सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hapur News ›   220 crore tube well bill scam: Portal to be open for two months, proposal to be sent to the government

Hapur News: 220 करोड़ का नलकूप बिल घोटालाः दो महीने के लिए खुलेगा पोर्टल, शासन में जाएगा प्रस्ताव

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 18 Mar 2026 11:51 PM IST
विज्ञापन
220 crore tube well bill scam: Portal to be open for two months, proposal to be sent to the government
विज्ञापन
हापुड़। नलकूप बिल घोटाले से करीब दस हजार किसानों के बिगड़े बिलों को सही करने की तैयारी है। जिला मुख्यालय पर डीएम की अध्यक्षता में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में आवेदन के लिए पोर्टल को दो महीने तक खोलने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश मिले हैं। यह प्रस्ताव डीएम के माध्यम से शासन में जाएगा। अब किसानों के बिलों में जुड़कर आ रही 1200 करोड़ की गलत राशि को खत्म करने की तैयारी है।
Trending Videos

वर्ष 2004 में नलकूप बिल घोटाला सामने आया था। इसमें किसानों से नलकूप बिल का पैसा जमा करा लिया गया लेकिन राजस्व कोष में यह पैसा जमा नहीं किया गया। लेजर व अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड भी गायब कर दिया गया। उस समय घोटाले की राशि करीब 220 करोड़ रुपये आंकी गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस बीच करीब दो दशक तक विभिन्न संस्थाओं ने जांच की, लेकिन नतीजा शून्य ही रहा। वर्ष 2019 में तत्कालीन डीएम अदिति सिंह ने शासन में पत्र भेजा। इसके बाद फिर से जांच शुरू हो सकी। पिछले दिनों ऊर्जा निगम के हाईकमान ने पूरे प्रकरण का संज्ञान लिया। अधिकारिक तौर पर पहली बार एक पोर्टल लांच किया गया। जिसे करीब एक महीने तक खोला गया। तीनों डिवीजन से करीब 750 किसानों ने इस पोर्टल पर आवेदन किया। पोर्टल पर आवेदन के समय किसानों से शपथ पत्र, जमा बिल की रसीदें/किताब मांगी गई थी। इनका मिलान अब रिकॉर्ड से किया जा रहा है। अब किसानों के खातों में जुड़कर आ रही करीब 1200 करोड़ (220 करोड़ की धनराशि पर चक्रवर्ती ब्याज लगने के बाद यह राशि 1200 करोड़ से ऊपर पहुंच गई है।) से ज्यादा राशि को खत्म करने के लिए पहल शुरू हो गई है।
जिला मुख्यालय सभागार में डीएम अभिषेक पांडेय की अध्यक्षता में ऊर्जा निगम के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता सुभाष चंद्र, तीनों डिवीजन अधिशासी अभियंता और किसान मौजूद रहे। इसमें किसानों का पक्ष सुनकर निर्णय लिया गया कि पोर्टल को दो महीने के लिए खुलवाया जाए। क्योंकि बिल घोटाले से दस हजार से ज्यादा किसानों के बिल गड़बड़ हुए हैं, लेकिन आवेदन महज 750 ने किया है।

ऊर्जा निगम के अधिकारी यह प्रस्ताव तैयार करेंगे। इसके बाद डीएम के माध्यम से यह प्रस्ताव शासन में भेजा जाएगा। उम्मीद है कि इसी महीने फिर से दो महीने के लिए पोर्टल खोल दिया जाए। ताकि किसान अपना रिकॉर्ड और शपथ पत्र जमा कर सकें।



अधीक्षण अभियंता सुभाष चंद्र ने बताया कि किसानों के आवेदन को लेकर पोर्टल दो महीने तक खुलवाने के संबंध में प्रस्ताव शासन में भेजा जाएगा। डीएम की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed