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Hamirpur News: सीने में जकड़न और खांसी के बढ़े मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Fri, 02 Jan 2026 12:14 AM IST
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फोटो 01 एचएएमपी 14- सीने की जलन से परेशान मरीज को देखते फिजीशियन। संवाद
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हमीरपुर। कड़ाके की ठंड और लगातार बदलते मौसम का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। जिला अस्पताल में मेडिसन विभाग और ईएनटी विभाग की ओपीडी में खांसी, सांस फूलने और सीने में जकड़न के साथ ही गले में संक्रमण, खरास और आवाज बैठने की शिकायत लेकर मरीज पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि सुबह और रात के समय बढ़ती ठंड, कोहरा और ठंडी हवा के संपर्क में आने से सांस और गले से जुड़ीं बीमारियां बढ़ रही हैं। खासकर बुजुर्ग, बच्चे और पहले से दमा या एलर्जी से पीड़ित मरीज ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। फिजिशियन डॉ. परमेंद्रर प्रजापति ने बताया कि ओपीडी में रोजाना 150 से अधिक मरीज इलाज कराने आते हैं, इनमें ज्यादातर खांसी, जुकाम और सांस लेने में परेशानी से ग्रसित होते हैं।
ईएनटी विभाग के डॉ. विकास यादव ने बताया कि ओपीडी में रोजाना 100 से अधिक मरीज इलाज कराने आते हैं। इसमें अधिकांश मरीज गले में संक्रमण, टॉसिल की समस्या और कान में दर्द से पीड़ित हैं।
ठंडी चीजों का सेवन, गर्म कपड़ों की कमी और धूल-धुएं के संपर्क में आने से परेशानी और बढ़ रही है। ऐसे में इलाज के लिए मरीजों को डॉक्टर ने सलाह दी है कि ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें, ठंडी हवा से बचें और पर्याप्त मात्रा में गर्म तरल पदार्थ का सेवन करें। किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लें।
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जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि सुबह और रात के समय बढ़ती ठंड, कोहरा और ठंडी हवा के संपर्क में आने से सांस और गले से जुड़ीं बीमारियां बढ़ रही हैं। खासकर बुजुर्ग, बच्चे और पहले से दमा या एलर्जी से पीड़ित मरीज ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। फिजिशियन डॉ. परमेंद्रर प्रजापति ने बताया कि ओपीडी में रोजाना 150 से अधिक मरीज इलाज कराने आते हैं, इनमें ज्यादातर खांसी, जुकाम और सांस लेने में परेशानी से ग्रसित होते हैं।
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ईएनटी विभाग के डॉ. विकास यादव ने बताया कि ओपीडी में रोजाना 100 से अधिक मरीज इलाज कराने आते हैं। इसमें अधिकांश मरीज गले में संक्रमण, टॉसिल की समस्या और कान में दर्द से पीड़ित हैं।
ठंडी चीजों का सेवन, गर्म कपड़ों की कमी और धूल-धुएं के संपर्क में आने से परेशानी और बढ़ रही है। ऐसे में इलाज के लिए मरीजों को डॉक्टर ने सलाह दी है कि ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें, ठंडी हवा से बचें और पर्याप्त मात्रा में गर्म तरल पदार्थ का सेवन करें। किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लें।
