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Hamirpur News: मंत्री का आदेश बेअसर, जन शिकायतें सुनने समय पर नहीं पहुंचे अफसर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Thu, 02 Apr 2026 12:30 AM IST
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हमीरपुर। शासन की ओर से जनता की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए सुबह 10 बजे से 12 बजे तक जनसुनवाई का समय निर्धारित है। हाल ही में समाज कल्याण विभाग के मंत्री असीम अरुण ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे, कि वे इस अवधि में अनिवार्य रूप से अपने कार्यालयों में उपस्थित रहें और किसी भी प्रकार की वर्चुअल मीटिंग में व्यस्त न रहें, ताकि आमजन की समस्याएं सीधे सुनी जा सकें। इसके बावजूद निर्देशों का असर धरातल पर नजर नहीं आया। संवाद न्यूज़ एजेंसी की दो टीमों ने मंगलवार को जनता दरबार की वास्तविक स्थिति जानने के लिए विभिन्न विभागों में पड़ताल की। इस दौरान कई प्रमुख अधिकारी निर्धारित समय पर अपने कार्यालयों में मौजूद नहीं मिले। प्रस्तुत है पड़ताल के आधार पर एक रिपोर्ट-
संवाद न्यूज़ एजेंसी की टीम सुबह विकास भवन पहुंची। यहां पर 10:28 बजे परियोजना निदेशक ग्रामीण नवीन गुप्ता दफ्तर में मौजूद नहीं थे, दफ्तर खुला हुआ था। कर्मचारी ने बताया कि साहब छुट्टी पर हैं। 10:30 पर एनआरएलएम उपायुक्त के दफ्तर में उनकी कुर्सी खाली थी। जिला मिशन प्रबंधक प्रशांत मिश्रा ने बताया कि वह वीडियो कॉन्फ्रेंस में गए हुए है। 10:32 पर हिमांशु अग्रवाल भी नदारद मिले। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉक्टर भूपेंद्र यादव के दफ्तर में तो ताला लटकता हुआ मिला। जिला पंचायत राज अधिकारी दफ्तर में 10:37 पर जिला पंचायत राज अधिकारी सुबोध जोशी मौके पर नहीं मिलीं। इसी तरह एआर सहकारिता रमाकांत द्विवेदी 10:39 पर अपने दफ्तर में मौजूद नहीं थे। जिला कृषि अधिकारी डॉक्टर हरीशंकर भी 10:41 पर अपने दफ्तर से नदारद मिले। कार्यालय में उनकी गैरहाजिरी पर कोई जानकारी नहीं दे पाया।
वहीं सुबह 10 बजे कलक्ट्रेट में टीम पहले चकबंदी ऑफिस पहुंची। यहां पर सहायक चकबंदी अधिकारी वाहिद खान 10:25 पर दफ्तर नहीं पहुंचे। कार्यालय खुला हुआ था, कर्मचारियों ने बताया कि आ रहे है। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राकेश कुमार भी 10:28 पर अपने दफ्तर में मौजूद नहीं थे। बाहर से उनके दफ्तर का गेट लगा हुआ था। मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि सुमेरपुर विजिट पर गए हुए हैं।
उद्यान विभाग में अधिकारी क्लर्क नदारद, संविदाकर्मी मिली मौजूद
नए वित्तीय वर्ष के पहले दिन उद्यान विभाग में तो सन्नाटा पसरा रहा। हकीकत जांचने पहुंची टीम को 10:40 पर कोई नहीं मिला। जिला उद्यान अधिकारी का दफ्तर खुला था, लेकिन साहब की कुर्सी खाली थी, उद्यान निरीक्षक से लेकर अन्य कर्मचारी व कनिष्ठ क्लर्क अपनी कुर्सी पर नहीं थे। वहां पर मौजूद संविदा कर्मी कंप्यूटर ऑपरेटर ने बताया कि साहब हो सकता है सुमेरपुर गए हों, वहां भी खंड विकास अधिकारी का चार्ज है उनके पास एक उद्यान निरीक्षक अवकाश पर है दूसरे आ रहे है। क्लर्क के बारे में भी कोई जानकारी नहीं दे पाईं। जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि बुखार से पीड़ित हूं, इसलिए दफ्तर नहीं आया।
साहब का पता नहीं, इंतजार में खड़े फरियादी
