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Hamirpur News: जर्जर चिकासी-मोहाना पुल की मरम्मत शुरू
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- शुरुआती चरण में ज्वाइंट हटाने के बाद रॉड के गड्ढों की होगी मरम्मत
- एक-दो दिन तक लोगों को पैदल आवागमन की छूट संभव
फोटो 05 एचएएमपी 21- पुल की स्लैब उखाड़ते कर्मचारी। संवाद
फोटो 05 एचएएमपी 22- पुल पर लगाई गई बैरिकेडिंग। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। बेतवा नदी पर करीब 50 साल पुराने जर्जर चिकासी-मोहाना पुल की मरम्मत का काम बृहस्पतिवार शाम शुरू होने से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। वर्षों से उपेक्षा का शिकार इस पुल की स्लैब उखड़ने, सरिया बाहर निकलने और बड़े-बड़े गड्ढों के कारण यह कभी भी बड़े हादसे का सबब बन सकता था। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने पुल को आवागमन के लिए पूरी तरह से बंद कर मरम्मत कार्य शुरू किया है। हालांकि जरूरतमंद लोगों को एक-दो दिन तक पैदल आवागमन की छूट मिल सकती है।
पीडब्ल्यूडी ने पुल की मरम्मत का कार्य सनराइजर्स इंजीनियरिंग कंपनी को सौंपा गया है। कार्य के पहले चरण में बृहस्पतिवार शाम चार बजे से रात आठ बजे तक पुल के ज्वाइंट को तोड़ने का काम किया गया। रात में सुरक्षा के मद्देनजर पुल पर बैरिकेडिंग कर दी गई है और कर्मचारियों को निगरानी के लिए तैनात किया गया है। शुक्रवार सुबह आठ बजे से दोबारा काम प्रारंभ होगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार ज्वाइंट हटाने के बाद पुल में बने गड्ढों की मरम्मत की जाएगी और फिर नए ज्वाइंट लगाए जाएंगे। मरम्मत कार्य के दौरान वाहनों के लिए पुल पूरी तरह से बंद रहेगा।
लोक निर्माण विभाग की टीम मौके पर मौजूद रहकर लोगों को स्थिति से अवगत करा रही है और वैकल्पिक मार्गों की जानकारी भी प्रदान कर रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि कुछ दिनों की असुविधा के बावजूद पुल की मरम्मत एक आवश्यक कदम थी। उन्होंने उम्मीद जताई है कि यह कार्य समय-सीमा के भीतर पूरा हो जाएगा जिससे भविष्य में आवागमन सुरक्षित हो सकेगा।
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ग्रामीणों ने बताया जरूरी था काम
फोटो 05 एचएएमपी 23- जितेंद्र सिंह
चिकासी निवासी जितेंद्र सिंह ने कहा कि पुल की हालत बेहद खराब हो चुकी थी। स्लैब निकल आई थी और जगह-जगह गड्ढे हो गए थे। इस पर चलना जान जोखिम में डालने जैसा था। मरम्मत से थोड़ी परेशानी जरूर होगी लेकिन यह काम बेहद जरूरी था। पुल की मरम्मत से बड़ी सहूलियत मिलेगी।
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फोटो 05 एचएएमपी 24- बृजेश राजपूत
हरदुआ गांव के प्रधान बृजेश राजपूत ने बताया कि पुल पूरी तरह जर्जर हो चुका था। कई बार शिकायतें की गईं लेकिन अब जाकर मरम्मत शुरू हुई है। करीब 50 साल पुराने इस पुल की मरम्मत से क्षेत्र के लोगों को राहत मिलेगी। विभाग की टीम मौके पर रहकर लोगों को समझा भी रही है।
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फोटो 05 एचएएमपी 25-मुकेश
गोहांड निवासी मुकेश ने बताया कि वह गुरुवार को उरई के न्यू मंगलम गेस्ट हाउस में रिश्तेदारी की शादी में गए थे। लौटते समय रात हो गई और पुल बंद होने के कारण उन्हें बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से लंबा चक्कर लगाकर आना पड़ा। उन्होंने कहा कि पुल की हालत सचमुच बहुत खराब थी। मरम्मत होने से क्षेत्र की करीब दो लाख आबादी को लाभ मिलेगा।
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फोटो 05 एचएएमपी 26- मोहम्मद सलीम
मोहाना निवासी मोहम्मद सलीम ने बताया कि उन्हें बेतवा नदी के उस पार चिकासी गांव में भोज कार्यक्रम में जाना था। पुल बंद होने के कारण वह पैदल पुल से पहुंचे। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने बताया है कि जरूरतमंद पैदल राहगीरों को एक-दो दिन तक आवागमन में छूट दी जा सकती है।
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वर्जन
