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Hamirpur News: आउटसोर्सिंग कर्मी ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग में की शिकायत
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मौदहा। आउटसोर्सिंग पर कार्यरत एक चालक ने चेयरमैन और अधिशासी अधिकारी पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। उसने बदले की भावना से नौकरी से हटाने का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग में शिकायत की है। हैदरगंज निवासी विकास मधुपिया पिछले 10 वर्षों से नगर पालिका परिषद में आउटसोर्सिंग चालक के रूप में कार्यरत था।
विकास मधुपिया ने आयोग को भेजे पत्र में बताया कि 16 जुलाई को उसे कार्यालय बुलाया गया। उसका मोबाइल लेकर डेटा देखा गया और फिर उसे चालक पद से हटा दिया गया। उसने आरोप लगाया कि इससे पहले भी अधिशासी अधिकारी ने उसके साथ मारपीट व अभद्र व्यवहार किया था। जातिसूचक शब्दों के प्रयोग की शिकायत उसने शासन और जनसुनवाई पोर्टल पर की थी जिसकी जांच भी हुई थी। चालक का दावा है कि पूर्व शिकायत का बदला लेने के लिए उसे पद से हटाया गया है। उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है और परिवार को भी नौकरी से हटाने की धमकी देने का आरोप है।
पालिका अध्यक्ष रजामोहम्मद ने बताया कि चालक के खिलाफ झगड़ा और हरिजन एक्ट की धमकी देने की शिकायतें मिली थीं। इसकी जानकारी संबंधित कंपनी को दी गई, जिसके बाद उसे नौकरी से हटाया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर पालिका स्तर से कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अधिशासी अधिकारी सीमा तोमर ने भी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि चालक द्वारा कस्बे के लोगों से लगातार अभद्रता की शिकायतें आती थीं जिसके बाद कंपनी ने उसे नौकरी से निकाला।
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विकास मधुपिया ने आयोग को भेजे पत्र में बताया कि 16 जुलाई को उसे कार्यालय बुलाया गया। उसका मोबाइल लेकर डेटा देखा गया और फिर उसे चालक पद से हटा दिया गया। उसने आरोप लगाया कि इससे पहले भी अधिशासी अधिकारी ने उसके साथ मारपीट व अभद्र व्यवहार किया था। जातिसूचक शब्दों के प्रयोग की शिकायत उसने शासन और जनसुनवाई पोर्टल पर की थी जिसकी जांच भी हुई थी। चालक का दावा है कि पूर्व शिकायत का बदला लेने के लिए उसे पद से हटाया गया है। उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है और परिवार को भी नौकरी से हटाने की धमकी देने का आरोप है।
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पालिका अध्यक्ष रजामोहम्मद ने बताया कि चालक के खिलाफ झगड़ा और हरिजन एक्ट की धमकी देने की शिकायतें मिली थीं। इसकी जानकारी संबंधित कंपनी को दी गई, जिसके बाद उसे नौकरी से हटाया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर पालिका स्तर से कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अधिशासी अधिकारी सीमा तोमर ने भी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि चालक द्वारा कस्बे के लोगों से लगातार अभद्रता की शिकायतें आती थीं जिसके बाद कंपनी ने उसे नौकरी से निकाला।
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