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Hamirpur News: यक्ष एप से निगरानी...एक क्लिक पर खुलेगी बदमाशों की कुंडली
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एक्सक्लूसिव खबर:
फोटो 25 एचएएमपी 12- मुख्यालय स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय। संवाद
- एप में फोटो, अंगुलियों के निशान से लेकर बदमाशों की आवाज के नमूने तक का रिकॉर्ड होगा
- अब पहचान छिपाने के बाद भी नहीं बच पाएंगे अपराधी,
अनूप सिंह
हमीरपुर। पुलिसिंग व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जिले में यक्ष एप को सक्रिय किया गया है। यह एप अपराधियों की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करेगा। यक्ष एप को पुलिस विभाग के पूर्व संचालित एप्स... बीट, त्रिनेत्र, पहचान और प्रहरी को मिलाकर विकसित किया गया है।
इसका मुख्य उद्देश्य जिले में जघन्य या सनसनीखेज अपराध करने वाले अपराधियों का उनके मूल स्थान पर थाने के आधार पर सत्यापन करना है। यह एप पुलिस को अपराध रोकने में मदद करेगा, साथ ही इससे हिस्ट्रीशीटर, जिलाबदर, वांटेड, अपराधियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा सकेगी।
एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित एप जिले में सक्रिय अपराधियों का पूरा कच्चा चिट्ठा अब एक खास यक्ष एप में दर्ज होगा। इस एप में अपराधियों की फोटो, अंगुलियों के निशान से लेकर उनकी आवाज के नमूने तक का रिकॉर्ड होगा। यदि अपराधी हुलिया बदलकर फर्जी नाम से या स्थान बदलकर रह रहा है, तो इस तकनीक से दोबारा अपराध करने वालों की पहचान करना आसान होगा। अब पुलिस को अपराधियों की पहचान के लिए हफ्तों तक का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि महज एक क्लिक पर उसका पूरा आपराधिक इतिहास स्क्रीन पर होगा।
यक्ष एप में हर अपराधी को एक अलग यूनिक नंबर दिया गया है। यह नंबर आधार कार्ड की तरह काम करेगा। इस नंबर से पुलिस को उस अपराधी का नाम, पता, परिवार और आपराधिक इतिहास की पूरी जानकारी मिल जाएगी। अगर अपराधी दूसरे जिले में पकड़ा जाता है तो वहां की पुलिस उस यूनिक आईडी के जरिए उसका पूरा रिकॉर्ड देख सकेगी। यहां तक कि किसी अपराधी के जेल से बाहर आने की जानकारी पुलिस को तत्काल मिल जाएगी। (संवाद)
जिले के 12364 अपराधी चिह्नित, 308 गैंग सदस्य सक्रिय
13 थानों व 73 चौकियों के माध्यम से जिले के 667 गांवों में यक्ष एप के जरिए 317 बीटों में 600 पुलिसकर्मियों को सक्रिय कर अपराधियों की निगरानी तंत्र मजबूत किया गया है। पुलिस द्वारा जिले में कुल 12364 अपराधियों को चिह्नित किया है। इनमें 1067 हिस्ट्रीशीटर शामिल हैं। इसके अलावा 44 जिला स्तरीय गैंग, 08 राज्य स्तरीय गैंग, 11 अन्य जिलों व 04 प्रदेशों से जुड़े अपराधियों समेत कुल 67 सूचीबद्ध किए गए हैं।वर्तमान में इन दिनों गैंगों में करीब 308 सदस्य सक्रिय हैं।
वर्जन
त्रिनेत्र एप, प्रहरी एप व बीट पुलिसिंग एप में दर्ज डाटा को यक्ष एप में फीड किया जा रहा है। सभी बीट सिपाहियों, बीट दरोगा और थाना प्रभारी के मोबाइल पर यक्ष एप डाउनलाेड कराया गया है। इस एप से अपराधों की रोकथाम और अपराधियों पर कार्रवाई करने में प्रभावी मदद मिलेगी।-डॉ. दीक्षा शर्मा, पुलिस अधीक्षक हमीरपुर