चिकासी–मोहाना पुल की हालत काफी खराब हो चुकी थी। सुरक्षा को देखते हुए पुल को बंद कर मरम्मत कार्य शुरू कराया गया है। काम चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। प्रयास है कि मरम्मत कार्य निर्धारित समय में पूरा कर आवागमन जल्द से जल्द सामान्य किया जाए।-दृगपाल वर्मा, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग सीडी-1
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- एक-दो दिन तक लोगों को पैदल आवागमन की छूट संभव
फोटो 05 एचएएमपी 21- पुल की स्लैब उखाड़ते कर्मचारी। संवाद
फोटो 05 एचएएमपी 22- पुल पर लगाई गई बैरिकेडिंग। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। बेतवा नदी पर करीब 50 साल पुराने जर्जर चिकासी-मोहाना पुल की मरम्मत का काम बृहस्पतिवार शाम शुरू होने से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। वर्षों से उपेक्षा का शिकार इस पुल की स्लैब उखड़ने, सरिया बाहर निकलने और बड़े-बड़े गड्ढों के कारण यह कभी भी बड़े हादसे का सबब बन सकता था। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने पुल को आवागमन के लिए पूरी तरह से बंद कर मरम्मत कार्य शुरू किया है। हालांकि जरूरतमंद लोगों को एक-दो दिन तक पैदल आवागमन की छूट मिल सकती है।
पीडब्ल्यूडी ने पुल की मरम्मत का कार्य सनराइजर्स इंजीनियरिंग कंपनी को सौंपा गया है। कार्य के पहले चरण में बृहस्पतिवार शाम चार बजे से रात आठ बजे तक पुल के ज्वाइंट को तोड़ने का काम किया गया। रात में सुरक्षा के मद्देनजर पुल पर बैरिकेडिंग कर दी गई है और कर्मचारियों को निगरानी के लिए तैनात किया गया है। शुक्रवार सुबह आठ बजे से दोबारा काम प्रारंभ होगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार ज्वाइंट हटाने के बाद पुल में बने गड्ढों की मरम्मत की जाएगी और फिर नए ज्वाइंट लगाए जाएंगे। मरम्मत कार्य के दौरान वाहनों के लिए पुल पूरी तरह से बंद रहेगा।
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लोक निर्माण विभाग की टीम मौके पर मौजूद रहकर लोगों को स्थिति से अवगत करा रही है और वैकल्पिक मार्गों की जानकारी भी प्रदान कर रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि कुछ दिनों की असुविधा के बावजूद पुल की मरम्मत एक आवश्यक कदम थी। उन्होंने उम्मीद जताई है कि यह कार्य समय-सीमा के भीतर पूरा हो जाएगा जिससे भविष्य में आवागमन सुरक्षित हो सकेगा।
ग्रामीणों ने बताया जरूरी था काम
फोटो 05 एचएएमपी 23- जितेंद्र सिंह
चिकासी निवासी जितेंद्र सिंह ने कहा कि पुल की हालत बेहद खराब हो चुकी थी। स्लैब निकल आई थी और जगह-जगह गड्ढे हो गए थे। इस पर चलना जान जोखिम में डालने जैसा था। मरम्मत से थोड़ी परेशानी जरूर होगी लेकिन यह काम बेहद जरूरी था। पुल की मरम्मत से बड़ी सहूलियत मिलेगी।
फोटो 05 एचएएमपी 24- बृजेश राजपूत
हरदुआ गांव के प्रधान बृजेश राजपूत ने बताया कि पुल पूरी तरह जर्जर हो चुका था। कई बार शिकायतें की गईं लेकिन अब जाकर मरम्मत शुरू हुई है। करीब 50 साल पुराने इस पुल की मरम्मत से क्षेत्र के लोगों को राहत मिलेगी। विभाग की टीम मौके पर रहकर लोगों को समझा भी रही है।
फोटो 05 एचएएमपी 25-मुकेश
गोहांड निवासी मुकेश ने बताया कि वह गुरुवार को उरई के न्यू मंगलम गेस्ट हाउस में रिश्तेदारी की शादी में गए थे। लौटते समय रात हो गई और पुल बंद होने के कारण उन्हें बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से लंबा चक्कर लगाकर आना पड़ा। उन्होंने कहा कि पुल की हालत सचमुच बहुत खराब थी। मरम्मत होने से क्षेत्र की करीब दो लाख आबादी को लाभ मिलेगा।
फोटो 05 एचएएमपी 26- मोहम्मद सलीम
मोहाना निवासी मोहम्मद सलीम ने बताया कि उन्हें बेतवा नदी के उस पार चिकासी गांव में भोज कार्यक्रम में जाना था। पुल बंद होने के कारण वह पैदल पुल से पहुंचे। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने बताया है कि जरूरतमंद पैदल राहगीरों को एक-दो दिन तक आवागमन में छूट दी जा सकती है।
वर्जन
चिकासी–मोहाना पुल की हालत काफी खराब हो चुकी थी। सुरक्षा को देखते हुए पुल को बंद कर मरम्मत कार्य शुरू कराया गया है। काम चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। प्रयास है कि मरम्मत कार्य निर्धारित समय में पूरा कर आवागमन जल्द से जल्द सामान्य किया जाए।-दृगपाल वर्मा, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग सीडी-1
