनें ब्रेकडाउन हो गईं। शहर की करीब तीन घंटे आपूर्ति बाधित रही। जबकि मुस्करा क्षेत्र के 26 गांवों की 18 घंटे विद्युत आपूर्ति बाधित रहने से लोगों को पेयजल सहित अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ा।
बीती रात मौसम ने अचानक से करवट बदली और तेज आंधी के साथ रात करीब 10:30 बजे बारिश शुरू हो गई। कई पेड़ जमींदोज हो गए। रबी फसलों की चल रही कटाई व मड़ाई का कार्य भी पूरी तरह ठप हो गया। वहीं, मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शहर की बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। अधीक्षण अभियंता ज्ञानचंद्र यादव ने बताया कि तेज आंधी के चलते बिजली आपूर्ति बाधित रही है। कर्मियों को भेजकर आपूर्ति बहाल करा दी गई है।
वहीं, गहरौली संवाद के अनुसार इमिलिया पावर हाउस की मेन लाइन में खराबी आने से करीब 26 गांवों की 18 घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही। आंधी के साथ बारिश होने से बिवांर से आई 33 केवी की मेन लाइन में फॉल्ट आ गया। इससे इमलिया पावर हाउस से जुड़े गहरौली, हुसैना, न्यूरिया, कैमोखर, टीहर, भुगैचा, उमरी, इमिलिया, मसगांव, चिल्ली आदि गांवों को आपूर्ति सारी रात बाधित रही। बिजली 18 घंटे बाद बुधवार को शाम चार बजे बहाल हो सकी। इससे लोगों को पेयजल आदि समस्याओं से जूझना पड़ा।
अवर अभियंता अवधेश कुमार ने बताया कि मेन लाइन ब्रेकडाउन हो गई थी। सुबह 10 बजे अधिकांश गांवों की बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। गहरौली लाइन ठीक होने में समय लगा है।
चटका बिजली पोल टूटा, बाल-बाल बचे ग्रामीण
पौथिया। बिजली लाइनों का मकड़जाल शिकरी, ललपुरा गांव में फैला हुआ है। बीती रात करीब 10 बजे तेज बिजली कड़कने व आंधी आने से शिकरी गांव के रामलीला मैदान में पाल के घर के पास लगा जर्जर पोल टूट गया। इससे वहां बैठे कई लोग बाल-बाल बचे। गनीमत रही कि हादसे के दौरान बिजली नहीं थी।
गांव निवासी संतराम ने बताया घर के पास लगा बिजली पोल पहले से जर्जर था। गांव में राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत करीब 24 वर्ष पूर्व लाइन बिछाई गई थी। मौजूदा में तार व पोल जर्जर हो चुके हैं। इन्हें विभाग ने बदलने की जरूरत नहीं समझी। जबकि ग्राम प्रधान सहित ग्रामीणों ने कई बार विभागीय अधिकारियों को लिखित शिकायत दर्ज करा चुके हैं। प्रधान प्रतिनिधि संजय पाल सहित प्रदीप, मनोज, देशराज, मदन, बबलू, वीरसिंह, जगमोहन आदि ने बिजली के पोल व जर्जर तारों को बदलवाने की मांग की है।
तेज आंधी में उड़ी फसल, दूसरे खेतों में पहुंची
राठ। वर्तमान में रबी फसलों की कटाई चल रही है। मटर की कटाई हो चुकी है। चना व सरसों की करीब 70 प्रतिशत कटाई हो चुकी है। गेहूँ फसलों की कटाई का कार्य चल रहा है। करीब 20 प्रतिशत गेहूं की कटाई हुई है। मंगलवार रात करीब 10 बजे तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। आंधी से खेतों में कटी पड़ी फसलें उड़कर दूर खेतों में जा गिरीं। बारिश से फसलों के भीगने से कटाई कार्य प्रभावित हुआ है। औड़ेरा निवासी किसान बालेंद्र कुमार, जगभान, भीम, गल्हिया के बालगोटी, देवेंद्र, पवन, बबलू आदि किसानों ने बताया कि बारिश से फसल गीली हो गई है। इससे कटाई का काम रोकना पड़ा है। मौसम साफ रहा तो दो दिन बाद कटाई का काम शुरू होगा।
बारिश से फसलों की कटाई ठप, किसानों की बढ़ी चिंता
