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Hamirpur News: बीमा कंपनी को मृतक के आश्रित को देना होगा दो लाख
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हमीरपुर। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत सड़क दुर्घटना में मृत युवक के नामिनी को बीमा राशि न देने पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बीमा कंपनी को फटकार लगाई है। आयोग ने बीमा कंपनी को 45 दिन के भीतर दो लाख रुपये की बीमा धनराशि नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित अदा करने का आदेश दिया है। मानसिक कष्ट के लिए पांच हजार रुपये क्षतिपूर्ति और दो हजार रुपये वाद व्यय भी देने के निर्देश दिए हैं।
राठ तहसील क्षेत्र के औडेरा गांव निवासी तिलक राज ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में वाद दायर करते हुए बताया था कि उसके भाई मानसिंह का बचत खाता भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में संचालित था। खाते से 26 जून 2022 को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का प्रीमियम काटा गया था इस खाते में वह नामिनी था। भाई मानसिंह की 15 नवंबर 2022 को सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके बाद उसने बीमा क्लेम के लिए सभी दस्तावेज बैंक के माध्यम से कंपनी को भेज दिए लेकिन लंबे समय तक कोई भुगतान नहीं किया गया। अधिवक्ता के माध्यम से नोटिस भेजने के बावजूद कोई जवाब नहीं दिया गया।
वहीं, बीमा कंपनी ने आयोग में दावा किया कि उसे न तो कोई प्रीमियम प्राप्त हुआ और न ही संबंधित बीमा क्लेम की सूचना मिली। कंपनी ने यह भी कहा कि मानसिंह के नाम कोई पॉलिसी जारी नहीं की गई थी। हालांकि सुनवाई के दौरान बैंक ने स्पष्ट किया कि मृतक के खाते से प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का प्रीमियम काटा गया था और क्लेम भी बीमा कंपनी को भेजा गया था।
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बैंक ने आयोग के समक्ष दस्तावेज प्रस्तुत किए। सुनवाई के दौरान आयोग के अध्यक्ष महेश कुमार कुशवाहा, सदस्य राम प्रताप व स्वर्णलता जायसवाल ने अपने निर्णय में कहा कि जब सड़क दुर्घटना में मृत्यु होना अभिलेखों से प्रमाणित है और उसका कोई खंडन भी नहीं किया गया तब बीमा कंपनी की ओर से मनमाने तरीके से क्लेम लंबित रखना उचित नहीं है। आयोग ने बीमा कंपनी को बीमा राशि, ब्याज, क्षतिपूर्ति और वाद व्यय का भुगतान करने के आदेश दिए। इसके लिए 45 दिन की समय अवधि तय की है।
राठ तहसील क्षेत्र के औडेरा गांव निवासी तिलक राज ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में वाद दायर करते हुए बताया था कि उसके भाई मानसिंह का बचत खाता भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में संचालित था। खाते से 26 जून 2022 को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का प्रीमियम काटा गया था इस खाते में वह नामिनी था। भाई मानसिंह की 15 नवंबर 2022 को सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके बाद उसने बीमा क्लेम के लिए सभी दस्तावेज बैंक के माध्यम से कंपनी को भेज दिए लेकिन लंबे समय तक कोई भुगतान नहीं किया गया। अधिवक्ता के माध्यम से नोटिस भेजने के बावजूद कोई जवाब नहीं दिया गया।
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वहीं, बीमा कंपनी ने आयोग में दावा किया कि उसे न तो कोई प्रीमियम प्राप्त हुआ और न ही संबंधित बीमा क्लेम की सूचना मिली। कंपनी ने यह भी कहा कि मानसिंह के नाम कोई पॉलिसी जारी नहीं की गई थी। हालांकि सुनवाई के दौरान बैंक ने स्पष्ट किया कि मृतक के खाते से प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का प्रीमियम काटा गया था और क्लेम भी बीमा कंपनी को भेजा गया था।
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