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फोटो 25 एचएएमपी 12- मुख्यालय स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय। संवाद
- एप में फोटो, अंगुलियों के निशान से लेकर बदमाशों की आवाज के नमूने तक का रिकॉर्ड होगा
- अब पहचान छिपाने के बाद भी नहीं बच पाएंगे अपराधी,
अनूप सिंह
हमीरपुर। पुलिसिंग व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जिले में यक्ष एप को सक्रिय किया गया है। यह एप अपराधियों की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करेगा। यक्ष एप को पुलिस विभाग के पूर्व संचालित एप्स... बीट, त्रिनेत्र, पहचान और प्रहरी को मिलाकर विकसित किया गया है।
इसका मुख्य उद्देश्य जिले में जघन्य या सनसनीखेज अपराध करने वाले अपराधियों का उनके मूल स्थान पर थाने के आधार पर सत्यापन करना है। यह एप पुलिस को अपराध रोकने में मदद करेगा, साथ ही इससे हिस्ट्रीशीटर, जिलाबदर, वांटेड, अपराधियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा सकेगी।
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एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित एप जिले में सक्रिय अपराधियों का पूरा कच्चा चिट्ठा अब एक खास यक्ष एप में दर्ज होगा। इस एप में अपराधियों की फोटो, अंगुलियों के निशान से लेकर उनकी आवाज के नमूने तक का रिकॉर्ड होगा। यदि अपराधी हुलिया बदलकर फर्जी नाम से या स्थान बदलकर रह रहा है, तो इस तकनीक से दोबारा अपराध करने वालों की पहचान करना आसान होगा। अब पुलिस को अपराधियों की पहचान के लिए हफ्तों तक का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि महज एक क्लिक पर उसका पूरा आपराधिक इतिहास स्क्रीन पर होगा।
यक्ष एप में हर अपराधी को एक अलग यूनिक नंबर दिया गया है। यह नंबर आधार कार्ड की तरह काम करेगा। इस नंबर से पुलिस को उस अपराधी का नाम, पता, परिवार और आपराधिक इतिहास की पूरी जानकारी मिल जाएगी। अगर अपराधी दूसरे जिले में पकड़ा जाता है तो वहां की पुलिस उस यूनिक आईडी के जरिए उसका पूरा रिकॉर्ड देख सकेगी। यहां तक कि किसी अपराधी के जेल से बाहर आने की जानकारी पुलिस को तत्काल मिल जाएगी। (संवाद)
जिले के 12364 अपराधी चिह्नित, 308 गैंग सदस्य सक्रिय
13 थानों व 73 चौकियों के माध्यम से जिले के 667 गांवों में यक्ष एप के जरिए 317 बीटों में 600 पुलिसकर्मियों को सक्रिय कर अपराधियों की निगरानी तंत्र मजबूत किया गया है। पुलिस द्वारा जिले में कुल 12364 अपराधियों को चिह्नित किया है। इनमें 1067 हिस्ट्रीशीटर शामिल हैं। इसके अलावा 44 जिला स्तरीय गैंग, 08 राज्य स्तरीय गैंग, 11 अन्य जिलों व 04 प्रदेशों से जुड़े अपराधियों समेत कुल 67 सूचीबद्ध किए गए हैं।वर्तमान में इन दिनों गैंगों में करीब 308 सदस्य सक्रिय हैं।
वर्जन
त्रिनेत्र एप, प्रहरी एप व बीट पुलिसिंग एप में दर्ज डाटा को यक्ष एप में फीड किया जा रहा है। सभी बीट सिपाहियों, बीट दरोगा और थाना प्रभारी के मोबाइल पर यक्ष एप डाउनलाेड कराया गया है। इस एप से अपराधों की रोकथाम और अपराधियों पर कार्रवाई करने में प्रभावी मदद मिलेगी।-डॉ. दीक्षा शर्मा, पुलिस अधीक्षक हमीरपुर