भरुआसुमेरपुर। बीती रात आई तेज आंधी और बारिश ने क्षेत्र में कृषि कार्य पूरी तरह ठप कर दिया। बारिश के बाद भोर होते ही किसान अपने-अपने खेतों की ओर दौड़ पड़े और भीगी फसलों को सहेजने में जुट गए। दिनभर किसान फसल को सुरक्षित करने के प्रयास करते रहे, ताकि नुकसान को कम किया जा सके। अचानक बदले मौसम के इस मिजाज ने किसानों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। खेतों में खड़ी और कटी दोनों ही फसलें प्रभावित होने की आशंका है। किसानों का कहना है कि अगर मौसम जल्द साफ नहीं हुआ तो नुकसान और बढ़ सकता है।
साहूकारों और बैंकों से कर्ज ले तैयार की फसलें अब भगवान भरोसे
मौदहा। साहूकारों और बैंकों का कर्ज लेकर किसानों ने किसी तरह खाद-बीज और सिंचाई की व्यवस्था कर फसलों को तैयार किया है। किसानों की साल भर की यह मेहनत खुले आसमान के नीचे खेतों में पड़ी है। लेकिन, बीते एक सप्ताह से बार-बार बेमौसम बारिश और तेज हवाएं तथा ओलावृष्टि से किसान बुरी तरह से सहम गया है।
मंगलवार रात तेज हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश से फसलों को खासा नुकसान पहुंचा है। कई जगह पानी का भराव हो जाने से फसलें खेतों की मिट्टी में दबकर बर्बाद हो गई हैं। खेतों में भीगी फसलों को समेटकर किसान इनके सुखाने के इंतजाम में जुटा है। आए दिन बिगड़ते मौसम को देख किसान सहमा गया है। आसमान की ओर टकटकी लगाकर फसलों की सलामती के दुआएं मांग रहे हैं। इन किसानों का कहना है कि उनके पूरे साल की कमाई का पूरा दारोमदार अब भगवान के भरोसे है।
किसान जैसे समय मिले फसलों को सुरक्षित घर पहुंचाएं। मौसम विभाग के अनुसार, अभी आंधी व बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। ज्यादातर गेहूँ की फसलें ही बची हैं। बारिश से अभी कोई खास नुकसान नहीं है। - राजीव सिंह, केवीके अध्यक्ष।
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बीती रात मौसम ने अचानक से करवट बदली और तेज आंधी के साथ रात करीब 10:30 बजे बारिश शुरू हो गई। कई पेड़ जमींदोज हो गए। रबी फसलों की चल रही कटाई व मड़ाई का कार्य भी पूरी तरह ठप हो गया। वहीं, मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शहर की बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। अधीक्षण अभियंता ज्ञानचंद्र यादव ने बताया कि तेज आंधी के चलते बिजली आपूर्ति बाधित रही है। कर्मियों को भेजकर आपूर्ति बहाल करा दी गई है।
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वहीं, गहरौली संवाद के अनुसार इमिलिया पावर हाउस की मेन लाइन में खराबी आने से करीब 26 गांवों की 18 घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही। आंधी के साथ बारिश होने से बिवांर से आई 33 केवी की मेन लाइन में फॉल्ट आ गया। इससे इमलिया पावर हाउस से जुड़े गहरौली, हुसैना, न्यूरिया, कैमोखर, टीहर, भुगैचा, उमरी, इमिलिया, मसगांव, चिल्ली आदि गांवों को आपूर्ति सारी रात बाधित रही। बिजली 18 घंटे बाद बुधवार को शाम चार बजे बहाल हो सकी। इससे लोगों को पेयजल आदि समस्याओं से जूझना पड़ा।
अवर अभियंता अवधेश कुमार ने बताया कि मेन लाइन ब्रेकडाउन हो गई थी। सुबह 10 बजे अधिकांश गांवों की बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। गहरौली लाइन ठीक होने में समय लगा है।
चटका बिजली पोल टूटा, बाल-बाल बचे ग्रामीण
पौथिया। बिजली लाइनों का मकड़जाल शिकरी, ललपुरा गांव में फैला हुआ है। बीती रात करीब 10 बजे तेज बिजली कड़कने व आंधी आने से शिकरी गांव के रामलीला मैदान में पाल के घर के पास लगा जर्जर पोल टूट गया। इससे वहां बैठे कई लोग बाल-बाल बचे। गनीमत रही कि हादसे के दौरान बिजली नहीं थी।