संवाद न्यूज़ एजेंसी की टीम 10:45 पर कृषि विभाग पहुंची। यहां पर उप कृषि निदेशक डॉक्टर प्रमोद कुमार अपने दफ्तर में मौजूद नहीं थे। वहां मौजूद कर्मचारियों से पूछा तो बताया कि जानकारी नहीं है, कब आएंगे। साहब के न आने पर फरियादी परेशान नजर आए। टेढ़ा गांव निवासी संतोष कुमार की फार्मर रजिस्ट्री में आधार कार्ड में गलत नंबर छपा है। इस त्रुटि को सुधरवाने के लिए वह आए हुए थे। संतोष का कहना है कि वह 10:30 पर यहां आ गए थे और तभी से इंतजार कर रहे है। बाबू बता रहे है कि जब साहब आएंगे तो उन्हीं के अंगूठा निशानी से आईडी खुलेगी। कुरारा निवासी गंगाचरण, मंगलपुर निवासी विजय कुमार भी साहब के इंतजार में खड़े नजर आए। उक्त किसानों का कहना है कि समय पर आ गए थे, लेकिन यहां पर काम ही नहीं हुआ।
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संवाद न्यूज़ एजेंसी की टीम सुबह विकास भवन पहुंची। यहां पर 10:28 बजे परियोजना निदेशक ग्रामीण नवीन गुप्ता दफ्तर में मौजूद नहीं थे, दफ्तर खुला हुआ था। कर्मचारी ने बताया कि साहब छुट्टी पर हैं। 10:30 पर एनआरएलएम उपायुक्त के दफ्तर में उनकी कुर्सी खाली थी। जिला मिशन प्रबंधक प्रशांत मिश्रा ने बताया कि वह वीडियो कॉन्फ्रेंस में गए हुए है। 10:32 पर हिमांशु अग्रवाल भी नदारद मिले। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉक्टर भूपेंद्र यादव के दफ्तर में तो ताला लटकता हुआ मिला। जिला पंचायत राज अधिकारी दफ्तर में 10:37 पर जिला पंचायत राज अधिकारी सुबोध जोशी मौके पर नहीं मिलीं। इसी तरह एआर सहकारिता रमाकांत द्विवेदी 10:39 पर अपने दफ्तर में मौजूद नहीं थे। जिला कृषि अधिकारी डॉक्टर हरीशंकर भी 10:41 पर अपने दफ्तर से नदारद मिले। कार्यालय में उनकी गैरहाजिरी पर कोई जानकारी नहीं दे पाया।
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वहीं सुबह 10 बजे कलक्ट्रेट में टीम पहले चकबंदी ऑफिस पहुंची। यहां पर सहायक चकबंदी अधिकारी वाहिद खान 10:25 पर दफ्तर नहीं पहुंचे। कार्यालय खुला हुआ था, कर्मचारियों ने बताया कि आ रहे है। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राकेश कुमार भी 10:28 पर अपने दफ्तर में मौजूद नहीं थे। बाहर से उनके दफ्तर का गेट लगा हुआ था। मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि सुमेरपुर विजिट पर गए हुए हैं।
उद्यान विभाग में अधिकारी क्लर्क नदारद, संविदाकर्मी मिली मौजूद
नए वित्तीय वर्ष के पहले दिन उद्यान विभाग में तो सन्नाटा पसरा रहा। हकीकत जांचने पहुंची टीम को 10:40 पर कोई नहीं मिला। जिला उद्यान अधिकारी का दफ्तर खुला था, लेकिन साहब की कुर्सी खाली थी, उद्यान निरीक्षक से लेकर अन्य कर्मचारी व कनिष्ठ क्लर्क अपनी कुर्सी पर नहीं थे। वहां पर मौजूद संविदा कर्मी कंप्यूटर ऑपरेटर ने बताया कि साहब हो सकता है सुमेरपुर गए हों, वहां भी खंड विकास अधिकारी का चार्ज है उनके पास एक उद्यान निरीक्षक अवकाश पर है दूसरे आ रहे है। क्लर्क के बारे में भी कोई जानकारी नहीं दे पाईं। जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि बुखार से पीड़ित हूं, इसलिए दफ्तर नहीं आया।
साहब का पता नहीं, इंतजार में खड़े फरियादी
संवाद न्यूज़ एजेंसी की टीम 10:45 पर कृषि विभाग पहुंची। यहां पर उप कृषि निदेशक डॉक्टर प्रमोद कुमार अपने दफ्तर में मौजूद नहीं थे। वहां मौजूद कर्मचारियों से पूछा तो बताया कि जानकारी नहीं है, कब आएंगे। साहब के न आने पर फरियादी परेशान नजर आए। टेढ़ा गांव निवासी संतोष कुमार की फार्मर रजिस्ट्री में आधार कार्ड में गलत नंबर छपा है। इस त्रुटि को सुधरवाने के लिए वह आए हुए थे। संतोष का कहना है कि वह 10:30 पर यहां आ गए थे और तभी से इंतजार कर रहे है। बाबू बता रहे है कि जब साहब आएंगे तो उन्हीं के अंगूठा निशानी से आईडी खुलेगी। कुरारा निवासी गंगाचरण, मंगलपुर निवासी विजय कुमार भी साहब के इंतजार में खड़े नजर आए। उक्त किसानों का कहना है कि समय पर आ गए थे, लेकिन यहां पर काम ही नहीं हुआ।