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Hamirpur News: सिंचाई विभाग की नोटिस की समयावधि पूरी, कब्जाधारकों की मुश्किलें बढ़ीं
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Mon, 09 Mar 2026 12:25 AM IST
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भरुआ सुमेरपुर(हमीरपुर)। कस्बे में सिंचाई विभाग की बंधी को क्षतिग्रस्त कर उस पर बने मकान, दुकान और कार्यालयों को लेकर कार्रवाई की आशंका तेज हो गई है। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में सिंचाई विभाग की ओर से जारी नोटिस की समयावधि पूरी होते ही कब्जाधारकों की धड़कनें बढ़ने लगी हैं। अब सभी की निगाहें सिंचाई विभाग के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
बताया जाता है कि कस्बे की सिंचाई विभाग की बंधी संख्या-2 पर दो दशक से लगभग सौ लोगों ने कब्जा कर रखा है। इस कब्जे को हटाने के लिए सरीला तहसील के रहटिया गांव निवासी श्यामबाबू यादव ने वर्ष 2021 में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने सिंचाई विभाग से रिपोर्ट मांगी थी, इसमें 95 लोगों को कब्जाधारी के रूप में चिह्नित किया गया।
रिपोर्ट के अवलोकन के बाद न्यायालय ने नवंबर 2021 में कब्जा ध्वस्तीकरण के आदेश दिए थे। आदेश के अनुपालन के लिए प्रशासन ने छह माह का समय मांगा था, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया था। जनवरी माह में कस्बे में हुई दुष्कर्म की घटना के बाद यह मामला फिर सुर्खियों में आया, क्योंकि घटना इसी बंधी को ध्वस्त करके बनाए गए इंडिया लाज उर्फ इंडियन लाज में हुई थी। इसके बाद सक्रिय हुए सिंचाई विभाग महोबा ने 20 फरवरी को कब्जाधारकों को अंतिम नोटिस जारी कर कब्जा हटाने के निर्देश दिए थे। नोटिस की समयावधि सात मार्च को समाप्त हो गई है।
एसडीएम सदर केडी शर्मा ने बताया कि सिंचाई विभाग की नोटिस के बाद अब उनकी अदालत से भी नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
जिस स्थान के लिए दाखिल हुई थी याचिका, वहां आज भी अस्थायी अतिक्रमण
भरुआ सुमेरपुर। सिंचाई विभाग की बंधी संख्या-2 में जिस स्थान से रास्ता दिलाने के लिए जनहित याचिका दाखिल की गई थी, वहां आज भी अस्थायी अतिक्रमण बना हुआ है, जबकि बंधी के अन्य हिस्सों में स्थायी कब्जे हैं। बंधी के अंदर आबादी बसी हुई है और बाहर बांदा मार्ग स्थित है। बस स्टैंड से लेकर रेलवे स्टेशन के बाहर तक बंधी के ऊपर लोगों ने कब्जा कर दुकानें, मकान और कार्यालय बना लिए हैं। बंधी के अंदर रहने वाले लोग सामने से रास्ता न होने के कारण अन्य रास्तों से आवागमन करते हैं।
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बताया जाता है कि कस्बे की सिंचाई विभाग की बंधी संख्या-2 पर दो दशक से लगभग सौ लोगों ने कब्जा कर रखा है। इस कब्जे को हटाने के लिए सरीला तहसील के रहटिया गांव निवासी श्यामबाबू यादव ने वर्ष 2021 में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने सिंचाई विभाग से रिपोर्ट मांगी थी, इसमें 95 लोगों को कब्जाधारी के रूप में चिह्नित किया गया।
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रिपोर्ट के अवलोकन के बाद न्यायालय ने नवंबर 2021 में कब्जा ध्वस्तीकरण के आदेश दिए थे। आदेश के अनुपालन के लिए प्रशासन ने छह माह का समय मांगा था, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया था। जनवरी माह में कस्बे में हुई दुष्कर्म की घटना के बाद यह मामला फिर सुर्खियों में आया, क्योंकि घटना इसी बंधी को ध्वस्त करके बनाए गए इंडिया लाज उर्फ इंडियन लाज में हुई थी। इसके बाद सक्रिय हुए सिंचाई विभाग महोबा ने 20 फरवरी को कब्जाधारकों को अंतिम नोटिस जारी कर कब्जा हटाने के निर्देश दिए थे। नोटिस की समयावधि सात मार्च को समाप्त हो गई है।
एसडीएम सदर केडी शर्मा ने बताया कि सिंचाई विभाग की नोटिस के बाद अब उनकी अदालत से भी नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
जिस स्थान के लिए दाखिल हुई थी याचिका, वहां आज भी अस्थायी अतिक्रमण
भरुआ सुमेरपुर। सिंचाई विभाग की बंधी संख्या-2 में जिस स्थान से रास्ता दिलाने के लिए जनहित याचिका दाखिल की गई थी, वहां आज भी अस्थायी अतिक्रमण बना हुआ है, जबकि बंधी के अन्य हिस्सों में स्थायी कब्जे हैं। बंधी के अंदर आबादी बसी हुई है और बाहर बांदा मार्ग स्थित है। बस स्टैंड से लेकर रेलवे स्टेशन के बाहर तक बंधी के ऊपर लोगों ने कब्जा कर दुकानें, मकान और कार्यालय बना लिए हैं। बंधी के अंदर रहने वाले लोग सामने से रास्ता न होने के कारण अन्य रास्तों से आवागमन करते हैं।