गांव निवासी संतराम ने बताया घर के पास लगा बिजली पोल पहले से जर्जर था। गांव में राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत करीब 24 वर्ष पूर्व लाइन बिछाई गई थी। मौजूदा में तार व पोल जर्जर हो चुके हैं। इन्हें विभाग ने बदलने की जरूरत नहीं समझी। जबकि ग्राम प्रधान सहित ग्रामीणों ने कई बार विभागीय अधिकारियों को लिखित शिकायत दर्ज करा चुके हैं। प्रधान प्रतिनिधि संजय पाल सहित प्रदीप, मनोज, देशराज, मदन, बबलू, वीरसिंह, जगमोहन आदि ने बिजली के पोल व जर्जर तारों को बदलवाने की मांग की है।
तेज आंधी में उड़ी फसल, दूसरे खेतों में पहुंची
राठ। वर्तमान में रबी फसलों की कटाई चल रही है। मटर की कटाई हो चुकी है। चना व सरसों की करीब 70 प्रतिशत कटाई हो चुकी है। गेहूँ फसलों की कटाई का कार्य चल रहा है। करीब 20 प्रतिशत गेहूं की कटाई हुई है। मंगलवार रात करीब 10 बजे तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। आंधी से खेतों में कटी पड़ी फसलें उड़कर दूर खेतों में जा गिरीं। बारिश से फसलों के भीगने से कटाई कार्य प्रभावित हुआ है। औड़ेरा निवासी किसान बालेंद्र कुमार, जगभान, भीम, गल्हिया के बालगोटी, देवेंद्र, पवन, बबलू आदि किसानों ने बताया कि बारिश से फसल गीली हो गई है। इससे कटाई का काम रोकना पड़ा है। मौसम साफ रहा तो दो दिन बाद कटाई का काम शुरू होगा।
बारिश से फसलों की कटाई ठप, किसानों की बढ़ी चिंता
भरुआसुमेरपुर। बीती रात आई तेज आंधी और बारिश ने क्षेत्र में कृषि कार्य पूरी तरह ठप कर दिया। बारिश के बाद भोर होते ही किसान अपने-अपने खेतों की ओर दौड़ पड़े और भीगी फसलों को सहेजने में जुट गए। दिनभर किसान फसल को सुरक्षित करने के प्रयास करते रहे, ताकि नुकसान को कम किया जा सके। अचानक बदले मौसम के इस मिजाज ने किसानों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। खेतों में खड़ी और कटी दोनों ही फसलें प्रभावित होने की आशंका है। किसानों का कहना है कि अगर मौसम जल्द साफ नहीं हुआ तो नुकसान और बढ़ सकता है।
साहूकारों और बैंकों से कर्ज ले तैयार की फसलें अब भगवान भरोसे
मौदहा। साहूकारों और बैंकों का कर्ज लेकर किसानों ने किसी तरह खाद-बीज और सिंचाई की व्यवस्था कर फसलों को तैयार किया है। किसानों की साल भर की यह मेहनत खुले आसमान के नीचे खेतों में पड़ी है। लेकिन, बीते एक सप्ताह से बार-बार बेमौसम बारिश और तेज हवाएं तथा ओलावृष्टि से किसान बुरी तरह से सहम गया है।
मंगलवार रात तेज हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश से फसलों को खासा नुकसान पहुंचा है। कई जगह पानी का भराव हो जाने से फसलें खेतों की मिट्टी में दबकर बर्बाद हो गई हैं। खेतों में भीगी फसलों को समेटकर किसान इनके सुखाने के इंतजाम में जुटा है। आए दिन बिगड़ते मौसम को देख किसान सहमा गया है। आसमान की ओर टकटकी लगाकर फसलों की सलामती के दुआएं मांग रहे हैं। इन किसानों का कहना है कि उनके पूरे साल की कमाई का पूरा दारोमदार अब भगवान के भरोसे है।
किसान जैसे समय मिले फसलों को सुरक्षित घर पहुंचाएं। मौसम विभाग के अनुसार, अभी आंधी व बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। ज्यादातर गेहूँ की फसलें ही बची हैं। बारिश से अभी कोई खास नुकसान नहीं है। - राजीव सिंह, केवीके अध्यक्ष।