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Hamirpur News: लैब, ब्लड बैंक व ओपीडी में जिम्मेदार नदारद, भटकते रहे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Tue, 03 Mar 2026 09:57 PM IST
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हमीरपुर। होली के अवसर पर जिला अस्पताल की पड़ताल में स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत सामने आई। ओपीडी में 10:40 बजे कुछ डॉक्टर अपने कक्ष में नहीं मिले। इतना ही नहीं लैब से लेकर ब्लड बैंक तक में जिम्मेदार नदारद मिले। इससे इलाज को आए मरीज परेशान दिखे।
मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी 12 बजे तक रही। कुल 173 मरीज अपना इलाज कराने पहुंचे। ओपीडी की पड़ताल करने पहुंची टीम सबसे पहले सुबह 10:35 बजे त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अतुल वर्मा के कक्ष पर पहुंची। यहां उनकी कुर्सी खाली मिली। स्टाफ ने बताया कि वह अभी राउंड पर हैं। हालांकि वह 10:38 पर आ गए और मरीजों को देखना शुरू किया। इसके बाद 10:40 बजे फिजिशियन कक्ष संख्या 114 खाली मिला। फिजिशियन डॉ. परमेंद्र प्रजापति नदारद मिले और ओपीडी कक्ष की बिजली भी बंद रही। यहां कोई स्टाफ भी नहीं था। 10:42 बजे दंतरोग विशेषज्ञ के कक्ष में भी डॉक्टर नहीं मिले। मरीज कक्ष के बाहर खड़े होकर चिकित्सक का इंतजार करते रहे। टीम जब डॉक्टरों की गैरहाजिरी पर सीएमएस से जानकारी लेने 10:50 बजे उनके कक्ष में पहुंची तो वह भी नहीं थे। हालांकि वहां मौजूद स्टाफ ने बताया कि वह वार्ड में राउंड पर गए हुए हैं। वहीं, एनआरसी वार्ड में एक भी बच्चा भर्ती नहीं मिला। हालांकि आज रोज की तुलना में मरीजों की संख्या बहुत कम रही।
ब्लड बैंक में खाली रहीं कुर्सियां
जिला अस्पताल की ब्लडबैंक में अवकाश जैसा नजारा देखने को मिला। कुर्सियां खाली पड़ी हुई थी। ब्लड बैंक प्रभारी की कुर्सी खाली थी, लैब टेक्नीशियन से लेकर स्टाफ में भी कोई कर्मचारी नहीं मिला। अच्छा रहा कि किसी मरीज को तत्काल खून की जरूरत नहीं पड़ी, अन्यथा की स्थिति में उसे वहां के स्टाफ को ही खोजने में परेशान होना पड़ता।
एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशाला में सन्नाटा
होली पर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने का प्रयास स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की लापरवाही से सफल नहीं दिख रहा है। मंगलवार को ओपीडी खुली और मरीज भी जांच पड़ताल कराने पहुंचे, लेकिन प्रयोगशाला में सन्नाटा रहा। जब टीम 11 बजे पहुंची तो वहां पर स्टाफ का एक भी कर्मचारी नहीं मिला। प्रयोगशाला का गेट अंदर से बंद था, आवाज भी दी गई लेकिन कोई नहीं आया।
45 मिनट से कर रहे इंतजार
शहर के सुभाष बाजार निवासी भरत कुमार पाठक अपनी पत्नी शालिनी को लेकर अस्पताल आए। उन्होंने बताया कि पत्नी को दांत में परेशानी थी, पर्चा बनवाने के बाद डॉक्टर का इंतजार करते हुए 45 मिनट हो गए, लेकिन अभी तक कोई नहीं आया। डॉक्टर आएंगे या नहीं इसकी भी कोई जानकारी नहीं दे रहा।
उपचार कराने आया, लेकिन इंतजार में बीता समय
छानी बुजुर्ग गांव निवासी फूलचंद्र का कहना है कि होली पर ओपीडी खुलने की जानकारी अमर उजाला के माध्यम से हुई तो इलाज कराने आ गया। सुबह से यहां आया हूं, लेकिन अभी तक डॉक्टर नहीं आए है। इंतजार करते हुए एक घंटा होने को है। ऐसा लग रहा कि बगैर उपचार कराए ही वापस लौटना पड़ेगा।
