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Hamirpur News: धसान नदी पर प्रस्तावित पुल को वन विभाग की एनओसी का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Fri, 02 Jan 2026 12:33 AM IST
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राठ (हमीरपुर)। साढ़े तीन दशक की प्रतीक्षा के बाद मझगवां की धसान नदी के कचीर घाट पर पुल का निर्माण कार्य की स्वीकृति मिली, लेकिन वन विभाग की एनओसी न मिल पाने से इसका दो साल से निर्माण अटका है। कार्यदायी संस्था सेतु निगम झांसी को इसके निर्माण के लिए करीब 90 फीसदी बजट भी शासन जारी कर चुका है। हालांकि किसानों द्वारा ली गई जमीन पर बृहस्पतिवार को जेसीबी से पहुंच मार्ग निर्माण के लिए सफाई कार्य शुरू करा दिया गया है। इस पुल के बनने से हमीरपुर-झांसी की दूरी लगभग 35 से 40 किलोमीटर कम हो जाएगी और दोनों जनपदों की दो लाख से अधिक आबादी को आवागमन में सुविधा होगी।
राठ से मझगवां होते हुए गुरसराय-चिरगांव राज्यमार्ग 42 के बीच मझगवां गांव में धसान नदी के कचीर घाट पर 108 करोड़ रुपये से अधिक लागत से पुल व पहुंच मार्ग का निर्माण कराए जाने की स्वीकृति वर्ष 2023 में मिली थी। बता दें कि नौ फरवरी 1987 में तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व. बीर बहादुर सिंह ने इस पुल की आधारशिला रखी थी। इसके बाद पुल निर्माण की योजना ठंडे बस्ते में चली गई। मझगवां के सुखदयाल राठौर ने लंबा संघर्ष किया। कोर्ट में याचिका डालने के साथ ही विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह को मामले से अवगत कराया। कुंवर मानवेंद्र सिंह व ग्राम प्रधान नीता सिंह के प्रयास से यह सपना साकार होने जा रहा है। पहुंच मार्ग निर्माण के लिए सफाई का काम कार्यदायी संस्था ने शुरू करा दिया है।
कटने हैं दो हजार से अधिक पेड़
पुल निर्माण सहित पहुंच मार्ग बनाने में वन विभाग आड़े आ रहा है। वन विभाग हमीरपुर की जमीन पर 1800 पेड़ कटने हैं। वहीं, वन विभाग झांसी क्षेत्र में करीब 250 पेड़ों का काटा जाना है। दो जनपदों के बीच में फंसा पुल व पहुंच मार्ग का निर्माण बिना वन विभाग की एनओसी मिले नहीं हो सकता है। इसके लिए कार्यदायी संस्था प्रयासरत है।
पुल बनने से जिले के इन गांवों को मिलेगा लाभ
राठ क्षेत्र के टूंका, चिरवा, खराखर, नौरंगा, मझगवां, लिधौरा, सरगांव, जराखर सहित 20 गांव की करीब एक लाख से अधिक आबादी को इसका लाभ मिलेगा और आवागमन सुगम होगा।
धसान नदी में पुल बनाए जाने की स्वीकृति दो साल पूर्व मिल गई थी, लेकिन वन विभाग की एनओसी न मिलने से निर्माण कार्य अटका है। दोनों जनपदों की वन विभाग सीमा में खड़े करीब दो हजार पेड़ों को काटा जाना है। नए साल में इसके मिलने की उम्मीद है। एनओसी जारी होते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
मृगेंद्र चौहान, डीपीएम सेतु निगम झांसी
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राठ से मझगवां होते हुए गुरसराय-चिरगांव राज्यमार्ग 42 के बीच मझगवां गांव में धसान नदी के कचीर घाट पर 108 करोड़ रुपये से अधिक लागत से पुल व पहुंच मार्ग का निर्माण कराए जाने की स्वीकृति वर्ष 2023 में मिली थी। बता दें कि नौ फरवरी 1987 में तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व. बीर बहादुर सिंह ने इस पुल की आधारशिला रखी थी। इसके बाद पुल निर्माण की योजना ठंडे बस्ते में चली गई। मझगवां के सुखदयाल राठौर ने लंबा संघर्ष किया। कोर्ट में याचिका डालने के साथ ही विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह को मामले से अवगत कराया। कुंवर मानवेंद्र सिंह व ग्राम प्रधान नीता सिंह के प्रयास से यह सपना साकार होने जा रहा है। पहुंच मार्ग निर्माण के लिए सफाई का काम कार्यदायी संस्था ने शुरू करा दिया है।
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कटने हैं दो हजार से अधिक पेड़
पुल निर्माण सहित पहुंच मार्ग बनाने में वन विभाग आड़े आ रहा है। वन विभाग हमीरपुर की जमीन पर 1800 पेड़ कटने हैं। वहीं, वन विभाग झांसी क्षेत्र में करीब 250 पेड़ों का काटा जाना है। दो जनपदों के बीच में फंसा पुल व पहुंच मार्ग का निर्माण बिना वन विभाग की एनओसी मिले नहीं हो सकता है। इसके लिए कार्यदायी संस्था प्रयासरत है।
पुल बनने से जिले के इन गांवों को मिलेगा लाभ
राठ क्षेत्र के टूंका, चिरवा, खराखर, नौरंगा, मझगवां, लिधौरा, सरगांव, जराखर सहित 20 गांव की करीब एक लाख से अधिक आबादी को इसका लाभ मिलेगा और आवागमन सुगम होगा।
धसान नदी में पुल बनाए जाने की स्वीकृति दो साल पूर्व मिल गई थी, लेकिन वन विभाग की एनओसी न मिलने से निर्माण कार्य अटका है। दोनों जनपदों की वन विभाग सीमा में खड़े करीब दो हजार पेड़ों को काटा जाना है। नए साल में इसके मिलने की उम्मीद है। एनओसी जारी होते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
मृगेंद्र चौहान, डीपीएम सेतु निगम झांसी
