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Hamirpur News: सीएचसी में डॉक्टरों की कमी से नहीं हो पा रहा इलाज
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फोटो 02 एचएएमपी 16- राठ सीएचसी में इलाज न होने पर मरीज को ले जाते तीमारदार। संवाद
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राठ (हमीरपुर)। डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे सीएचसी में मरीजों को समुचित उपचार नहीं हो रहा है। शनिवार को अधीक्षक के अलावा कोई दूसरा डॉक्टर मौजूद नहीं था। इलाज न होने पर मरीजों ने एसडीएम व सीएमओ को फोन पर शिकायत की है।
नगर की करीब डेढ़ लाख की आबादी सहित ग्रामीण क्षेत्र, गोहांड, सरीला, मुस्करा ब्लाक की बड़ी आबादी इलाज के लिए सीएचसी पर आश्रित है। अस्पताल में अधीक्षक डॉ. अरविंद यादव, एमबीबीएस डॉ. कनिष्क माहुर, डॉ. माजिद अहमद खां, डॉ. राघव सिंह, बीडीएस डॉ. सुरभि यादव, डॉ. सुबोध मिश्रा व आयुष चिकित्सक डॉ. दयाशंकर वर्मा की तैनाती है। अधीक्षक अरविंद यादव हड्डी रोग विशेषज्ञ हैं। उनके पास हड्डी रोग से संबंधित करीब एक सैकड़ा से अधिक मरीज प्रतिदिन पहुंचते हैं। डॉ. कनिष्क माहुर कभी ओपीडी में तो कभी इमरजेंसी ड्यूटी करते हैं।
डॉ. राघव सिंह लंबी छुट्टी पर हैं। वही आयुष चिकित्सक दयाशंकर वर्मा प्रतिदिन ओपीडी संभालने के साथ ही एक दिन इमरजेंसी ड्यूटी करते हैं। शनिवार को अधीक्षक अपने कक्ष में बैठकर मरीज देख रहे थे। फार्मासिस्ट के जिम्मे इमरजेंसी सेवा रही। वहीं ओपीडी में कोई डॉक्टर नहीं मिला। 230 मरीजों का पंजीकरण हुआ जो इलाज के लिए भटकते रहे। रामअवतार, गुलाब, शिवसिंह, कैलाश आदि ने बताया कि सुबह से इलाज के लिए डॉक्टरों का इंतजार करते रहे। मरीजों की शिकायत पर नायब तहसीलदार सुभाष वर्मा पहुंचे व अस्पताल की व्यवस्था देखी। करीब 11.30 बजे डॉ. कनिष्क माहुर पहुंचे और इमरजेंसी में मरीजों का इलाज किया।
अधीक्षक डॉ. अरविंद यादव ने कहा कि वह अपने कक्ष में मरीज देख रहे थे। इलाज न होने की उन्हें किसी ने जानकारी नहीं दी। बताया कि डॉक्टरों की कमी है जिसके लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है।
तुर्रा मुहार के क्षेत्र पंचायत सदस्य रवि कुमार सोनी ने बताया कि धगवां निवासी साथी महेंद्र कुमार मार्ग दुर्घटना में घायल हो गए हैं। सीएचसी में डॉक्टर न होने पर आधा घंटे तक जमीन पर पड़े तड़पते रहे। अस्पताल स्टाफ ने जमीन पर लेटे हुए ही दर्द का इंजेक्शन लगा दिया। बताया कि इलाज न मिलने पर साथी को निजी अस्पताल में ले गए।
सरसई गांव निवासी देवपाल ने बताया कि पिता रसकलाल को शुक्रवार रात से उल्टी-दस्त हो रहे थे। शनिवार सुबह इमरजेंसी में ले गए जहां कोई डॉक्टर नहीं मिला। वार्ड बाॅय ने पिता को ड्रिप लगाई और इलाज किया। कहा कि इमरजेंसी में एक डॉक्टर होना जरूरी है जिससे आपात स्थिति में मरीजों को तुरंत इलाज मिल सके।
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नगर की करीब डेढ़ लाख की आबादी सहित ग्रामीण क्षेत्र, गोहांड, सरीला, मुस्करा ब्लाक की बड़ी आबादी इलाज के लिए सीएचसी पर आश्रित है। अस्पताल में अधीक्षक डॉ. अरविंद यादव, एमबीबीएस डॉ. कनिष्क माहुर, डॉ. माजिद अहमद खां, डॉ. राघव सिंह, बीडीएस डॉ. सुरभि यादव, डॉ. सुबोध मिश्रा व आयुष चिकित्सक डॉ. दयाशंकर वर्मा की तैनाती है। अधीक्षक अरविंद यादव हड्डी रोग विशेषज्ञ हैं। उनके पास हड्डी रोग से संबंधित करीब एक सैकड़ा से अधिक मरीज प्रतिदिन पहुंचते हैं। डॉ. कनिष्क माहुर कभी ओपीडी में तो कभी इमरजेंसी ड्यूटी करते हैं।
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डॉ. राघव सिंह लंबी छुट्टी पर हैं। वही आयुष चिकित्सक दयाशंकर वर्मा प्रतिदिन ओपीडी संभालने के साथ ही एक दिन इमरजेंसी ड्यूटी करते हैं। शनिवार को अधीक्षक अपने कक्ष में बैठकर मरीज देख रहे थे। फार्मासिस्ट के जिम्मे इमरजेंसी सेवा रही। वहीं ओपीडी में कोई डॉक्टर नहीं मिला। 230 मरीजों का पंजीकरण हुआ जो इलाज के लिए भटकते रहे। रामअवतार, गुलाब, शिवसिंह, कैलाश आदि ने बताया कि सुबह से इलाज के लिए डॉक्टरों का इंतजार करते रहे। मरीजों की शिकायत पर नायब तहसीलदार सुभाष वर्मा पहुंचे व अस्पताल की व्यवस्था देखी। करीब 11.30 बजे डॉ. कनिष्क माहुर पहुंचे और इमरजेंसी में मरीजों का इलाज किया।
अधीक्षक डॉ. अरविंद यादव ने कहा कि वह अपने कक्ष में मरीज देख रहे थे। इलाज न होने की उन्हें किसी ने जानकारी नहीं दी। बताया कि डॉक्टरों की कमी है जिसके लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है।
तुर्रा मुहार के क्षेत्र पंचायत सदस्य रवि कुमार सोनी ने बताया कि धगवां निवासी साथी महेंद्र कुमार मार्ग दुर्घटना में घायल हो गए हैं। सीएचसी में डॉक्टर न होने पर आधा घंटे तक जमीन पर पड़े तड़पते रहे। अस्पताल स्टाफ ने जमीन पर लेटे हुए ही दर्द का इंजेक्शन लगा दिया। बताया कि इलाज न मिलने पर साथी को निजी अस्पताल में ले गए।
सरसई गांव निवासी देवपाल ने बताया कि पिता रसकलाल को शुक्रवार रात से उल्टी-दस्त हो रहे थे। शनिवार सुबह इमरजेंसी में ले गए जहां कोई डॉक्टर नहीं मिला। वार्ड बाॅय ने पिता को ड्रिप लगाई और इलाज किया। कहा कि इमरजेंसी में एक डॉक्टर होना जरूरी है जिससे आपात स्थिति में मरीजों को तुरंत इलाज मिल सके।

फोटो 02 एचएएमपी 16- राठ सीएचसी में इलाज न होने पर मरीज को ले जाते तीमारदार। संवाद