ओपीडी का समय दोपहर 12 बजे तक रहा है। एनआरसी में डॉक्टर के गैरहाजिर रहने पर बोले कि इमरजेंसी में एक मरीज आ गया था, जिसके चलते उन्हें बुलाया गया था। मैं राउंड पर था। लैब, ब्लडबैंक व ओपीडी में अगर कोई डॉक्टर नहीं आया तो जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं डॉ. परमेंद्र प्रजापति अवकाश पर हैं।
डॉ. एसपी गुप्ता, सीएमएस जिला अस्पताल
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मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी 12 बजे तक रही। कुल 173 मरीज अपना इलाज कराने पहुंचे। ओपीडी की पड़ताल करने पहुंची टीम सबसे पहले सुबह 10:35 बजे त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अतुल वर्मा के कक्ष पर पहुंची। यहां उनकी कुर्सी खाली मिली। स्टाफ ने बताया कि वह अभी राउंड पर हैं। हालांकि वह 10:38 पर आ गए और मरीजों को देखना शुरू किया। इसके बाद 10:40 बजे फिजिशियन कक्ष संख्या 114 खाली मिला। फिजिशियन डॉ. परमेंद्र प्रजापति नदारद मिले और ओपीडी कक्ष की बिजली भी बंद रही। यहां कोई स्टाफ भी नहीं था। 10:42 बजे दंतरोग विशेषज्ञ के कक्ष में भी डॉक्टर नहीं मिले। मरीज कक्ष के बाहर खड़े होकर चिकित्सक का इंतजार करते रहे। टीम जब डॉक्टरों की गैरहाजिरी पर सीएमएस से जानकारी लेने 10:50 बजे उनके कक्ष में पहुंची तो वह भी नहीं थे। हालांकि वहां मौजूद स्टाफ ने बताया कि वह वार्ड में राउंड पर गए हुए हैं। वहीं, एनआरसी वार्ड में एक भी बच्चा भर्ती नहीं मिला। हालांकि आज रोज की तुलना में मरीजों की संख्या बहुत कम रही।
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ब्लड बैंक में खाली रहीं कुर्सियां
जिला अस्पताल की ब्लडबैंक में अवकाश जैसा नजारा देखने को मिला। कुर्सियां खाली पड़ी हुई थी। ब्लड बैंक प्रभारी की कुर्सी खाली थी, लैब टेक्नीशियन से लेकर स्टाफ में भी कोई कर्मचारी नहीं मिला। अच्छा रहा कि किसी मरीज को तत्काल खून की जरूरत नहीं पड़ी, अन्यथा की स्थिति में उसे वहां के स्टाफ को ही खोजने में परेशान होना पड़ता।
एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशाला में सन्नाटा
होली पर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने का प्रयास स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की लापरवाही से सफल नहीं दिख रहा है। मंगलवार को ओपीडी खुली और मरीज भी जांच पड़ताल कराने पहुंचे, लेकिन प्रयोगशाला में सन्नाटा रहा। जब टीम 11 बजे पहुंची तो वहां पर स्टाफ का एक भी कर्मचारी नहीं मिला। प्रयोगशाला का गेट अंदर से बंद था, आवाज भी दी गई लेकिन कोई नहीं आया।
45 मिनट से कर रहे इंतजार
शहर के सुभाष बाजार निवासी भरत कुमार पाठक अपनी पत्नी शालिनी को लेकर अस्पताल आए। उन्होंने बताया कि पत्नी को दांत में परेशानी थी, पर्चा बनवाने के बाद डॉक्टर का इंतजार करते हुए 45 मिनट हो गए, लेकिन अभी तक कोई नहीं आया। डॉक्टर आएंगे या नहीं इसकी भी कोई जानकारी नहीं दे रहा।
उपचार कराने आया, लेकिन इंतजार में बीता समय
छानी बुजुर्ग गांव निवासी फूलचंद्र का कहना है कि होली पर ओपीडी खुलने की जानकारी अमर उजाला के माध्यम से हुई तो इलाज कराने आ गया। सुबह से यहां आया हूं, लेकिन अभी तक डॉक्टर नहीं आए है। इंतजार करते हुए एक घंटा होने को है। ऐसा लग रहा कि बगैर उपचार कराए ही वापस लौटना पड़ेगा।
ओपीडी का समय दोपहर 12 बजे तक रहा है। एनआरसी में डॉक्टर के गैरहाजिर रहने पर बोले कि इमरजेंसी में एक मरीज आ गया था, जिसके चलते उन्हें बुलाया गया था। मैं राउंड पर था। लैब, ब्लडबैंक व ओपीडी में अगर कोई डॉक्टर नहीं आया तो जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं डॉ. परमेंद्र प्रजापति अवकाश पर हैं।
डॉ. एसपी गुप्ता, सीएमएस जिला अस्पताल
